माउस जगलर:गुपचुप एकसाथ पांच कंपनियों में काम,सोहम दे रहा धोखा
Who Is Soham Parekh Earning 250000 Daily From 5 Jobs Scamming Companies With Mouse Jugglers. How Does The Mouse Jiggler Technology Works
सोहम पारेख, जो एक साथ 5 नौकरियों से कमाता है रोजाना 2.5 लाख, माउस जगलर से कैसे लगाता था चूना
एक भारतीय टेक एक्सपर्ट पर एक साथ कई स्टार्टअप में काम करने का आरोप है। अमेरिका के एक फाउंडर ने सोहम पारेख पर कई कंपनियों को धोखा देने का आरोप लगाया और कहा कि शिकायत के बाद भी सोहम ऐसा कर रहे हैं। अब एक और अमेरिकी उद्यमी ने भी पारेख की आलोचना की है।
नई दिल्ली 03 जुलाई2025 : एक इंडियन टेकी सोहम पारेख पर कई स्टार्टअप्स में एक साथ काम करने का आरोप है। एक Reddit यूजर ने तो ये भी दावा किया है कि वो एक साथ 5 नौकरियां करके हर साल 6.85 करोड़ रुपए कमाता है। एक और अमेरिकी उद्यमी मिक्सपैनल के सह-संस्थापक सुहैल दोशी ने सोहम पारेख पर आरोप लगाया है कि वो कई स्टार्टअप्स में एक साथ काम कर रहा है। जाननें कि जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मास्टर डिग्री किये सोहम कैसे काम करता है और उसकी कमाई के तौर-तरीके क्या हैं? क्या वो मूनलाइटिंग करता है?
कौन है सोहम पारेख , जो माउस जगलर से करता है खेल
सोहम पारेख एक भारतीय टेकी, पर एकसाथ कई स्टार्टअप्स को धोखा देने का आरोप है। एक अमेरिकी उद्यमी ने दावा किया है कि वह मूनलाइटिंग करता है । एक AI निवेशक डीडी दास ने सोशल मीडिया पर सोहम पारेख को ‘आइसबर्ग का टिप’ बताया है। उनका कहना है कि ऐसे हजारों सोहम पारेख हैं जिनका लोगों को पता नहीं है। दास ने कुछ ‘ओवरएम्प्लॉयड’ लोगों के तरीके बताए हैं। ये लोग कई रिमोट जॉब्स को मैनेज करने को ये तरीके अपनाते हैं। इनमें माउस जगलर का इस्तेमाल शामिल है। माउस जगलर एक छोटा सा डिवाइस है जो कंप्यूटर के कर्सर को थोड़ा-थोड़ा हिलाता रहता है। इससे कंप्यूटर निष्क्रिय नहीं होता है। ऐसा लगता है कि यूजर डेस्क पर एक्टिव है, भले ही वो वहां न हो।
यूजर्स ने बताया क्या करते हैं सोहम जैसे लोग
एक यूजर ने बताया कि ऐसे कर्मचारी AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं। वे कैमरे बंद रखते हैं और पहले हफ्ते में छुट्टी ले लेते हैं। वे अपने कैलेंडर को ‘फोकस टाइम’ पर ब्लॉक कर देते हैं। अपने LinkedIn प्रोफाइल को ‘अस्पष्ट’ रखते हैं और काम आउटसोर्स करते हैं। वे तेजी से काम करते हैं, लेकिन डिलीवर धीरे-धीरे करते हैं। ऐसे कर्मचारी मीटिंग में ‘मेरी तरफ से कुछ नहीं’ जवाब देते हैं।
6.85 करोड़ रुपए सालाना की कमाई करता है
दास ने एक Reddit डिस्कशन के स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं। इसमें एक कर्मचारी पांच नौकरियां करके करीब 6.85 करोड़ रुपए सालाना कमाने की बात कर रहा है। दास ने ये भी बताया कि Reddit कम्युनिटी में पांच लाख से ज्यादा सदस्य हैं। Reddit यूजर, जो एक डेटा एक्सपर्ट है और जिसके पास 15 साल का अनुभव है, ने बताया कि कैसे उसने तीन नौकरियों की सैलरी से पांच नौकरियों की सैलरी तक का सफर तय किया। अब वो हर दिन $3,000 (यानी करीब 2.5 लाख रुपए) से ज्यादा कमाता है। सोहम पारेख की कामयाबी का मंत्र है-झूठ बोलो, धोखा दो और चुराओ।
तीन साल से दूर-दराज की नौकरियां एक साथ कीं
दास का दावा है कि सोहम पूरी तरह से रिमोट काम करते हुए ऑफिस जाने और अनावश्यक मीटिंग से बचता है। खुद को ‘कंसल्टेंट’ बताते हुए वो केवल मुख्य काम करता है और रोजाना की कॉल्स से दूर रहता है। वो अपने समय को अच्छी तरह से मैनेज करता है। वो US टाइम जोन में काम करता है और रिजल्ट देने के लिए पूरे दिन अलर्ट रहता है। यूजर का दावा है कि उसकी सफलता मजबूत स्किल्स, फोकस और स्मार्ट वर्क हैबिट्स से आती है। खासकर पिछले तीन सालों में जब से उसने कई रिमोट जॉब्स को मैनेज किया है। विडंबना यह है कि बेरोजगारी की समस्या के बावजूद सोहम को कई मौके मिल रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि शिकायतों के बाद भी उन्हें काम मिल रहा है। ये सब ऐसे समय में हो रहा है जब नौकरी मिलना मुश्किल हो रहा है।
सोहम पारेख क्या कर रहे हैं मूनलाइटिंग
सोहम पर आरोप है कि वो एक साथ कई कंपनियों के काम कर रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है। इस तरह के काम को मूनलाइटिंग कहते हैं। मूनलाइटिंग का मतलब है कि आप अपनी मुख्य नौकरी के अलावा गुपचुप तरीके से दूसरी नौकरी भी कर रहे हैं। सोहम पारेख पर यह भी आरोप है कि वो कई स्टार्टअप्स से पैसे ले रहे हैं। लेकिन शायद उन सभी का पूरी तरह से काम नहीं कर रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ये गलत है और ये कंपनियों के साथ धोखा है।इस
एक साथ 5 जगह नौकरी की, US के कई CEO को दिया चकमा… कौन है सोहेम पारेख, जिनकी हर तरफ हो रही चर्चा
इन दिनों सिलिकॉन वैली में एक भारतीय इंजीनियर का नाम विवाद के केंद्र में है. कई अमेरिकी स्टार्टअप संस्थापकों ने उस पर आरोप लगाया है कि वह एक ही समय में 4 से 5 स्टार्टअप में काम कर रहा था. यहां तक कि उसने जो भी वर्क एक्सपीरिएंस अपने बायोडाटा में मेंशन किया है, अब उस पर भी आशंका जताई जा रही है।
कौन है सोहम पारेख, जो एक साथ 4-5 स्टार्टअप में करता था काम (सोशल मीडिया ग्रैब)इन दिनों एक नाम सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. ये नाम है – सोहम पारेख का. सोहम पारेख नाम का शख्स, जो इंडिया का बतााय जाता है. उसके बारे में चर्चा है कि वह एक साथ अमेरिका के 4-5 स्टार्टअप्स में काम कर रहा था. ये दावा एक एआई स्टार्टअप के सीईओ ने किया है और इसको लेकर एक पोस्ट भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है. इसके बाद से ही सोहम पारेख चर्चाओं में है।
सोहम पारेख, संभवतः भारत में रहते एक साथ 4-5 कंपनियों में काम करता रहा है. दरअसल, सोहम को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब प्लेग्राउंड एआई नाम के स्टार्टअप के संस्थापक और सीईओ सुहैल दोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक्स पर पोस्ट शेयर कर चेतावनी दी –
इस पोस्ट के बाद शुरू हुआ विवाद
दोशी ने कहा कि पारेख पिछले साल कुछ समय के लिए प्लेग्राउंड एआई में शामिल हुए थे, लेकिन एक साथ दो जगहों पर काम करने की जानकारी मिलने के बाद उन्हें एक सप्ताह बाद ही नौकरी से निकाल दिया गया. दोशी ने पारेख का बायोडाटा भी शेयर किया है, जिसे उसने 90% फेक बताया है.इसके अलावा सोहेल ने अपने डीएम के स्क्रीनशॉट शेयर कर बताया कि अब तक ऐसे कई लोग उनसे संपर्क कर चुके हैं जो उसे हायर कर रहे थे या हायर कर चुके थे या करने वाले थे.
दूसरे सीईओ ने भी सोहम पर लगाए ऐसे आरोप
दोशी के अलावा दूसरे स्टार्टअप्स के कुछ सीईओ ने भी भी सोहम पर ऐसे ही आरोप लगाए हैं. लिंडी नाम के एक स्टार्टअप के संस्थापक फ़्लो क्रिवेलो ने कहा कि उनकी टीम ने एक हफ्ते पहले ही पारेख को काम पर रखा था. आज सुबह उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है. उसने साक्षात्कार में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था.
एक सीईओ ने सोहम को बताया स्मार्ट
वहीं एंटीमेटल के सीईओ मैथ्यू पार्कहर्स्ट ने भी इस पर अपनी राय दी. उन्होंने पारेख को वास्तव में स्मार्ट और पसंद करने योग्य बताया, लेकिन कहा कि उनकी कई कंपनियों से जुड़ी प्रतिबद्धताओं को जानने के बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया. पार्कहर्स्ट ने मजाक में कहा कि सोहम को काम पर रखना वाकई एक नया कदम है. किसी भी बेहतरीन कंपनी को इससे गुजरना चाहिए.
सोशल मीडिया पर सोहम को लेकर आई मीम्स की बाढ़
सोहम पारेख को लेकर सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह से मीम्स बनाकर शेयर कर रहे हैं. सोहम अब एक वायरल शख्सियत बन चुके हैं.
लोग सोहम पारेख पर चुटकुले बनाकर शेयर कर रहे हैं. कुछ यूजर्स ने एक ही अभिनेता को अलग-अलग रोल में दिखाते हुए तस्वीर पेश की है और उसे सोहम पारेख बताया है.
सोहम पारेख की करतूत पर मजे लेते हुए उसकी दिनचर्या को बड़े ही क्रिएटिव तरीके से लोगों ने अलग-अलग अंदाज में पेश किया है. कुछ ने सोहम परेख को मजे लेते हुए लीजेंड बताया है.
कैसे काम करती है माउस जिगलर टेक्नोलॉजी जिससे एक दिन के ढाई लाख कमा रहा था सोहम पारेख
सोहम पारेख इंटरनेट में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आरोप है कि वह माउस जिगलर का इस्तेमाल करके एकसाथ 4 कंपनियों में जॉब कर रहा था। क्या होती है माउस जिगलर तकनीक। इसे कैसे इस्तेमाल किया जाता है, जानते हैं।
सोहम पारेख सनसनी बना हुआ है इंटरनेट की दुनिया में और उन सभी लोगों के बीच जिनसे एक नौकरी नहीं हो पाती। आरोप है कि वह चार नौकरियां एकसाथ करके दिन के ढाई लाख रुपये बना रहा था। अमेरिकी उद्यमी सुहैल दोशी ने सोहम पर एकसाथ कई स्टार्टअप्स में काम करने का आरोप जड़ा है। दावा है कि उसने ऐसा माउस जिगलर तकनीक की मदद से किया। हम आपको बताएंगे कि यह तकनीक क्या है। कैसे काम करती है और कोई माउस जिगलर तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है या नहीं, इसका पता कैसे लगाया जाए। कहा जा रहा है कि सोहम पारेख एक नाम है, उसके जैसे हजारों लोग ऐसा कर रहे हैं।
क्या होता है माउस जिगलर
रिपोर्टों के अनुसार, माउस जिगलर का एक और नाम माउस मूवर भी है। इस तकनीक का काम होता है कि किसी कंप्यूटर या लैपटॉप को एक्टिव मोड में रखना। गौरतलब है कि अगर किसी लैपटॉप-कंप्यूटर पर कोई एक्टिविटी ना हो तो कुछ टाइम बाद वह स्लीप मोड में चला जाता है।
माउस जिगलर तकनीक में सॉफ्टेवयर की मदद से कुछ-कुछ देर में लैपटॉप-कंप्यूटर के माउस को घुमाया जाता है, ताकि वह स्लीप मोड में ना जाए। कई बार सॉफ्टवेयर के अलावा किसी हार्डवेयर का इस्तेमाल करके भी माउस जिगलर तकनीक यूज की जाती है। वो हार्डवेयर कोई डिवाइस हो सकती है जो लैपटॉप-पीसी से कनेक्ट हो जाए।
कौन करता है माउस जिगलर का यूज
माउस जिगलर का इस्तेमाल तो कोई भी कर सकता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में वर्क-फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारी इसे अधिक इस्तेमाल करते हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डेढ़ साल पहले एक कंपनी ने अपने तमाम कर्मचारियों को इसके कारण जॉब से निकाल दिया था। कहा जाता है कि माउस जिगलर का इस्तेमाल करके कई लोग खुद को एक्टिव दिखाते हैं, जबकि ऑफिस टाइम में वह आराम फरमा रहे होते हैं।
कितने तरह के माउस जिगलर
माउस जिगलर के मुख्यत: दो प्रकार होते हैं। एक, हार्डवेयर और दूसरा सॉफ्टवेयर। हार्डवेयर के रूप में एक छोटी डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है। उस डिवाइस को माउस के नीचे लगा दिया जाता है। वह माउस के ऑप्टिकल सेंसर को एक्टिवेट करने के लिए बीच-बीच में घूमती है। फिर में हरकत होती है और लैपटॉप या कंप्यूटर स्लीप मोड में जाने से बच जाता है। क्योंकि ऐसी डिवाइसेज सिस्टम से कनेक्ट नहीं होतीं, इसलिए उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है। ऐसे भी माउस मूवर आते हैं, जिन्हें डेस्कटॉप या लैपटॉप में प्लग किया जाता है और वो कंप्यूटर स्क्रीन को एक्टिव रखते हैं। हाल के दिनों में माउस जिगलर सॉफ्टवेयर आ गए हैं। इन्हें भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
कौन कर रहा माउस जिगलर का यूज, लगाएं पता
माउस जिगलर का इस्तेमाल कौन कर रहा है, इसका पता सबूतों के साथ तो नहीं, लेकिन कुछ ट्रिक्स से लगाया जा सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, अगर कोई कर्मचारी रिमोट वर्क पर है तो उसके ऑफिस सिस्टम पर इंस्टॉल सॉफ्टवेयर की जांच की जा सकती है। एक तरीका और है कि किसी कर्मचारी को अचानक से जवाब देने के लिए कहा जाए। अगर वह बार-बार टाइम पर रिस्पॉन्ड नहीं कर पाता, तो उसका मतलब है कि वह कुछ गड़बड़ कर रहा है। तस्वीरें: विकीपीडिया व पिक्सल्स से।

