छांगुर पीर कन्वर्जन केस: 8वां संगी CJM कोर्ट क्लर्क राजेश उपाध्याय बंदी

छांगुर पीर मतांतरण केस:8ठवां सहयोगी राजेश उपाध्याय गिरफ्तार, CJM कोर्ट में है क्लर्क
बलरामपुर में मतांतरण सिंडिकेट चला रहे छांगुर बाबा का आठवां सहयोगी पकड़ लिया गया है. वह राजेश उपाध्याय निकला, जो सीजेएम बलरामपुर कोर्ट में क्लर्क है.
छांगुर पीर का आठवां सहयोगी भी हुआ गिरफ्तार. (File Photo: ITG)
लखनऊ,20 जुलाई 2025,बलरामपुर में मतांतरण का सिंडिकेट चला रहे छांगुर पीर का आठवां सहयोगी पकडा गया है. वह राजेश उपाध्याय निकला, जो सीजेएम बलरामपुर कोर्ट में क्लर्क है. छांगुर पीर ने राजेश की पत्नी के नाम पर ही पुणे में 16 करोड़ की प्रॉपर्टी खरीदी थी. यह गिरफ्तारी यूपी एटीएस ने की है.

यूपी एटीएस ने बताया कि रविवार को छांगुर पीर का आठवां सहयोगी पकड लिया गया. राजेश उपाध्याय, सीजेएम बलरामपुर कोर्ट में क्लर्क, की पत्नी के नाम पर छांगुर ने पुणे में प्रापर्टी खरीदी थी.

बलरामपुर से हुई थी छांगुर पीर की गिरफ्तारी

अवैध धर्मांतरण कराने वाले छांगुर पीर को यूपी एटीएस ने बलरामपुर से बीते दिनों गिरफ्तार किया था. जैसे-जैसे केस की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई बातें पता चल रही  हैं. पुलिस के मुताबिक बहु-राज्यीय धर्मांतरण रैकेट के केंद्र में स्वयंभू धर्मगुरु जलालुद्दीन उर्फ छांगुर पीर, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ संबंध मजबूत करने काठमांडू गया था.

ISI से सीधे जुड़ना चाह रहा था छांगुर बाबा

आर्थिक रूप से कमज़ोर हिंदू परिवारों का धर्म परिवर्तन कराने के अलावा, छांगुर आईएसआई से सीधे संबंध बनाने की योजना बना रहा था. सूत्रों के अनुसार वह चाहता था कि इस्लाम अपना चुकी हिंदू महिलाओं की शादी नेपाल में आईएसआई एजेंटों और स्लीपर सेल के गुर्गों से कराई जाए.

हाल ही में काठमांडू स्थित पाकिस्तानी दूतावास में आईएसआई एजेंटों की एक बैठक भी हुई थी. बैठक में पाकिस्तान के राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ था जिसमें आईएसआई अधिकारी भी थे. पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र भी गया था.

Chhangur Baba: मतांतरण गिरोह के सरगना छांगुर पर एटीएस का एक्शन जारी, लखनऊ से राजेश उपाध्याय उठाया
ATS Action on Religion Conversion Gang in UP छांगुर के इशारे पर राजेश कोर्ट में केस मैनेज करता था। वह छांगुर के लिए जमीन की खरीद में भी सक्रिय रहता था और छांगुर के विरोधियों को फंसाने के कोर्ट से एफआईआर के आदेश जारी करवाने में मदद करता था। राजेश कुमार उपाध्याय को छांगुर की ओर से बड़ा फंड देने की भी जानकारी सामने आई है।
एटीएस का एक्शन जारी, लखनऊ से राजेश कुमार उपाध्याय गिरफ्तार

  • बलरामपुर के सीजेएम कोर्ट में पेशकार है राजेश उपाध्याय
  • छांगुर सहित मतांतरण गैंग के अब तक आठ लोग गिरफ्तार
  • विदेश से फंडिग के प्रकरण में छांगुर और नीतू को रिमांड पर लेने की तैयारी में ईडी

देश के कई हिस्सों में मतांतरण का संगठित गिरोह चलाने वाले बलरामपुर के जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के खिलाफ उत्तर प्रदेश एटीएस क कार्रवाई जारी है। एटीएस ने लखनऊ से छांगुर गिरोह के सदस्य राजेश कुमार उपाध्याय को पकड़ा है । एटीएस ने उपाध्याय को कोर्ट ले जा जेल भेज दिया है।

बलरामपुर में ईडी और एटीएस ने छांगुर के जिन 15 ठिकानों पर छापेमारी की थी, उनमें राजेश का आवास भी शामिल था। छापेमारी के दौरान राजेश नहीं मिला था, लेकिन उसके घर से कई दस्तावेज बरामद हुए थे। एटीएस ने छांगुर गिरोह के सक्रिय सदस्य रशीद शाह को पिछले दिनों बलरामपुर से गिरफ्तार किया था। राशीद से पूछताछ में एटीएस को राजेश के बारे में जानकारी मिली थी। एटीएस की टीम ने राजेश से पूछताछ की है। राजेश किस प्रकार छांगुर से जुड़ा और मतांतरण में उसकी क्या मदद करता था। इन सवालों के जवाब एटीएस की टीम राजेश से उगलवा सकती है।

एटीएस ने राजेश कुमार उपाध्याय को लखनऊ के चिनहट में ‍उसके निवास से पकड़ा। बलरामपुर जनपद न्यायालय में सीजेएम कोर्ट में पेशकार राजेश कुमार उपाध्याय छांगुर के इशारे पर राजेश कोर्ट में केस मैनेज करता था। वह छांगुर के लिए जमीन की खरीद में भी सक्रिय रहता था और छांगुर के विरोधियों को फंसाने के कोर्ट से एफआईआर के आदेश जारी करवाने में मदद करता था। राजेश कुमार उपाध्याय को छांगुर की ओर से बड़ा फंड देने की भी जानकारी सामने आई है।

राजेश कुमार उपाध्याय (पुत्र स्वर्गीय श्रीवनवास), वाराणसी आदमपुरा में राजघाट में ए/36 /50ई का मूल निवासी है और वर्तमान में लखनऊ के चिनहट में प्लाट नंबर-8 नौबस्ता कला, देवा रोड पर रह रहा था। एटीएस ने शनिवार को बलरामपुर में उपाध्याय की भूमिका की जांच की और रविवार को छांगुर के करीबी को पकड़ा।

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विदेशी फंडिंग के बूते हिंदू युवतियों को मतांतरित करने के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर सहित उसके गैंग के आठ लोगों को मतांतरण प्रकरण में जेल भेजा गया है। एटीएस अब भी उसके गैंग की तह तक जाने में लगी है। विदेशों से सौ करोड़ से अधिक की फंडिग के प्रकरण में ईडी छांगुर और नीतू को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।

इससे पहले आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने छांगुर के भतीजे सबरोज और साले के बेटे शहाबुद्दीन को पकड़ा है। दोनों छांगुर के मतांतरण प्लान बढाने में लगे थे। एटीएस की एफआईआर में दोनों नामांकित थे।दोनों गैंड़ासबुजुर्ग के हैं। इनके विरुद्ध पहले भी आजमगढ़ के थाना देवगांव में अवैध मतांतरण कराने का मुकदमा है। ग्रामीणों के मुताबिक, सबरोज कव्वाली भी गाता था। शहाबुद्दीन भी उसके साथ रहता था और मजहबी कार्यक्रमों के लिए चंदा जुटाता था।

एटीएस ने जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के सक्रिय साथी बलरामपुर में उतरौल के ग्राम मधपुर के रशीद शाह को पकड़ा था । ‍‍उससे एसटीएफ ने पूछताछ की थी। मतांतरण में रशीद पहले भी पकड़ा जा चुका है।

मई 2023 में आजमगढ़ पुलिस ने रशीद व उसके 17 साथियों को ग्राम चिरकिहट में दो युवतियों का मतांतरण कराने के मामले में पकड़े गए थे । रशीद मास्टर माइंड छांगुर के इशारे पर मतांतरण कराता था।

मतांतरण मामले में अब तक छांगुर, उसके बेटे महबूब, नवीन उर्फ जमालुद्दीन व नवीन की पत्नी नीतू उर्फ नसरीन सहित आठ आरोपित पकड़े हैं। जल्द ही और आरोपितों की गिरफ्तारी की संभावना है। एटीएस को अभी तक 15 आरोपितों के बारे में जानकारी मिल चुकी है। इनके ठिकानों पर नजर रखी ज

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उत्तर प्रदेश

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