अडाणी-अंबानी के बाद TATA का AI डेटा सेंटर पर बड़ा दांव, 264 एकड़ का 70 अरब रु. वाला हैदराबाद प्लान

अंबानी-अदाणी के बाद अब TATA ने खेला AI डेटा सेंटर पर बड़ा दांव, 264 एकड़ का 70000 करोड़ रुपये वाला प्लान किया पेश – tatas hypervault to build 1 gw ai data center in hyderabad

टाटा का हैदराबाद में 70,000 करोड़ का मेगा AI डेटा सेंटर प्लान (प्रतीकात्मक फोटो)

हैदराबाद में 264 एकड़ में बनेगा 1 GW AI डेटा सेंटर।

हाइपरवॉल्ट और पार्टनर करेंगे 70,000 करोड़ रुपये तक का निवेश।

यह कैंपस AI कंपनियों और हाइपरस्केलर्स की ज़रूरतें पूरी करेगा।

नई दिल्ली। एशिया के सबसे अमीर गौतम अदाणी और दिग्गज बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के बाद टाटा भी AI डेटा सेंटर में बड़ा दांव खेलने जा रही है। मार्केट कैप के लिहाज से टाटा की सबसे बड़ी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की डेटा सेंटर सब्सिडियरी, हाइपरवॉल्ट (HyperVault) ने हैदराबाद में 1 गीगावाट (GW) तक की क्षमता वाला एक बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर (TCS data center) कैंपस बनाने के लिए 264 एकड़ जमीन खरीदी है। हाइपरवॉल्ट और उसके पार्टनर इस इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाने और मैनेज करने में 70,000 करोड़ रुपये तक का निवेश कर सकते हैं। यह कैंपस ग्राहकों की मांग और बदलती टेक्नोलॉजी की जरूरतों के आधार पर अलग-अलग चरणों में बनाया जाएगा।

खास तौर पर बनाई जा रहा यह कैंपस AI कंपनियों और हाइपरस्केलर्स की जरूरतों को पूरा करेगा। इसका इंफ्रास्ट्रक्चर हाई-डेंसिटी ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) डिप्लॉयमेंट के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका इस्तेमाल AI ट्रेनिंग, इन्फरेंस और दूसरे एडवांस्ड कंप्यूटिंग कामों के लिए होता है। पूरी क्षमता पर काम करने पर, हैदराबाद का यह कैंपस भारत के सबसे बड़े और सबसे एडवांस्ड AI इंफ्रास्ट्रक्चर सेंटर्स में से एक होगा।

इस प्रोजेक्ट में ग्रीन एनर्जी और वॉटर-न्यूट्रल डिज़ाइन के सिद्धांतों को अपनाया जाएगा। इससे पावर, कूलिंग, नेटवर्किंग, कंस्ट्रक्शन, इंजीनियरिंग और डेटा सेंटर ऑपरेशन्स जैसे AI इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम में भी मांग बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी के मुताबिक, इस डेवलपमेंट से इलाके में हज़ारों की संख्या में डायरेक्ट और इनडायरेक्ट नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस प्रोजेक्ट को राज्य और भारत, दोनों के लिए “ऐतिहासिक” बताया और ग्लोबल AI इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में हैदराबाद की बढ़ती भूमिका पर ज़ोर दिया।

हाइपरवॉल्ट AI डेटा सेंटर के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर दीपेश किरण नंदा ने कहा कि कंपनी ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर बना रही है जो AI कंप्यूट की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें ज़्यादा-डेंसिटी वाले डिप्लॉयमेंट, लिक्विड कूलिंग, बड़े पावर ब्लॉक और तेज़ी से डिप्लॉयमेंट जैसी चीज़ें शामिल हैं। नंदा ने कहा, “हैदराबाद हमें फ्रंटियर AI कंपनियों और हाइपरस्केलर्स के लिए बड़े पैमाने पर इसे बनाने का आधार देता है।”

नवंबर 2026 में, TCS ने घोषणा की थी कि वह अपने AI डेटा सेंटर बिज़नेस, हाइपरवॉल्ट को फंड करने के लिए ग्लोबल अल्टरनेट एसेट मैनेजमेंट फर्म TPG के साथ मिलकर $2 बिलियन (18,000 करोड़ रुपये) का निवेश कर रही है। यह निवेश अगले कुछ वर्षों में किश्तों में किया जाएगा।

विशाखापट्टनम में बन रहा है सबसे बड़ा डेटा हब: अंबानी, अडानी के साथ गूगल भी करेगा निवेश

मुकेश अंबानी और गूगल मिलकर आंध्र प्रदेश की तस्वीर बदलने जा रहे हैं। विशाखापट्टनम में ₹2.6 लाख करोड़ के निवेश से दुनिया के सबसे अत्याधुनिक डेटा सेंटर्स बन रहे हैं। आखिर क्या है रिलायंस का मास्टर प्लान और कैसे यह शहर बनेगा भारत का नया टेक हब?

आंध्र प्रदेश का विशाखापट्टनम शहर अब भारत की डिजिटल दुनिया का नया केंद्र बनने जा रहा है। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज यहां ₹1.6 लाख करोड़ का भारी-भरकम निवेश करने वाली है। कंपनी यहां 1.5 गीगावाट क्षमता का एक विशाल डेटा सेंटर क्लस्टर बनाएगी। आंध्र प्रदेश सरकार ने इस बड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है।

रिलायंस का प्रोजेक्ट
रिलायंस अपना ये प्रोजेक्ट नए भोगापुरम एयरपोर्ट के पास बनाने जा रही है। इसके लिए कंपनी को करीब 935 एकड़ जमीन दी जाएगी।
काम की शुरुआत: रिलायंस पहले फेज में 500 मेगावाट का डेटा सेंटर बनाएगी, जो अक्टूबर 2028 तक शुरू हो सकता है।
बिजली की बचत: कंपनी यहां अपना खुद का सोलर पावर प्लांट और बैटरी सिस्टम लगाएगी, जिससे बिजली के लिए सरकारी ग्रिड पर निर्भर न रहना पड़े।

गूगल और अडाणी का AI हब
सिर्फ रिलायंस ही नहीं, दुनिया की दिग्गज कंपनी गूगल भी यहां $15 बिलियन खर्च कर रही है। बता दें कि गूगल ने इसके लिए अडाणी ग्रुप के साथ हाथ मिलाया है। ये दोनों मिलकर एक AI हब बनाएंगे, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े बड़े काम होंगे। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हाल ही में इस प्रोजेक्ट की नींव रखी है।
विजाग ही क्यों बन रहा है पहली पसंद?
आंध्र प्रदेश सरकार अपनी नई पॉलिसी में कंपनियों को भारी छूट दे रही है। जैसे कि टैक्स में राहत और मशीनों की खरीद पर अनुदान। साथ ही बताते चले रिलायंस और गूगल के अलावा सिफी , अडाणी और डिजिटल कनेक्शन जैसी कई और कंपनियां भी यहां अपने डेटा सेंटर खोल रही हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि विशाखापट्टनम को दुनिया के टॉप डिजिटल शहरों में शामिल किया जाए, जिससे ना सिर्फ राज्य की कमाई बढ़ेगी बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।

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