चंपावत बालिका गैंग रेप भी निकले कहाँ तक?
Champawat News › Bar Association enraged over removal of youth from court premises in student gang raped case
छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामला: कोर्ट परिसर से युवक को ले जाने पर भड़का बार संघ, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
चम्पावत
चंपावत में सामूहिक दुष्कर्म मामले में पीड़िता की पैरवी कर रहे कमल रावत को न्यायालय परिसर से हिरासत में लेने पर जिला बार संघ भड़क गया और पुलिस पर मनमानी व उत्पीड़न के आरोप हैं.
चंपावत में हाईस्कूल की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अब पुलिस कार्रवाई को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पीड़िता की पैरवी कर रहे और मामले को सोशल मीडिया पर उठाने वाले कमल रावत को न्यायालय परिसर से पुलिस और एसओजी टीम की ओर से हिरासत में लिए जाने पर जिला बार संघ भड़क उठा। बार संघ ने पुलिस पर मनमानी और अधिवक्ताओं के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जिला जज को ज्ञापन सौंपा।
जिला बार संघ के पूर्व अध्यक्ष राम सिंह बिष्ट ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार सुबह करीब 11:15 बजे कमल सिंह रावत न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान कोतवाली प्रभारी बीएस बिष्ट और एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट पुलिस बल के साथ परिसर में पहुंचे और कमल रावत को जबरन अपने साथ ले गए।
बार संघ का आरोप है कि पुलिस ने अधिवक्ताओं के विरोध के बावजूद बल प्रयोग किया और कमल रावत को पुलिस वाहन में बैठा कर कोतवाली ले जाया गया। संघ का कहना है कि पूरी घटना न्यायालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई है।
अधिवक्ता राम सिंह बिष्ट ने कहा कि जब पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई का आधार पूछा गया तो उन्होंने दो घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा होने की बात कही। बार संघ ने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। संघ का आरोप है कि निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस अपराधियों को संरक्षण दे रही : बार संघ
बार संघ ने आरोप लगाया कि जिले में पीड़ित पक्ष का उत्पीड़न किया जा रहा है जबकि अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है। बार संघ के अनुसार, कमल सिंह रावत को पूर्व में भी पीड़िता की रिपोर्ट दर्ज कराने के दौरान करीब 16 घंटे तक अवैध रूप से बैठाए रखा गया था और प्राथमिकी दर्ज करने पर भी टालमटोल की गई। बार संघ ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई कि मांगें पूरी नहीं होने पर अधिवक्ताओं और विभिन्न संगठनों के साथ मिल कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में अधिवक्ता हेम जोशी, पवन ज्योति मनराल, आकांक्षा, निर्मल तड़ागी, प्रांचल वर्मा, गंगा आर्या और दीपक जोशी समेत कई अधिवक्ता शामिल रहे।
