TCS मामले से साहस : आगरा मतांतरण गिरोह पर सीए छात्रा ने अंकित कराया बयान

नासिक टीसीएस मामले से साहस पा, एक सीए छात्रा ने आगरा में मतांतरण गिरोह पर मौन तोड़ अपने परिवार के साथ आगरा आकर बयान लिखाये, जिसमें उसने गिरोह पर ब्रेनवाश कर मतांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाया। पुलिस मामला अपनी जांच में शामिल करेगी। गिरोह पिछले साल दो बहनों के लापता होने पर सामने आया था, जिसमें 14 लोग पकड़े गये थे।

आगरा 17 अप्रैल 2026 । नासिक में टीसीएस कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न और मतांतरण के मामले बाद सीए छात्रा ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। कमिश्नरेट पुलिस के गिरफ्तार मतांतरण गिरोह के खिलाफ छात्रा ने स्वजन के साथ आगरा आकर बयान लिखाये हैं।

छात्रा ने मतांतरण गिरोह पर ब्रेनवाश करके मतांतरण को दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पुलिस छात्रा के बयानों को मतांतरण मामले में शामिल करेगी। सदर से बीते वर्ष 24 मार्च को दो बहनें लापता हुई थीं। पुलिस जांच में मतांतरण गिरोह का पता चला।

पुलिस ने 18 जुलाई को कोलकाता के मुस्लिम बाहुल्य तपसिया क्षेत्र से दोनों बहनें ढूंढी थी। गिरोह सरगना दिल्ली के मुस्तफाबाद के अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह सहित छह राज्यों से 14 के लोग पकड़े थे । सब आरोपित जेल में हैं।

पुलिस की जांच में सामने आया था कि मतांतरण गिरोह ने देशभर में युवतियां शिकार बनाई थी। 10 युवतियों के बयान भी पुलिस ने लिखे थे। राजस्थान के जिला डीडवाना निवासी सीए छात्रा का भी मतांतरण गिरोह ने ब्रेनवाश किया था।

वह वाट्सएप ग्रुप से गोवा की आयशा उर्फ एसबी कृष्णा सहित गिरोह के अन्य सदस्यों के संपर्क में थी। गिरोह के  छात्रा पर घर से भागकर मतांतरण का दबाव बना रहा था। लेकिन समय पर भंडाफोड से वह बच गई।

डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य ने बताया कि तब छात्रा और स्वजन ने बयान लिखाने से इन्कार कर दिया था। फोरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट में भी महत्वपूर्ण सबूत मिले तो पुलिस ने  फिर छात्रा के स्वजन से संपर्क किया , लेकिन वह बयान लिखाने को तैयार नहीं हुए थे।

नासिक में टीसीएस कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न और मतांतरण मामले के बाद स्वजन ने खुद पुलिस टीम से संपर्क करके दोषियों को सजा दिलाने को बयान लिखाने की बात कही। स्वजन ने साथ आगरा पहुंची छात्रा ने बुधवार को मजिस्ट्रेटी बयान लिखा गुरुवार को बयानों का अवलोकन किया । नौ महीने बाद यह पीड़िता सामने आई । राजस्थान की सीए कर रही छात्रा ने गिरोह के खिलाफ बयान दिए हैं।

सदर की सगी बहनों का अपहरण के मामले में पुलिस ने जुलाई 2025 में कार्रवाई की थी। कोलकाता के मुस्लिम बाहुल्य इलाके तपसिया से दोनों बहनें मुक्त कराई गई थी। उन्हें कश्मीरी युवतियों ने जाल में फंसा उनका ब्रेनवाश किया गया था।

छह युवतियों के कोर्ट में बयान कराए गए थे। अलग-अलग प्रदेश और जिलों की युवतियां गैंग के निशाने पर थीं। एडीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल और सोशल मीडिया एकाउंट की लगातार जांच की जा रही है।

इसमें ही राजस्थान के डीडवाना कुचामन की युवती का नाम सामने आया।  उसे गिरफ्तार आरोपी गोवा की आयशा ने सोशल मीडिया की मदद से अपने जाल में फंसाया था। युवती सीए छात्रा है। आयशा ने उसका ब्रेनवाश किया था। उसके खाते में रकम भी ट्रांसफर की गई थी। उसे जयपुर से दिल्ली भेजा जाना था। वहां पर कलमा पढ़ाने के साथ कोलकाता भेजा  जाता। मगर इससे पहले ही गिरोह पकड़ लिया गया। युवती का पता चलने पर परिजन से संपर्क किया गया। इससे वह भी परेशान हो गए।

पुलिस ने की काउंसलिंग, तब दिए बयान

एडीसीपी ने बताया कि युवती का ब्रेनवाश कर दिया था। वह भी सदर की बहनों की तरह जाती । गिरोह के पकड़े जाने के बाद युवती की काउंसलिंग की गई। पुलिस ने परिजन से भी बात की। परिजन पहले सामने नहीं आना चाहते थे। उन्हें लग रहा था कि वह पुलिस के पास जाएंगे तो किसी मुसीबत में पड़ जाएंगे। मगर हाल में कई सारी घटनाएं धर्मांतरण की सामने आईं। इस पर युवती तैयार हो गई। वह बुधवार को परिजन के साथ पुलिस के पास आई। पुलिस ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए। यह केस में आरोपियों को सजा दिलाने में निर्णायक होंगे।

आतंकी कनेक्शन भी आया था सामने

पुलिस ने धर्मांतरण के मामले में रहमान कुरैशी, अब्बू तालिब, आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, अली हसन उर्फ शेखर, ओसामा, अबुर्रहमान, मोहम्मद अली, जुनैद कुरैशी, मुस्तफा उर्फ मनोज, मोहम्मद इब्राहिम, अब्दुल रहमान सहित 14  गिरफ्तारियां हुई थी। कई और नाम सामने आए थे। इसके अलावा यह भी पता चला था कि गिरोह मानव अंगों की तस्करी भी करता है। मानव तस्करी के भी साक्ष्य मिले थे। हालांकि अभी जांच जारी है। आतंकी कनेक्शन भी सामने आया था। हाल में पुलिस एक आरोपी को दूसरे राज्य से आगरा लेकर भी आई थी। उससे पूछताछ की की गई थी।

अवैध मतांतरण गिरोह को फंडिंग कर्ता कनाडा निवासी सरगना दाऊद अहमद नोटिस के बावजूद कोर्ट  नहीं आया। पुलिस ने भोपाल स्थित उसके घर पर नोटिस चिपकाया

कनाडा में है आरोपित, भोपाल के घर पुलिस चिपका चुकी नोटिस 
आगरा के चर्चित अवैध मतांतरण के फंडिंग मामले में विदेशी सरगना के रूप में कनाडा में रह रहा दाऊद अहमद वांछित है। फरवरी में आगरा पुलिस ने ने भोपाल के गांधीनगर स्थित रिलायबल हाइटेक सिटी कॉलोनी में स्थित दाऊद के घर पर न्यायालय से जारी नोटिस चस्पा किया था। पुलिस टीम ने उसके पिता जावेद और भाई को भी नोटिस तामील कराया साथ ही कॉलोनी में मुनादी भी कराई थी। इसके बाद भी वह न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ।

जांच अधिकारी ने सदर थाने में कराया मुकदमा, संपत्ति कुर्क करने की तैयारी
मामले की विवेचक इंस्पेक्टर साइबर थाना रीता यादव ने उसके खिलाफ सदर बाजार थाने में न्यायालय में हाजिर नहीं होने व कोर्ट की अवमानना का मुकदमा कराया है। इसके बाद पुलिस की ओर से कुर्की की कार्रवाई शुरू होगी। पुलिस कनाडा से दाऊद को भारत लाने को इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया पूरी कर रही है।

डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि नोटिस चिपकाने के बाद भी आरोपित कोर्ट नहीं आया। इस पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जल्द ही न्यायालय की अनुमति से संपत्ति कुर्की कार्रवाई की जाएगी।

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