ईद पर हत्यायें देखी नहीं जाती…’ बिलाल से ‘विशाल’ बने मुस्लिम युवक ने सुनाई पूरी कहानी
‘ईद पर बकरों की हत्या मुझसे देखी नहीं गई…’ बिलाल से ‘विशाल’ बने मुस्लिम युवक ने सुनाई पूरी कहानी
MP के खंडवा स्थित महादेवगढ़ मंदिर में हरदा के मुस्लिम युवक बिलाल ने बकरा ईद पर पशुओं की कुर्बानी से व्यथित होकर सनातन धर्म अपनाया. शुद्धिकरण के बाद नया नाम ‘विशाल’ रखा गया।
खंडवा के महादेवगढ़ में मुस्लिम युवक बिलाल ने अपनाया सनातन धर्म.(Photo:ITG)
खंडवा,31 मई 2026,ईद पर पशुओं की कुर्बानी से एक मुस्लिम युवक इतना व्यथित हुआ कि उसने इस्लाम धर्म छोड़ सनातन धर्म अपनाने का फैसला कर लिया. खंडवा के महादेवगढ मंदिर में बिलाल नामक युवक ने सनातन धर्म धारण किया और वह विशाल बन गया. उसने यहां बाकायदा सिर मुंडवाकर स्नान किया और महादेव की पूजा अर्चना करने के बाद यज्ञ-हवन भी किया. उसने पवित्र रामचरित मानस को माथे पर रखकर उसे नियमित पढ़ने का संकल्प भी लिया.
यह मामला पडोसी हरदा जिले के खिरकिया के युवक बिलाल का है, जो बचपन से एक सनातनी राजेश सारंग के यहां न केवल काम करता आया है, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह हिंदू रीति रिवाजों से भी प्रभावित होता रहा.
बकरा ईद के दौरान जब मूक पशुओं की बड़े पैमाने पर कुर्बानी दी गई तो उनकी चीत्कार से उसका मन बहुत व्यथित हो गया. वह उस दिन बहुत विचलित हुआ और उसने इस्लाम छोड़कर सनातन अपनाने का बड़ा फैसला कर लिया. उसका कहना है कि उसने तो कभी कुर्बनी नही दी लेकिन मुस्लिम रहते उस पर इन कुर्बानियों की जवाबदेही महसूस होती थी. सनातन में उसे ‘सर्वे भवन्तुः सुखिनः’ की बात उसे प्रभावित करती है जिसमे सभी प्राणियों के प्रति दया का भाव है. उसने राजेश सारंग से खंडवा के महादेवगढ़ चलने का आग्रह किया, जिसके बारे में उसने सुन रखा था कि यहां घर वापसी होती है.
युवक ने बताया, ”मेरा पहले नाम बिलाल था और अब विशाल हो गया है. मैं सनातन धर्म से बहुत प्यार करता हूं. मुझे इसमें आना ही था. मैं शुरू से इसे अपनाता आ रहा हूं. बकरा ईद के दिन मुझसे देखा नहीं गया. मासूम जानवरों की वजह से मैंने पापा से बोला कि मुझे लेकर चलो, तो वो आज मुझे लेकर आये. मैं खिरकिया का रहने वाला हूं और मुझे शुरू से सनातन से लगाव था.”
खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर में पहले भी कई ‘घर वापसी’ हो चुकी हैं. यहां कई मुस्लिम युवक युवती सनातन धर्म अपना चुके हैं. इसी क्रम में कल बिलाल ने यहां विशाल के रूप में घर वापसी की. उसका सबसे पहले सिर मुंडवाकर उपनयन संस्कार किया गया, फिर पवित्र जल से उसका शुद्धिकरण हुआ.
महादेवगढ़ मंदिर के संरक्षक अशोक पालीवाल ने बताया, विशाल का 10 विधि स्नान गंगाजल, गो दुग्ध, पंचामृत ,गोमूत्र, गौ गोबर ,तुलसी रज, फल, धातु, पंचगव्य, एवं कोष से स्नान करवाकर शुद्धि करवाई गई. इसके बाद उसने बाकायदा यज्ञ हवन भी किया और महादेव की पूजा अर्चना भी की. इसके बाद महादेवगढ़ मंदिर की ओर से विशाल को रामचरित मानस भेंट की, जिसे उसने माथे पर रखकर इसे नियमित पढ़ने का संकल्प भी लिया.
इस मौके पर पालीवाल ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के इस पवित्र महीने में बालक ने अपनी नई आध्यात्मिक यात्रा शुरू की है. महादेवगढ़ परिवार की ओर से विशाल को सनातन के सर्वोच्च ग्रंथ ‘पवित्र रामचरितमानस’ भेंट की गई, जिसे विशाल ने बेहद आदर के साथ अपने माथे से लगाया और संकल्प लिया कि वह अब से नियमित रूप से रामचरितमानस का पाठ करेंगे और सनातन के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे.
आसिफ बना आकाश और सुमैया बनी प्रिया, उत्तर प्रदेश के एक परिवार ने अपनाया हिंदू धर्म
गाजियाबाद में एक पारिवार के 4 सदस्यों ने मुस्लिम धर्म त्यागकर सनातन धर्म अपनाया है. आसिफ आकाश चौहान, सुमैया खातून प्रिया चौहान, नाजिया अर्चना और उसका 5 साल का बेटा आर्यन बन गया है. इन सभी ने जीवनभर सनातन धर्म की पद्धति पर चलने का प्रण लिया है.
चार साल पहले तीन लोगों ने इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपनाया
तीन लोगों ने इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपनाया
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक पारिवार के 4 सदस्यों ने मुस्लिम धर्म त्यागकर सनातन धर्म अपनाया है. हिंदू रक्षा दल ने हिंदू रीति रिवाज और पूजा पाठ कराकर हिंदू धर्म स्वीकार कराया.
हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी का कहना है कि इस परिवार ने हमसे संपर्क किया. फिर पूरे विधि विधान से इनकी घर वापसी कराई और आने वाले समय में काफी संख्या में लोग सनातन धर्म अपनाने वाले हैं.
मुस्लिम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाया
जानकारी के मुताबिक, आसिफ को आकाश चौहान, सुमैया खातून को प्रिया चौहान, नाजिया को अर्चना और उसके 5 साल के बेटे का नाम आर्यन रखा गया. इन सभी ने जीवनभर सनातन धर्म की पद्धति पर चलने का प्रण लिया और कहा कि सनातन धर्म सबसे पवित्र धर्म है. इसका हिस्सा बनना उनके लिए सौभाग्य की बात है.
परिवार ने किया था हिंदू रक्षा दल से संपर्क
सनातन धर्म में वापसी करने वाली प्रिया चौहान ने बताया कि 5 साल पहले उन्होंने हिंदू धर्म के अनुसार मंदिर में शादी की थी. मगर इसके बाद मुस्लिम धर्म अपना लिया था. हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी के अनुसार इन लोगों ने संगठन से संपर्क किया और खुद सनातन धर्म में आस्था जाहिर की. उसी आधार पर हमने इन्हें सनातन धर्म में घर वापसी करवाई.

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार अन्य लोगों की भी घर वापसी करवाई जाएगी. भारतीय कानून के तहत भी इन्हे हिंदू धर्म में शामिल कराया जाएगा. इन लोगों के एसडीएम से मिलकर नए कागजात बनवाए जाएंगे. यह सारा कार्यक्रम गाजियाबाद के भोपुरा मंदिर पर हुआ.
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