राम मंदिर दान चोरी ‘नाटक’: पप्पू यादव,राहुल और अवधेश प्रसाद पर FIR

राहुल गांधी और पप्पू यादव पर FIR, संसद में राम मंदिर दान चोरी वाले ‘नाटक’ पर घिरे
संसद परिसर में हुए विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर वाराणसी पुलिस ने राहुल गांधी समेत तीन सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज की है. शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान सनातन धर्म और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई.
दानपेटी रखकर अपना विरोध दर्ज कराते राहुल गांधी और अन्य सांसद.
नई दिल्ली,01 अगस्त 2026,संसद परिसर में हुए विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर विवाद बढ़ गया है. वाराणसी पुलिस ने नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत तीन सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज की है. आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान किए गए नाटक से सनातन धर्म और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची. यह मामला वाराणसी के कोतवाली थाने में दर्ज किया गया है.

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में राहुल गांधी, निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद के नाम शामिल हैं. यह FIR कुछ संतों की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है.

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि संसद में हुए प्रदर्शन के दौरान सनातन धर्म को लेकर आपत्तिजनक तरीके से बात की गई. उनका कहना है कि इस घटना से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. इस मामले पर अपनी बात रखते हुए जगतगुरु बालक दास ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान भगवान राम और सनातन धर्म को लेकर जो प्रस्तुति दी गई, वह स्वीकार नहीं की जा सकती. उन्होंने इसी को लेकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की.

राम मंदिर चढ़ावा विषय पर हुआ था प्रदर्शन

यह पूरा मामला उस प्रदर्शन से जुड़ा है, जो विपक्षी सांसदों ने संसद में किया था. विपक्ष का आरोप था कि अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर सवाल उठे हैं. इसी विषय को लेकर सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए थे. नेताओं ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई विषय भी उठाया था.

नाटक में क्या दिखाया गया था?

विरोध दर्ज कराने को सांसदों ने एक छोटा सा नाटक दिखाया था. इसमें सीढ़ियों के पास दानपात्र रखे गए थे. भगवा कपड़ों में बैठे पप्पू यादव पैसे अपनी जेब में रखते दिखे. इसी दृश्य को लेकर साधु-संतों ने कड़ा ऐतराज जताया. उनका कहना है कि इस प्रस्तुति के जरिए भगवान राम और धर्म परंपरा का अपमान किया गया है. इसी आरोप के आधार पर वाराणसी पुलिस ने मामला दर्ज किया है.

प्रदर्शन में विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई और संसद में उनकी अनुपस्थिति पर सवाल खड़े किए.इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा, अवधेश प्रसाद और धर्मेंद्र यादव समेत कई प्रमुख नेता एक बड़े बैनर के पीछे खड़े नजर आए, जिस पर लिखा था कि ‘अमित शाह सदन से गायब क्यों?’

वाराणसी पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR लिखी है. मामले की जांच शुरू हो चुकी. FIR में आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही साफ होगी.विवाद संसद परिसर में उस प्रदर्शन को लेकर है, जिसमें विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी विषय उठाने की कोशिश की थी.अब उसी प्रदर्शन का एक हिस्सा कानूनी कार्रवाई की वजह बना है.राम मंदिर चढ़ावा मामले में नुक्कड़ नाटक करना नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और सांसद अवधेश प्रसाद पर भारी पड़ता दिख रहा है। शुक्रवार को संसद परिसर में मधेपुरा सांसद पप्पू यादव ने साधु वेश धर कर नाटक किया था। इसमें राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद ने भी हिस्सा लिया।

साधु वेश धारण कर नाटक वाराणसी के संतों को खल गया । काशी के संतों ने कोतवाली पहुंच इन तीनों के खिलाफ लिखित शिकायत देकर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया। इस पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा लिख लिया गया है। इतना ही नहीं, इसी वीडियो पर वकीलों ने भी विरोध दर्ज कराते हुए कैंट थाने में शिकायत लिखाई है।

पप्पू बने साधु, भड़क गए संत
भाजपा को घेरने के चक्कर में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने संत भड़का दिये। दरअसल, शुक्रवार को संसद परिसर में पप्पू यादव भगवा कपड़ा पहन साधु वेश में परिसर में बैठ गए। उसके बाद तमाम विपक्ष के नेता वहां जुट गए। पप्पू यादव भगवान राम के चित्र के साथ एक टीन की पेटी भी लिए थे। इसी बीच अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद आए और साधु बने पप्पू यादव,अवधेश प्रसाद के पैरों को पकड़ने लगते हैं,इसी क्रम में भगवान राम का चित्र भी अवधेश प्रसाद के पैरों के पास आ जाता है। यह वीडियो वायरल होते ही संत भड़क गये। काशी के संत समाज में ऐसे प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। पाताल पूरी मठ के मठाधीश महंत बालक दास सैकड़ों साधु-संतों के साथ कोतवाली डीसीपी काशी के कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत डीसीपी काशी को सौंपी।

पुलिस ने लिखा मुकदमा
डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो का हवाला देते हुए पातालपुरी मठ के महंत बालक दास के नेतृत्व में दर्जनों साधु-संत कार्यालय आए थे। साधु-संतों की लिखित शिकायत मिलने के बाद धार्मिक भावनाएं आहत होने की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, एफआईआर में राजीव रंजन उर्फ पप्पू यादव समेत राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद के नाम भी शामिल हैं।

कैंट थाने में दी लिखित शिकायत
इसी मामले में अब काशी के वकील भी खुल कर अपनी नाराजगी जता रहे है। थानाध्यक्ष कैंट के अनुसार एक दर्जन वकीलों ने आज सांसद राजीव रंजन उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ एक लिखित शिकायत दी है । जिसमे सनातन के अपमान और साधु संतों की छवि बिगाड़ने सबंधी वीडियो का ज़िक्र है । शिकायत के आधार पर आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी।

भगवा वेश में चढ़ावा चोरी नाटक कर हिट विकेट हुआ विपक्ष? क्या पप्पू और राहुल गांधी ने कर दी चूक

भाजपा ने इस मसले को तुरंत ही लपक भी लिया और सांसद अनुराग ठाकुर ने इस मसले को उठाया.

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर सरकार को विपक्ष सड़क से संसद तक घेरने की कोशिश में है. इस बीच पप्पू यादव ने संसद भवन परिसर में ही भगवा वेश धारण किया और दान पात्र लिखा एक डिब्बा लेकर बैठ गए. फिर राहुल गांधी आते हैं और उसमें कुछ दान के रूप में डालते हैं. उस पैसे को पप्पू यादव लेकर भागते हैं. इस तरह चढ़ावा चोरी की रिहर्सल करके सरकार को निशाने पर लेने की कोशिश की जाती है. लेकिन पप्पू यादव का भगवा वेश में आना अब मुद्दा बन गया है. भाजपा समेत कई संगठनों सवाल है कि क्या पप्पू यादव इस तरह का रिहर्सल किसी और धर्म के मामले में भी करते.

इस रिहर्सल को भगवा और हिंदुत्व को बदनाम करने वाली हरकत बताया जा रहा है. ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या चढ़ावा चोरी की रिहर्सल में भगवा धारण करके विपक्ष ने खुद को हिट विकेट का शिकार बना लिया है. ऐसा इसलिए क्योंकि भगवा एक संवेदनशील मुद्दा रहा है और भाजपा इसका लाभ उठाने से नहीं चूकेगी. यूपीए सरकार के दौर में भगवा आतंकवाद या फिर हिंदू आतंकवाद जैसी टर्म को उछाले जाने पर भाजपा, संघ, वीएचपी समेत तमाम संगठनों ने हमला बोला था. इस पर पोलराइजेशन की कोशिश की गई थी और माना जाता है कि जमीन पर भी इसका असर दिखा था.

ऐसे में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर भाजपा सरकार को घेर रहे विपक्ष पर यह दांव उलटा भी पड़ सकता है. भाजपा ने इस मसले को तुरंत ही लपक भी लिया और सांसद अनुराग ठाकुर ने इस मसले को उठाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सनातन धर्म का अपमान करने वाली हरकत को संरक्षण दिया है. उन्होंने कहा कि यह हरकत सनातन धर्म, भगवान राम, साधु-संतों का अपमान है. वहीं भाजपा के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि क्या किसी और मजहब का मामला होगा तो उसे लेकर इस तरह की कोशिश कभी कोई नेता कर सकता है. उनका सवाल था कि आखिर भगवा को अपमान करने की कोशिश क्यों की गई.

वहीं विश्व हिंदू परिषद ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है. उन्होंने कहा कि हम लोकसभा स्पीकर से मांग करते हैं कि इस मामले में सख्त एक्शन लिया जाए. वीएचपी नेता सुरेंद्र जैन ने कहा कि हिंदू साधु-संत का वेश बनाकर इस तरह की हरकत करके पप्पू यादव ने हिंदू समाज का अपमान किया है. उन्होंने कहा कि इससे करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं. इस बीच लखनऊ में विरोध प्रदर्शन भी हुआ है.
लखनऊ में विरोध प्रदर्शन, राहुल गांधी और अखिलेश के खिलाफ नारे
शव यात्रा के समापन के बाद प्रदर्शनकारियों ने पप्पू यादव के प्रतीकात्मक शव का दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया. इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने पप्पू यादव के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और उनके विरुद्ध नारे लगाए. प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई. प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव के प्रतीकात्मक स्वरूप को जूते-चप्पलों से पीटकर अपना विरोध जताया।

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