फर्जी वीडियो में मधु किश्वर को अग्रिम जमानत नही

PM का बता भ्रामक वीडियो वायरल करने वाली लेखिका को राहत नहीं; जमानत अर्जी खारिज, चंडीगढ़ में दर्ज है केस

प्रसिद्ध लेखिका मधु किश्वर की अग्रिम जमानत याचिका चंडीगढ़ जिला अदालत ने खारिज कर दी है। उन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बताकर फर्जी वीडियो वायरल करने का आरोप है। उनके खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज किया था।

प्रधानमंत्री की छवि खराब करने की कोशिश में लेखिका मधु किश्वर पर चंडीगढ़ में दर्ज है मामला।

चंडीगड़। फर्जी वीडियो वायरल करने के मामले में प्रसिद्ध लेखिका मधु किश्वर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चंडीगढ़ जिला अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मधु किश्वर के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने पिछले महीने एफआईआर दर्ज की थी।

लेखिका पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बताकर एक फर्जी और भ्रामक वीडियो वायरल करने का आरोप है। प्रधानमंत्री की छवि को खराब करने की कोशिश में उनके खिलाफ चंडीगढ़ में शिकायत दी गई थी।

पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 318, 336(1), 336(3), 336(4), 340, 353, 356 और आईटी एक्ट के तहत केस दायर किया था। उन्हें जांच में शामिल होने के लिए चंडीगढ़ पुलिस कई बार नोटिस भी भेज चुकी है।

इसलिए उन्होंने गिरफ्तारी से बचने को अग्रिम जमानत आवेदन दिया था । इससे पहले मधु ने चंडीगढ़ जिला अदालत में याचिका दे एफआईआर की कापी मांगी थी। वहीं, इस मामले में पुलिस ने हैदराबाद (तेलंगाना) से भी एक आरोपित पकड़ा है।

 

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मधु किश्वर आजाद, उनकी पोस्ट रीपोस्ट करने वाला मुस्लिम पत्रकार गिरफ्तार!
रैहान शाहिद May 09, 2026, 19:45 PM IST

मधु किश्वर आजाद, उनकी पोस्ट रीपोस्ट करने वाला मुस्लिम पत्रकार गिरफ्तार!

Punjab Police Arrests Muslim Journalist: हैदराबाद के फ्रीलांस जर्नलिस्ट हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. हसन के खिलाफ यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर मधु किश्वर की एक पोस्ट को रिपोस्ट करने के आरोप में की गई है. हालांकि, मधु किश्वर के खिलाफ नर्मी और हसन के खिलाफ सख्ती बरतने पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं.

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Telangana News: सोशल मीडिया पर एक मैसेज को दोबारा शेयर करना हैदराबाद के एक मुस्लिम फ्रीलांस जर्नलिस्ट को भारी पड़ गया. पंजाब पुलिस ने एक ऐसे मामले में कार्रवाई की है, जिसने अभिव्यक्ति की आजादी और कानून के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

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पंजाब पुलिस ने हैदराबाद के रहने वाले फ्रीलांस जर्नलिस्ट हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है. मोहिउद्दीन सिद्दीकी पर आरोप है कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से मधु किश्वर के जरिये शेयर की गई एक वीडियो रिपोस्ट किया. पुलिस का कहना है कि यह वीडियो कथित तौर पर भ्रामक और गलत जानकारी फैलाने से जुड़ा हुआ है.

बता दें, मधु किश्वर मशहूर लेखिका और पत्रकार हैं, और इससे पहले वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कट्टर समर्थक रही हैं. मधु किश्वर को पोस्ट को रिपोस्ट करने के आरोप में हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी को चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इसके बाद इतवार (9 मई) तक के लिए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. मामले में अभी और जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है.

गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं हसन
जर्नलिस्ट होने के साथ-साथ हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी इतिहास में भी गहरी रुचि रखते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हसन वह गंभीर अग्न्याशय बीमारी (Pancreas Disease) से पीड़ित हैं और उन्हें लगातार चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत पड़ती है.

 

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बताया जा रहा है कि हसन ने जिस मैसेज को दोबारा शेयर यानी रिपोस्ट किया था, उसे मधु किश्वर ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पहले ट्विटर) पर शेयर किया था. हालांकि अब खुद मधु किश्वर के जरिये वह मैसेज हटाया जा चुका है.

 

पिछले महीने इस मामले में मधु किश्वर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था. चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाने में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं और इंफॉर्मेशन टेक्नॉलोजी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. इन धाराओं में धर्म, नस्ल और भाषा के आधार पर अलग-अलग समूहों के बीच नफरत या दुश्मनी फैलाने से जुड़ी धारा 196, जालसाजी से संबंधित धारा 336(1) और मानहानि से जुड़ी धारा 356 शामिल है.

पुलिस में एक चंडीगढ़ के शख्स ने दर्ज कराई थी FIR
सियासत में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में एक शख्स के जरिये दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कई सोशल मीडिया यूजर्स अश्लील और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लगातार भ्रामक कंटेंट के साथ वीडियो मैसेज फैला रहे थे. शिकायतकर्ता का दावा है कि वीडियो में दिख रहे शख्स की गलत पहचान बताकर कंटेंट शेयर किया जा रहा था.

शिकायत में यह भी कहा गया कि यह झूठा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार करने की सुनियोजित कोशिश थी. शिकायतकर्ता के मुताबिक कंटेंट शेयर करने वालों को यह जानकारी थी कि संदेश भ्रामक और गलत है, फिर भी उन्हें जानबूझकर फैलाया गया ताकि किसी शख्स की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके.

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो का इस्तेमाल एक संवैधानिक पद पर बैठे शख्स की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और समाज में शांति व्यवस्था बिगाड़ने के मकसद से किया गया. इसी आधार पर मामले की जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है.

मधु किश्वर की अभी तक नहीं हुई गिरफ्तारी!
हालांकि, इसी मामले में मधु किश्वर के खिलाफ भी एफआईआर है. चंडीगढ़ पुलिस ने ही मशहूर लेखिका और कभी पीएम मोदी की कट्टर समर्थक रहीं मधु किश्वर समेत दूसरे सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ भी केस दर्ज किया है. इस मामले में 19 अप्रैल 2026 के एक शख्स ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने मधु किश्वर को पूछताछ के लिए नोटिस भी जारी किया, लेकिन वह हाजिर नहीं हुईं.

PM मोदी का बताकर पोस्ट किया फर्जी वीडियो, लेखिका मधु किश्वर समेत कई सोशल मीडिया हैंडल्स पर FIR; जानें मामला

चंडीगढ़ पुलिस ने शिकायत के आधार पर लेखिका मधु किश्वर और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ सेक्टर-26 थाने में केस दर्ज किया है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस फर्जी वीडियो-कंटेंट को फैलाने में कौन-कौन लोग शामिल हैं और उनका उद्देश्य क्या था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बताकर एक फर्जी और भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार शेयर किया गया. इसे लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने लेखिका मधु किश्वर और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स पर केस दर्ज कर लिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

दरअसल, 19 अप्रैल 2026 को एक स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दी कि कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स एक वीडियो क्लिप को पीएम मोदी की पहचान के साथ वायरल कर रहे हैं. इस वीडियो के साथ अश्लील शब्द और आपत्तिजनक कंटेंट भी जोड़ा गया है, जिससे न सिर्फ संबंधित व्यक्ति की छवि खराब हो रही है बल्कि समाज में भी गलत संदेश फैल रहा है.

शिकायतकर्ता ने कहा- सब जानबूझकर किया गया
शिकायतकर्ता का कहना है कि यह सब जानबूझकर किया गया है. आरोप है कि सोशल मीडिया पर झूठे और भ्रामक इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किए गए, जिनमें गंदी भाषा का इस्तेमाल किया गया. यह जानते हुए कि पोस्ट पूरी तरह गलत हैं, फिर भी उन्हें शेयर किया. इसका मकसद व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना और सार्वजनिक शांति को भंग करना है.

वीडियो में दिख रहा व्यक्ति ट्रैवल व्लॉगर
पुलिस की जांच में सामने आया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति ट्रैवल व्लॉगर है, उसकी पत्नी अपने सोशल मीडिया अकाउंट से नियमित रूप से उनकी गतिविधियों से जुड़े वीडियो और अपडेट शेयर करती रहती हैं. वीडियो सबसे पहले उनके ही अकाउंट से पोस्ट किया गया था. महिला ने पुलिस को दिए बयान में साफ कहा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति उसका पति है. पुलिस ने वीडियो में मौजूद एक अन्य महिला और पति के बयान भी दर्ज कर लिए हैं.

फर्जी वीडियो फैलाने में कौन-कौन शामिल?
चंडीगढ़ पुलिस ने शिकायत के आधार पर लेखिका मधु किश्वर और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ सेक्टर-26 थाने में केस दर्ज किया है. आरोपियों पर मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 318, 336(1), 336(3), 336(4), 340, 353 और 356 लगाई गई हैं. साथ ही आईटी एक्ट की धारा 66C, 66D और 67 भी लगाई गई हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस फर्जी वीडियो-कंटेंट को फैलाने में कौन-कौन लोग शामिल हैं और उनका उद्देश्य क्या था.  जांच  बाद दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी।

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