आपरेशन कालनेमी में 5500 का सत्यापन,14बंदी,
Uttarakhand: ऑपरेशन कालनेमि…अब तक 5500 का हुआ सत्यापन, और अधिक प्रभावी ढंग से चलाया जाएगा अभियान
देहरादून में 922 लोगों का सत्यापन हुआ जिसमें से चार लोग गिरफ्तार हुए। बीएसएफ के साथ समन्वय स्थापित करते हुए बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा गया।

◼️ *“ऑपरेशन कालनेमि”- मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के मार्गदर्शन में देवभूमि की आस्था की रक्षा हेतु उत्तराखण्ड पुलिस का बड़ा अभियान चल रहा है*
◼️ *असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्यवाही, जन सुरक्षा और सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा सर्वोपरि*
*देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक धरोहर और मूल स्वरूप को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से, मुख्यमंत्री निर्देशित उत्तराखण्ड पुलिस के चलाये जा रहे ऑपरेशन कालनेमि राज्यभर में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्यवाही करना है, जो अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर समाज में घुलमिलकर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे थे और ठगी, धोखाधड़ी एवं धर्मान्तरण जैसे अपराधों को अंजाम दे रहे थे।*
आज *श्री नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड* ने “ऑपरेशन कालनेमि”के दौरान अब तक की गयी कार्यवाहीएवं अभियान की उपलब्धियों के सम्बन्ध में प्रेस ब्रीफिंग में विस्तार से बताया गया, जो निम्नवत हैं।
*अब तक की उपलब्धियाँ*
◼️उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा प्रदेश में इस अभियान के तहत *5500 से अधिक लोगों का सत्यापन* किया गया है।
◼️इनमें से *14 से अधिक व्यक्तियों को गिरफ्तार* किया गया है।
◼️कुल *1182 व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही* अमल में लायी गयी है।
बड़ी संख्या में संदिग्ध व्यक्तियों के दस्तावेजों की जाँच, ठगी से जुड़े मामलों का पर्दाफाश और बाहरी तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाया गया है।
*जिलावार कार्यवाही*
इस अभियान का प्रभाव विशेषकर उन जिलों में अधिक देखा गया है, जहाँ बाहरी तत्वों की सक्रियता की सूचना प्राप्त हुई थी:
◼️ हरिद्वार जिले में अब तक 2704 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया और उनमें से 3 को गिरफ्तार किया गया।
◼️ देहरादून जिले में 922 व्यक्तियों का सत्यापन और 5 गिरफ्तारियां की गईं।
इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल और अन्य जिलों में भी पुलिस द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है।
*“ऑपरेशन कालनेमि” ने समाज में सकारात्मक संदेश दिया है कि उत्तराखण्ड पुलिस किसी भी ऐसे तत्व को बख्शने के पक्ष में नहीं है, जो देवभूमि की पवित्रता और जनता की आस्था के साथ छल करता है। उत्तराखण्ड पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है कि देवभूमि की पवित्र छवि अक्षुण्ण बनी रहे। इस दिशा में प्रदेश के प्रत्येक जिले में सतत निगरानी और सघन सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। ऑपरेशन कालनेमि” के माध्यम से पुलिस का यह संदेश स्पष्ट है कि समाज और संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।*
*Success Stories*-
*1-* *14 विदेशी अधिनियम एवं धारा d. मु०अ०सं० 111/2025 धारा 318(4)/338/336(3) / 340 (2) बी०एन०एस० थाना सेलाकुईः-*
अपनी पहचान छिपाकर देहरादून में अवैध रूप से *बंगाली डॉक्टर के रूप में काम कर रहे बांग्लादेशी नागरिक को किया गया गिरफ्तार*-ऑपरेश न कालनेमि के दौरान दिनांक 31/08/2025 को गोपनीय माध्यम से सेलाकुई क्षेत्र में 01 बांग्लादेशी नागरिक के अपनी पहचान बदलकर अवैध रूप से रहने की सूचना प्राप्त हुई। प्राप्त सूचना पर एल०आई०यू० देहरादून को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये गये, जिस पर एलआईयू यूनिट सहसपुर की टीम द्वारा सेलाकुई क्षेत्र मे सत्यापन अभियान चलाते हुए उक्त संदिग्ध व्यक्ति के संबंध में गोपनीय रूप से जानकारी एकत्र की। गोपनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर ग्राम कैंचीवाला धूमनगर चौक सेलाकुई से एक बंगाली डॉक्टर अमित कुमार को हिरासत में लिया गया, जिससे पूछताछ में पहले उसने अपना नाम अमित कुमार पुत्र मनीसन्त अधिकारी निवासी पश्चिम बंगाल बताया, सख्ती से पूछताछ में अभियुक्त ने अपना वास्तविक नाम चयन अधिकारी तथा उसके मूल रूप से विलेज रोड श्रीपुर, सुल्तानपुर, पोस्ट – ढालग्राम, जेसोर, बांग्लादेश के होने की जानकारी दी। अभियुक्त के पास से पुलिस को भारत में अवैध तरीके से बनाये गए दस्तावेज आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुए है। उक्त बांग्लादेशी नागरिक को अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर निवास करने के अपराध में गिरफ्तार किया गया, जिसके विरुद्ध थाना सेलाकुई पर 14 विदेशी अधिनियम एवं धारा 318(4)/338/336(3)/340 (2) बी०एन०एस० के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2017-18 में बेनापोल बॉर्डर उत्तर 24 परगना पश्चिम बंगाल से बांग्लादेशी पासपोर्ट पर भारत आया था, जहाँ से वह संभल उत्तर प्रदेश अपने ताऊ शंकर पुत्र स्व० अमोल कृष्णा के पास मोहमदपुर पहुँचा, जो बंगाली डॉक्टर की क्लिनिक चलाते थे। अभियुक्त द्वारा भारत में छिपे रहने के उद्देश्य से अपने ताऊ के पास मेडिकल प्रैक्टिशनर के रूप में काम सीखा तथा अपनी वास्तविक पहचान छुपा कर अवैध तरीके से अमित कुमार नाम से आधार कार्ड, पैन कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस आदि दस्तावेज बनवा लिए। वर्ष 2022 में अभियुक्त के ताऊ की मृत्यु होने के बाद पकड़े जाने के डर से अभियुक्त ने अपना बांग्लादेशी पासपोर्ट जला दिया तथा अलग अलग स्थानों पर भारतीय पहचान पत्र के आधार पर काम करने लगा, पिछले कुछ महीनों से अभियुक्त सेलाकुई में आकर अवैध रूप से उक्त बंगाली क्लिनिक को चला रहा था।
*2- मु०अ०सं० 90/2025 धारा 319/319 (2) बीएनएस थाना सेलाकुई-*
*पहचान छिपाकर लड़कियों को अपने जाल में फसाने वाले अभियुक्त के विरुद्ध दर्ज किया अभियोग* ऑपरेशन कालनेमि के दौरान गोपनीय माध्यम से प्राप्त सूचना के आधार पर सेलाकुई पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए एक अभियुक्त इफराज अहमद लोलू पुत्र इकबाल, निवासी अनंतनाग जम्मू हाल डीबीएस कॉलेज सेलाकुई देहरादून, जो अपनी पहचान व धर्म छिपाकर स्वयं को बहुत अमीर बताते लड़कियों को अपने प्रेम जाल में फंसा रहा था, को ऑपेरशन कालनेमि के तहत हिरासत में लिया गया था, जिसके विरुद्ध धारा 172 बीएनएसएस के तहत वैधानिक कार्यवाही करते हुए छोड़ा गया था। छूटने के बाद अभियुक्त के पुनः उक्त कृत्य में संलिप्त होने तथा अभियुक्त की पत्नी श्रीमति नाजरीन निवासी शेरपुर थाना सहसपुर देहरादून द्वारा दी गयी लिखित तहरीर, जिसमे उसके द्वारा अभियुक्त पर अपना धर्म छिपाकर राज आहूजा के नाम से युवतियों को अपनी पहचान बताने तथा खुद को दिल्ली का निवासी बताते हुए अपनी अमीरी का झूठा झांसा देकर अपने प्रेमजाल में फसाने के सम्बंध तथ्य अंकित किये गए थे, के आधार पर दिनांक-10/08/2025 को अभियुक्त एफराज अहमद लोलू के विरुद्ध थाना सेलाकुई पर मु०अ०सं० 90/2025 धारा 319/319 (2) बीएनएस पंजीकृत किया गया, जिसमे पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए अभियुक्त को पुनः पुलिस हिरासत मे लिया गया।
*3- मु0अ0सं0 126/2025 धारा 3/5 उत्तराखण्ड धर्म स्वतन्त्रता अधिनियम – (धर्म परिवर्तन के अन्तर्राष्ट्रीय गिरोह से सम्बन्धित)*
वादी प्रशान्त चौधरी पुत्र श्री दर्शन सिह निवासी 23 ए वाटिका सन सिटी विस्तार थाना इज्जत नगर बरेली उ०प्र० द्वारा थाना प्रेमनगर में एक शिकायती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया जिसमें उनने बताया कि उनकी बहन को देहरादून पुलिस के माध्यम से जानकारी मिली कि आगरा में कुछ लोगो को पुलिस द्वारा धर्मान्तरण के अपराध में गिरफ्तार किया गया है, जिनके सम्पर्क में वादी की बहन भी थी। देहरादून पुलिस द्वारा धर्मान्तरण जैसे गम्भीर प्रकरण के प्रकाष में आने पर वादी की बहन की काउसलिंग की गई। वादी के अनुसार उसकी बहन की सोशल मीडिया के माध्यम से किसी आशिया उर्फ कृष्णा से जान पहचान हुयी, जो लड़कियों को अपना धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिये प्रलोभन देती थी। उसने वादी की बहन को भी अपनी बातो में फसाकर पैसे व अन्य चीजों का प्रलोभन दिया। इसी बीच फेसबुक के माध्यम से वादी की बहन की मुलाकात अब्दुल रहमान निवासी मुस्तफाबाद दिल्ली से करायी गई। अब्दुल रहमान ने वादी की बहन पल्लवी को दिल्ली बुलाया जहां अब्दुल रहमान व उसके पुत्र अब्दुल रहीम व अब्दुल्ला ने उसका ब्रेनवॉष कर उसे प्रलोभन दिया और सीएचसी सेण्टर दिल्ली पर ले जाकर उसका पता परिवर्तित करा दिया। अब्दुल रहमान ने वादी की बहन पर दबाब बनाकर अन्य हिन्दू लडकियों को इस्लाम धर्म अपनाने के लिये कार्य करने का कहा और प्रलोभन देकर उसके खाते में रूपये भी जमा कराये। अब्दुल रहमान ने उसकी बहन को सेलाकुई निवासी अब्दुर रहमान से मिलकर एक लडकी निवासी रानीपोखरी देहरादून का धर्मपरिर्वतन कराने को कहा। जिस पर वादी की बहन अब्दुर रहमान से मिली जहां अब्दुर रहमान द्वारा भी प्रलोभन देकर उसका धर्मपरिर्वन करने का प्रयास किया गया। 02 वर्ष पूर्व वादी की बहन ने अपने मोबाईल फोन पर लूडो स्टार एप्प डाउनलोड किया जो पाकिस्तानी एप्प था। इसमे खेलते हुये उसकी बहन की पहचान पाकिस्तानी निवासी तहसीन से हुयी, जो दुबई मे रहता था। तहसीन ने उसकी पहचान अपने दोस्त सुलेमान से करायी जो दिल्ली या देहरादून का रहने वाला था, तथा दुबई मे काम करता था। जिसने वादी की बहन को दुबई मे काम का लालच देकर इस्लाम धर्म को अपनाने का प्रलोभन दिया। वादी के प्रार्थनापत्र के आधार पर थाना प्रेमनगर पर दिनांक 26.07.2025 को मु०अ०सं० 126/2025 धारा 3/5 उत्तराखण्ड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 बनाम अब्दुल रहमान आदि पंजीकृत किया गया। विवेचनात्मक कार्यवाही में वादी/पीड़िता एवं गवाहों के विस्तृत बयान अंकित किए गए एवं अभिलेखीय / इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्रित किए गए। दिनांक 20.07.2025 के दैनिकजागरण अखबार में छपे आगरा पुलिस द्वारा आगरा में धर्मान्तरण के एक मामले में आगरा में पंजीकृत मु०अ०सं० 228/2025 धारा 87, 111 (3), 111 (4) बीएनएस व 3/5 उत्तर प्रदेश विधि विरूद्द धर्म सम्पर्वतन प्रतिषेध अधिनियम 2021 में गिरफ्तार किये गये अभियुक्तगणों के फोटोग्राफ्स की पीड़िता एवं गवाहान द्वारा पहचान की गई। संकलित साक्ष्यों के आधार पर धारा 111 (3), 111 (4), 61 (2) बीएनएस की बढोतरी की गई। मुकदमा उपरोक्त में अभियुक्तगणों (1). अभियुक्त अब्दुल रहमान उर्फ महेन्द पाल सिंह पुत्र अनवर शेख उर्फ प्रेमपाल सिंह पता म०नं० 126, गली नं० 6, भगत विहार, करावल नगर, दिल्ली (2). अभियुक्ता एस.बी. कृष्णा उर्फ आयशा माहेनूर पुत्री भजमन शाहू निवासी एफ.एफ.03 फस्ट फ्लोर एलडीडिया डे गोवा बेंगिननिम, थाना ओल्ड गोवा (3). अभियुक्त अब्दुर रहमान उर्फ रूपेन्द्र सिंह उर्फ प्रताप उर्फ शम्भू पुत्र स्व० श्री बदन सिंह निवासी मो० हुकुमतपुर, शंकरपुर थाना सहसपुर जनपद देहरादून, उत्तराखण्ड मूल निवासी महुआहार मजरा नगला केहरी थाना घिरोर जनपद मैनपुरी उ०प्र० उम्र करीब 32 वर्ष (4). अभियुक्त अब्दुल रहीम पुत्र अब्दुल रहमान उर्फ महेन्द पाल सिंह पता म०नं० 126, गली नं० 6, भगत विहार, करावल नगर, दिल्ली व (5). अभियुक्त अब्दुल्ला पुत्र अब्दुल रहमान उर्फ महेन्द पाल सिंह पता म०नं0 126, गली नं0 6, भगत विहार, करावल नगर, दिल्ली के गा० न्यायालय से वारण्ट बी जारी किये गये जिसकी नियत तिथि दिनांक 20. 9.25 है। मुकदमा उपरोक्त में नामजद अभियुक्त सुलेमान जिसके सम्बन्ध में जानकारी करने पर वह देहरादून का रहने वाला है तथा वर्तमान में दुबई में रहता है के विरूद्द लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है।
*4- मु०अ०सं० 58/2025 धारा 3/5 उत्तराखण्ड धर्म स्वतन्त्रता अधिनियम (धर्म परिवर्तन के अन्तर्राष्ट्रीय गिरोह से सम्बन्धित)*
वादी श्री राजकुमार बजाज पुत्र श्री जगदीश लाल बजाज निवासी दुनाली घमण्डपुर रानीपोखरी थाना रानीपोखरी जनपद देहरादून ने एक प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर बताया कि उनकी बेटी उम्र 21 साल पिछले कुछ समय से अजीब व्यवहार कर रही थी। शक होने पर जब उनने पूछताछ तो पता चला कि कुछ मुस्लिम लडके व लड़कियाँ जबरन उनकी बेटी सृष्टि बजाज को बहला फुसलाकर धर्मपरिवर्तन कर मुस्लिम बनाना चाहते है, जिसके लिए उनकी बेटी को पैसे व अन्य तरह के लालच दे रहे है, जिससे उनकी बेटी अजीब व्यवहार कर रही है। प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना रानीपोखरी पर मु०अ०सं० 58/2025 धारा 3/5 उत्तराखण्ड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 बनाम अब्दुर रहमान आदि पंजीकृत किया गया, जिसकी विवेचना के लिए विषेष पुलिस टीम गठित की गई। विवेचनात्मक कार्यवाही में वादी/ पीड़िता एवं गवाहों के विस्तृत बयान अंकित किए गए एवं अभिलेखीय / इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्रित किए गए। दिनांक 20.07.2025 के दैनिक जागरण अखबार में छपे आगरा पुलिस द्वारा आगरा में धर्मान्तरण के एक मामले में आगरा में पंजीकृत मु0अ0सं0 228/2025 धारा 87, 111 (3).111 (4) बीएनएस व 3/5 उत्तर प्रदेश विधि विरूद्द धर्म सम्पर्वतन प्रतिषेध अधिनियम 2021 में गिरफ्तार किये गये अभियुक्तगणों के फोटोग्राफ्स की पीड़िता एवं गवाहान द्वारा पहचान की गई। संकलित साक्ष्यों के आधार पर धारा 111(3), 111(4), 61(2) बीएनएस की बढोतरी की गई तथा अभियुक्तगणों (1). अब्दुल रहमान उर्फ महेन्द पाल सिंह पुत्र अनवर शेख उर्फ प्रेमपाल सिंह पता म०नं० 126, गली नं० 6, भगत विहार, करावल नगर, दिल्ली (2). एस.बी. कृष्णा उर्फ आयशा माहेनूर पुत्री भजमन शाहू निवासी एफ. एफ.03 फस्ट फ्लोर एलडीडिया डे गोवा बेंगिननिम, थाना ओल्ड गोवा के नाम प्रकाश में आये। मुकदमा उपरोक्त में अभियुक्तगणों (1). अभियुक्त अब्दुल रहमान उर्फ महेन्द पाल सिंह पुत्र अनवर शेख उर्फ प्रेमपाल सिंह पता म०नं० 126, गली नं0 6, भगत विहार, करावल नगर, दिल्ली (2). अभियुक्ता एस.बी. कृष्णा उर्फ आयशा माहेनूर पुत्री भजमन शाहू निवासी एफ.एफ.03 फस्ट फ्लोर एलडीडिया डे गोवा बेंगिननिम, थाना ओल्ड गोवा (3). अभियुक्त अब्दुर रहमान उर्फ रूपेन्द्र सिंह उर्फ प्रताप उर्फ शम्भू पुत्र स्व० श्री बदन सिंह निवासी मो० हुकुमतपुर, शंकरपुर थाना सहसपुर जनपद देहरादून, उत्तराखण्ड मूल निवासी महुआहार मजरा नगला केहरी थाना घिरोर जनपद मैनपुरी उ०प्र० उम्र करीब 32 वर्ष (4). अभियुक्त अबू तालिब पुत्र मोहम्मद सरदार फारूकी निवासी किदवई नगर थाना खालापार जनपद मुजफ्फरनगर उम्र करीब 25 वर्ष का वारण्ट बी मा० न्यायालय से जारी कराया गया, जो कि आगरा में पंजीकृत मुकदमाअपराध संख्या 228/25 धारा 87, 111 (3) / 111 (4) बी०एन०एस० एवं 3/5 उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध संप्रवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 में गिरफ्तार है, एवं वर्तमान में जिला कारागार आगरा में निरुद्ध है। बी वारण्ट पर मा० न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने की तिथि 19.9.2025 है।
जानकारी करने पर उपरोक्त अभियोग में नामजद अभियुक्त अयान जावेद जो कि मु०अ०सं० 06/2025 धारा 61 (2)/113(1), (ए), (ii), 152 बीएनएस एवं 16/18/18बी,20 यूएपीए एक्ट एवं 25 (1-बी) ए, 26, 20, 35 आयुध अधिनियम थाना स्पेषल / एटीएस रांची झारखण्ड द्वारा दिनांक 26.04.2025 को गिरफ्तार किया गया है जो कि बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल रांची झारखंड में निरुद्ध है। इसका माननीय न्यायालय से वारण्ट बी जारी किया गया है जिसकी नियत तिथि 19.9. 25 है। उक्त अभियुक्त का सम्बन्ध अन्तर्राष्ट्रीय कट्टरपंथी संगठन HUT (HIZB-UT-TAHIR) से होना प्रकाष में आया है।
*5- फर्जी आई०ए० एस० बताकर ठगी करने वाले की गिरफ्तारी*
दिनांक 02.08.2028 को जनपद टिहरी गढवाल के थाना कैम्पटी पर वादी श्री अभिषेक गोस्वामी के माध्यम से वादी से सम्पर्क कर स्वंय को IAS अधिकारी बताते हुये कस्बा कैम्पटी में निर्माणाधीन गैस्ट हाउस का नक्शा पास कराने के नाम पर कुल 2,55,000/-रुपये की साईबर धोखाधड़ी करने सम्बन्धी दी गयी तहरीर के आधार पर थाना कैम्पटी पर मु0अ0सं0 62/2025 धारा 318(4), 204 बीएनएस पंजीकृत किया गया। उक्त अभियोग की विवेचना उ0नि0 शिवराम के सुपुर्द करते हुये प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल द्वारा तत्काल घटना का संज्ञान लेकर तकनीकि माध्यम का प्रयोग कर नैटग्रिड पोर्टल पर उक्त प्रकरण से सम्बन्धित मोबाईल नम्बरों आदि जानकारी एकत्रित कर प्रकाश में आये अभियुक्त की उक्त मोबाईल नम्बरों को नेटग्रिड के ईआर/क्यूआर सैक्शन में सर्च किया गया जिस पर ज्ञात हुआ कि अभियुक्त शाशिचन्द प्रजापति पुत्र स्वामीनाथ निवासी सराय शेरखा पो० जमताली थाना रानीगंज जिला प्रतापगढ हाल किरायेदार 82/2 हरवारा घीमगंज जिला प्रयागराज उ0प्र0 की अभियोग में संलिप्तता होना पाया गया। तत्पश्चात विवेचक एवं जनपदीय सीआईयू की संयुक्त टीम द्वाराठिकानों पर दबिश देते हुये प्रकाश में आये अभियुक्त की *जनपद प्रयागराज से दिनांक 22.08.2025 को गिरफ्तार किया गया।* अभियुक्त की गिरफ्तारी में नेटग्रिड पोर्टल का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है।
*6- मुकदमा अपराध संख्या 152/2025 धारा 3 पासपोर्ट अधिनियम एवं 14 विदेशी अधिनियमः-*
*साधु के छद्म वेष में घूम रहा बांग्लादेशी व्यक्ति बंदी-*
ऑपरेशन कालनेमि में वृहद स्तर पर चलाए गए सत्यापन अभियान में ग्राम लक्ष्मीपुर चोरखाला (थाना सहसपुर) से एक व्यक्ति (आयु लगभग 25 वर्ष), जो काले कपडों में अर्ध नग्न अवस्था में शनि दान बाबा के वेष में बैठा था, को पकड़ा गया। नाम /पता पूछने पर उसने अपने बारे में कुछ नहीं बताया। वहां से प्रतिदिन आने- जाने वालों और आसपास के लोगों ने पूछने पर बताया कि यह व्यक्ति शायद गूँगा है, किसी से कुछ बातचीत नहीं करता, भीख मांग कर अपना जीवन यापन कर रहा है। संदिग्धता परिलक्षित होने पर उस व्यक्ति से आवश्यक पूछताछ की गई किन्तु वह हिंदी भाषा बोलने तथा समझने में असमर्थ लगा । इस बीच धीमी आवाज से बंगाली भाषा से मिलते-जुलते कुछ टूटे-फूटे शब्द बोलने पर पश्चिम बंगाल / रोहंगिया / बांग्लादेशी नागरिक होने की आशंका के दृष्टिगत दुभाषिये के माध्यम से कठोरता से पूछताछ करने पर अपना नाम रुकन रकब उर्फ शाहआलम (पुत्र आबूर उर्फ नईम अली उर्फ नायाब अली निवासी गाँव व थाना सखीपुर जिला तंगइल, बांग्लादेश) होना बताया। इसके आधार पर थाना सहसपुर पर मुकदमा अपराध संख्या-152/2025 धारा-03 पासपोर्ट अधिनियम 1920 एवं धारा 14 विदेशी अधिनियम 1946 बनाम रुकन रकब पंजीकृत करवाया गया। उसके फिंगर प्रिंट / दूतावास के माध्यम से बांग्लादेशी नागरिक होने के पुष्टि हुयी है।
*7-* दिनांक 22 अगस्त 2024 को वादिनी श्रीमती जानकी (पत्नी विजेन्द्र निवासी पीठ बाजार कोतवाली ज्वालापुर जनपद हरिद्वार) ने कोतवाली ज्वालापुर पर लिखित शिकायत देकर बताया कि 1 *तांत्रिक विक्रम (निवासी जैतपुर, कोतवाली लक्सर, हरिद्वार) 2-तांत्रिक संदीप कुमार (निवासी दाबकी कला, कोतवाली लक्सर, जनपद हरिद्वार) ने वादिनी से एक लाख रूपए व अन्य व्यक्तियों की भी समस्या दूर करने व औषधि व चमत्कारी उपचार करने के नाम पर धोखाधड़ी कर पैसे हड़प लिये हैं । इस सम्बन्ध में वादिनी की लिखित शिकायत के आधार पर कोतवाली ज्वालापुर पर मुकदमा अपराध संख्याः 437/2025 धारा-318(4), 318 (2), 352 भारतीय न्याय संहिता की धारा 07 औषधि और चमत्कारी अधिनियम पंजीकृत किया गया। ऑपरेशन कालनेमी अभियान में घटना को गम्भीरता से लेते हुए ज्वालापुर थाने से पुलिस टीम का गठन कर इन कथित तांत्रिकों को बंदी बनाने को सभी सम्भावित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया तथा गुप्तचर तंत्र सक्रिय करते हुए इन बहुरूपीये / फर्जी तांत्रिकों को 23 अगस्त 2025 को जटवाड़ा पुल के पास नदी किनारे घाट से बंदी किया गया । उनके पास से मिले 02 अवैध चाकुओं के आधार पर मुकदमे उ में धारा 4/25 शस्त्र अधिनियम की भी वृद्धि की गयी। अभियुक्तगणों से पूछताछ करने पर प्रकाश में आया कि वें और लोगों को भी चमत्कार प्रलोभन देकर अपना निशाना बना चुके हैं। ऑपरेशन कालनेमी अभियान में वैधानिक करते हुए अभियुक्तों को जेल भेजा गया।
*8-* जनपद हरिद्वार के पिरान कलियर में साबिर पाक का सालाना उर्स 24 अगस्त 2025 से शुरु हुआ और अभी तक चल रहा है। कलियर उर्स में पूर्व में भी अवैध रूप से बांग्लादेशी नागरिकों के आने की सूचना प्राप्त होती रही है। इस सम्भावना पर तथा ऑपरेशन कालनेमी में स्थानीय अभिसूचना इकाई, हरिद्वार ने सत्यापन अभियान चलाया। सत्यापन की कार्यवाही में 26 अगस्त 2025 को बंगाली भाषी मौहम्मद युसुफ ( पुत्र मौहम्मद आलम निवासी कलैया थाना इंदूर कानी जिला बेरिसाल बांलादेश) उम्र लगभग 55 वर्ष को चिन्हित किया गया। 26 अगस्त 2025 को ही सत्यापन में एक पूर्व सिद्ध अपराध दोषी बांग्लादेशी मौहम्मद उज्जल (पुत्र मौहम्मद निजामुद्दीन निवासी मासिमपुर, थाना दवारा बाजार, जनपद सुनमगंज, बांग्लादेश) उम्र 31 वर्ष जो दिनांक 21.03.2020 में मु0अ0सं0: 42/20 धारा 14 विदेशी अधिनियम, 12 पासपोर्ट अधिनियम व 03 पासपोर्ट एंट्री इंटु इण्डिया एक्ट 1920 चालानी थाना पिरान कलियर, हरिद्वार में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था को सत्यापन के दौरान चिन्हित किया गया। भारत सरकार की नयी नियमावली के आधार पर उपरोक्त दोनों को डिटेंशन सेंटर 40वीं वाहिनी पीएसी में भेजा गया है। BSF से तिथि मिलने पर डिपोर्ट कर दिया।
9- 07. अगस्त.2025 को सत्यापन / चैकिंग में पुलिस टीम को चण्डीघाट क्षेत्र में एक व्यक्ति भगवान शिव के वेश में घूमते मिला। पुलिस को देख उसकी हरकतों में आए बदलाव से संदिग्ध लगा तो पुलिस कर्मियों ने उस से पूछताछ की तो बहरूपिए ने अपना परिचय दीपक सैनी निवासी सुभाष नगर ज्वालापुर बताया कि वह लडकियों व महिलाओं को शिव भगवान का आशीर्वाद / प्रसाद देकर उनकी मनोकामना पूर्ण होने का आश्वासन देता है। टीम कॉर्डिनेशन से इस व्यक्ति की विस्तृत जानकारी एकत्रित की गई तो पता चला कि वह थाना श्यामपुर पर पूर्व में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 72/2025 धारा 65 (1) भारत न्वन्या संहिता की धारा 3/4(2) पोक्सो अधिनियम में वांछित है जिसमें उस पर नाबालिक लड़की को बहला फुसलाकर एवं झूठे प्रलोभन देकर उससे दुष्कर्म करने के आरोप है। बहरूपिये के सम्बन्ध में अन्य जानकारी करने पर पता चला कि यह आरोपित खुद को परम ज्ञानी एवं त्रिकालदर्शी शिवभक्त बताकर भोली-भाली महिलाओं और छोटी बच्चियों को बहला फुसला कर एवं प्रसाद खिलाकर उनके साथ दुष्कर्म करता था। आरोपित पर अपनी पत्नी से मारपीट, गाली-गलौच कर दहेज को प्रताड़ित करने के आरोप में थाना मंडी जनपद सहारनपुर उत्तर प्रदेश में दहेज अधिनियम तथा भारतीय दंड विधान की अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है। इसके अतिरिक्त भी धार्मिक स्वतंत्रता को आघात करने बलवा, मारपीट, शांतिभंग के आरोपों में कोतवाली ज्वालापुर में विभिन्न मुकदमें दर्ज हैं। कथित बहुरुपिए *शिव भेषधारी दीपक सैनी को गिरफ्तार कर पुलिस ने नियमानुसार कानूनी कार्यवाही की ।*
10– 14 जुलाई 2025 को श्रावण कॉवड मेला के दृष्टिगत थाना क्षेत्रान्तर्गत दरगाह व कॉवड नहर पटरी के आस-पास गश्त /चैकिंग में बहरुपिये बाबा जो *कांवडियां भेष में तन्त्र-मन्त्र, जादू-टोना आदि दिखाकर सामान्य जन को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। इन बहरुपिये बाबाओं के कृत्य से कांवडियों के भड़कने/उग्र होने से संज्ञेय अपराध की आशंका के दृष्टिगत थाना पिरान कलियर पुलिस टीम ने 03 बहरुपिये बाबाओं को अन्तर्गत धारा 172 (2) BNSS में गिरफ्तार कर थाना दाखिल किये है। इनमें से गिरफ्तार बहरूपिया बाबा जितेन्द्र (पुत्र कुंवरपाल निवासी दलपतपुर थाना बिलारी जिला उत्तर प्रदेश , उम्र 40 वर्ष) से आधार कार्ड व अन्य पहचान सम्बन्धी कागजात मांगे गये तो वह यह सब नही दिखा पाया ।इसके सम्बन्ध में सूचना इसके घरवालों को देनी चाही तो घर का नम्बर भी नही दे पाया। फिर मामला और संदिग्ध होने पर इसके गृह थाना बिलारी मे जांच पड़ताल की गयी तो *बाबा का वर्ष 2005 से 20 वर्षो से लापता होना पाया तथा बिलारी थाने से इसके घर वालों का नम्बर उपलब्ध करवाया गया। उनसे बात करने पर उन्होने बताया कि उन्हे उसके 20 वर्षों से लापता होने से जिन्दा होने की भी आशा नही थी । उसके परिजन रोते विलख्ते थाना पिरान कलियर पहुंचे । उसे उसके परिजनों से मिलाकर उचित. कार्यवाही के बाद उन्हे सौंपाकर विदा किया गया। शेष अन्य दोनों बाबाओं को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
ऑपरेशन कालनेमि” में उत्तराखंड पुलिस का अभियान आगे भी सतत् रूप से जारी रहेगा।

