डिजिटल फ्राड से कैसे बचें?

डिजिटल फ्रॉड (साइबर धोखाधड़ी) एक ऐसी संगठित प्रक्रिया है जिसके माध्यम से ठग, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (UPI, सोशल मीडिया, ऐप्स) का उपयोग करके लोगों को झांसा देकर उनकी मेहनत की कमाई चुरा लेते हैं। हाल के वर्षों में इसके मामलों में भारी वृद्धि हुई है।

🔍 डिजिटल फ्रॉड के प्रमुख प्रकार
डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest): इसमें ठग पुलिस, सीबीआई, या ईडी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं। वे किसी फर्जी पार्सल या केस में फंसाने की धमकी देकर पीड़ित को घंटों तक वीडियो कॉल पर ऑनलाइन बंधक (Digital Arrest) बना लेते हैं और फिर भारी रकम ऐंठ लेते हैं।
म्यूल अकाउंट्स (Mule Accounts): ठग कमीशन का लालच देकर या किराए पर आम लोगों के बैंक खाते (Mule Accounts) लेते हैं। फ्रॉड का पैसा सबसे पहले इन्हीं खातों में जाता है और फिर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर होकर क्रिप्टोकरेंसी या हवाला के माध्यम से गायब हो जाता है।
फर्जी लिंक और ऐप: लुभावने मैसेज या लॉटरी का लालच देकर संदिग्ध लिंक पर क्लिक करवाया जाता है या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवाकर बैंक खाते खाली कर दिए जाते हैं।

🛡️ फ्रॉड से बचने के उपाय
सजग रहें: कोई भी सरकारी या पुलिस अधिकारी जांच के लिए वीडियो कॉल नहीं करता है और न ही ऑनलाइन पैसे की मांग करता है।
जानकारी साझा न करें: बैंक डिटेल्स, ओटीपी (OTP), आधार या पैन कार्ड कभी भी किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
संदेहास्पद ऐप्स से बचें: अज्ञात स्रोतों से आए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई अनजान ऐप (जैसे- AnyDesk, TeamViewer) डाउनलोड करें।🚨 फ्रॉड होने पर क्या करें?
तुरंत करें शिकायत: यदि आप किसी साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। इसे घटना के कुछ ही घंटों (गोल्डन ऑवर) में रजिस्टर कराने से पैसे रिकवर होने की संभावना बढ़ जाती है।
आधिकारिक पोर्टल: आप नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
संचार साथी: संदिग्ध कॉल्स की रिपोर्ट करने के लिए दूरसंचार विभाग के संचार साथी पोर्टल का इस्तेमाल करें।

डिजिटल गिरफ्तारी एक बढ़ता हुआ साइबर अपराध है जिसमें धोखेबाज कानून प्रवर्तन अधिकारियों, न्यायालय के अधिकारियों या सरकारी एजेंसियों के कर्मचारियों के रूप में पहचान बनाकर पीड़ितों को आडियो और वीडियो काल से डराते हैं।

सतर्क रहें, जागरूक रहें! Digital Arrest, Digital Fraud का एक हिस्सा है। KYC या re-KYC केवल अपने बैंक की शाखा या आधिकारिक App और authorised medium से ही कराएं।

व्यक्तिगत उपाय · अपने बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करना · साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर घटना की रिपोर्ट करना · हैक किए गए पासवर्ड बदलना और अनधिकृत गतिविधि के लिए खातों की निगरानी करना …

‘नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल’ (NCRP) के मुताबिक, साल 2024 में डिजिटल अरेस्ट और इससे जुड़े साइबर अपराधों के 1.23 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए। इनमें करीब 1,935.51 करोड़ रुपए की ठगी हुई। 
*”सर, आप डिजिटल अरेस्ट हो!”फोन काटो! पहले ‘अभय’ खोलो!*
*🚨 सावधान: CBI का नया सुरक्षा कवच ‘ABHAY’ 🚨*
*क्या है ‘ABHAY’?*
CBI का फ्री AI चैटबॉट। ये बताएगा कि आपको मिला CBI नोटिस *असली है या फर्जी*।
*कब काम आएगा?*
अगर कोई वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट” की धमकी दे, पैसे मांगे।
*कैसे चेक करें? 3 स्टेप:*
1. *साइट खोलें:* https://abhay.cbi.gov.in/
2. *नोटिस अपलोड करें:* मिली हुई PDF/फोटो डालें
3. *तुरंत पता चलें:* असली या नकली, चैटबॉट बता देगा
*याद रखें:*
✅ CBI कभी WhatsApp कॉल पर अरेस्ट नहीं करती
✅ “डिजिटल अरेस्ट” होता ही नहीं है
✅ CBI कभी पैसे ट्रांसफर को नहीं कहती
*फर्जी लगे तो 1930 पर कॉल करें*
*CBI का ‘अभय’ – आपका डिजिटल अंगरक्षक*
*कानून: भारत में “डिजिटल अरेस्ट” है ही नहीं। जो डराए, वो ठग है। जो बचाए, वो ‘अभय’ है।*
*Can you tell if a video is real… or AI-generated?*
Deepfake videos are becoming more realistic, making it harder to identify manipulated content online. Before trusting or forwarding any suspicious video, take a closer look.
Watch out for these warning signs:
• Lip-sync issues — voice and lip movement may not match naturally
• Unnatural eye movement or blinking patterns
• Artificial voice characteristics like robotic tone or unusual audio patterns
Remember the 3-finger check: If a video call feels suspicious, ask the person to place 3 fingers in front of their face. In manipulated or AI-generated visuals, filters or deepfake technology may sometimes show visual inconsistencies.
⚠️ *Deepfake से सावधान रहें!*
*Deepfake Check*
*📲 WhatsApp करें: +91 99990 25044🔍* Helpline – MCA India
Misinformation Combat Alliance (MCA) की Deepfakes Analysis Unit *(DAU)संदिग्ध कंटेंट की जांच करती है।*
*✅ सेवा निःशुल्क है*🔒 आपकी पहचान गोपनीय रखी जाती है
*सोच-समझकर शेयर करें — क्योंकि एक Fake Video समाज में बड़ा नुकसान कर सकता है।*

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