पत्रकार सुरक्षा को बने कानून,जंतर-मंतर और मुंबई में पत्रकार लिंचिंग निंदनीय: अमजा

*पत्रकार सुरक्षा को बने कानून,जंतर-मंतर और मुंबई में पत्रकारों की लिंचिंग की निंदा*
_अमजा की राष्ट्रीय संगोष्ठी की तैयारियां जोर पर_

देहरादून 10 अगस्त 2036। ऑल मीडिया जर्नलिस्ट्स ऐसोसियेशन उत्तराखंड की देहरादून ईकाई की बैठक में देशभर में पत्रकारों से हिंसा की निंदा करते हुए इस संबंध में राष्ट्रपति तथा केन्द्रीय गृह मंत्री को ज्ञापन भेजना तय हुआ।
यहां परेड़ ग्राउंड में उत्तरांचल प्रेस क्लब परिसर में अध्यक्ष सोनू सिंह की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में प्रदेश महामंत्री रवीन्द्रनाथ कौशिक ने CJP के जंतर-मंतर तथा मुंबई में जाने-माने प्रतिष्ठित पत्रकारों से दुर्व्यवहार और हिंसा के विवरण देते हुए कहा कि पेशेवर काम करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कानून बनाने की नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) दो दशकों से मांग कर रहा है। इसके लिए सैकडों बार धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन दिये गये हैं लेकिन सरकारें इस ओर से उदासीन हैं। सभी यह तो चाहते हैं कि पत्रकार साहसपूर्वक निहित स्वार्थों से लडते हुए सत्य सामने लायें लेकिन पत्रकारों को अपेक्षित सम्मान और सुरक्षा से कतराते हैं। कौशिक ने कहा कि पेशेवर जिम्मेदारी निभाते हुए पत्रकार अपनी जान, माल और सम्मान दांव पर कतई ना लगायें। आखिर उनके भी पारिवारिक दायित्व होते हैं। उन्होने उन शक्तियों की निंदा की जो अपनी स्वार्थपूर्ति ना होते देख पत्रकारों से शत्रुवत व्यवहार करते हैं।
पीताम्बर कुमार ने कहा कि पत्रकार सबकी समस्याओं के लिए निष्पक्ष होकर लडे लेकिन उसके लिए कोई नही लडे,यह परिदृश्य टिकाऊ नही हो सकता।
प्रदेश कोषाध्यक्ष राजकमल गोयल ने कहा कि पत्रकार अकेले- अकेले अपनी लडाई नही लड सकता, इसलिए उनके लिए लड रहे अमजा को मजबूत करें।
रुद्रपाल सिंह ने कहा कि राजनीतिक दल और दबाव गुट अपने परस्पर द्वेष में संदेशवाहक पत्रकार को शिकार ना बनायें,यही समाज और देश हित में है।
अनुशासन समिति संयोजक राजकुमार ग्रोवर ने कहा कि पत्रकार को ना संवैधानिक और ना विधिक रूप में कोई विशेषाधिकार है। वह केवल अपने नैतिक बल से ही जन और राष्ट्र हित साधता हैं । इसलिए उसे समाज तथा राष्ट्र का संरक्षण मिलना चाहिए।
अखिल भारतीय जनसंघ के उत्तराखंड संयोजक अजय कुमार भल्ला ने बैठक में पहुंच पत्रकारों की सुरक्षा हेतु कानून की जरूरत बताते हुए कहा कि इस संबंध में अमजा कोई आंदोलन करता है तो वे उसे सक्रिय समर्थन देंगें। उन्होने कहा कि वे प्रदेश में तीसरे विकल्प के लिए सक्रियता से काम कर रहे हैं ।
बैठक में महामंत्री कुमारी प्रभा वर्मा, कुमारी रेणु सेमवाल, शैलेंद्र कुमार पांडे,रोहित कुमार सोनी, पवन प्रसाद गैरोला, मदन सिंह, ललित कुमार, शुभम तोमर,वीरेंद्र गैरोला,सुनील बडोला, वीरेंद्र देव गौड ,प्रकाश धस्माना , वीरेंद्र पुंडीर आदि  भी उपस्थित थे।

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