इंद्रिय नियंत्रण योगाभ्यास को गृहत्याग जरुरी नहीं: आचार्यश्री सौरभ सागर महाराज महामुनिराज
देहरादून 22 जुलाई 2025। परम पूज्य आचार्य श्री 108 पुष्पगिरी प्रणेता राजकीय अतिथि आचार्य श्री सौरभ सागर महाराज के सानिध्य में दिगंबर जैन पंचायती मंदिर जैन भवन गांधी रोड पर धार्मिक आयोजनों में अलग-अलग संस्थाओं के माध्यम से श्री जी की पूजा अर्चना कल्याण मंदिर विधान का निरंतर आयोजन किया जा रहा है जिसमें सभी श्रद्धालु जन भक्ति भाव के साथ बढ़-चढ़कर नित्य प्रतिदिन धर्म लाभ उठाते है।
किसी आयोजन को सफल बनाने में सभी समितियां पदाधिकारी अपना तन मन धन से पूर्ण सहयोग प्रदान कर इसको सफल बनाती हैं।
आज का विधान श्रीमती मालती जैन देवलोक के सौजन्य से आयोजित किया गया । आज विधान के 11 दिन पूज्य आचार्य श्री सौरव सागर ने अपने आशीर्वचन में कहा कि सभी संत महात्मा हमेशा से इस बात पर जोर देते है कि मनुष्य को अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण करना चाहिए।
इन्द्रियों पर नियंत्रण रखने के लिए योग साधना की जाती है।
योग अभ्यास नियमित रूप से करने पर ही इन्द्रियां नियंत्रण में आती है।
योग अभ्यास के लिए हमें घर बार छोड़कर पहाड़ों या जंगलों में जाने की आवश्यकता नहीं है।
हम अपने परिवार को संभालते हुए , अपने सारे कर्तव्यों को पूरा करते हुए भी योग अभ्यास या ध्यान साधना कर सकते है।
ध्यान साधना के लिए हम घर में ही जहां एकांत हो , चौकड़ी लगाकर जाप कर सकते है।
ध्यान साधना ही इन्द्रियों को वश में करने का एकमात्र साधन है।
मीडिया कोऑर्डिनेटर मधु जैन ने कहा कि इस अवसर पर स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से भी अनेक श्रद्धालु देहरादून जाकर आचार्य श्री सौरभ सागर का आशीर्वाद प्राप्त कर धर्म लाभ उठा रहे हैं।

