ममता बनर्जी के वकील वेश में कोर्ट आने पर विवाद, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने शुरु की जांच

ममता बनर्जी के वकील वेश में कोर्ट आने पर विवाद, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने राज्य बार काउंसिल से मांगा जवाब

वकील की पोशाक में कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं ममता बनर्जी तो हो गया विवाद

नई दिल्ली-देहरादून 15 मई 2026। BCI ने मीडिया रिपोर्ट को आधार बनाते हुए कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री का कोर्ट में वकीलों के आधिकारिक परिधान में दिखना बार काउंसिल के नियमों और प्रोफेशनल आचरण के लिए तय मानकों में जांच का विषय है.

वकील की पोशाक में कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं ममता बनर्जी तो हो गया विवाद

कलकत्ता हाई कोर्ट में बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वकीलों की तरह गाउन और बैंड पहनकर पेश होने पर विवाद गहराता जा रहा है.वकीलों की सर्वोच्च नियामक संस्था बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से इस पर जानकारी मांगी है. BCI ने ममता के बतौर वकील नामांकन और प्रैक्टिस की स्थिति पर रिपोर्ट देने को कहा है.

पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी कलकत्ता हाई कोर्ट में वकील की पोशाक में पेश हुई थीं. इसकी तस्वीर सामने आने के बाद काफी विवाद हुआ.यह विवाद इस बात को लेकर था कि एलएलबी परीक्षा पास करने का मतलब कोर्ट में सीधे पेश होने का अधिकार नहीं होता. उसके लिए राज्य बार काउंसिल के पास एनरोलमेंट करवाना होता है और सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस हासिल करना होता है.अगर ममता पहले वकील के रूप में बार काउंसिल के रजिस्टर में दर्ज रही भी हों,तो संवैधानिक पद पर रहने के चलते उनका नामांकन स्थगित हो जाना चाहिए था.

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने राज्य बार काउंसिल को निर्देश दिया है कि वह ममता बनर्जी के नामांकन और प्रैक्टिस की वर्तमान स्थिति की पुष्टि करे. BCI ने मीडिया रिपोर्ट को आधार बनाते हुए कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री का कोर्ट में वकीलों के आधिकारिक परिधान में दिखना बार काउंसिल के नियमों और प्रोफेशनल आचरण को निर्धारित मानकों में जांच का विषय है.

ध्यान रहे कि BCI के नियमों के मुताबिक अगर कोई वकील किसी संवैधानिक पद या लाभ के पद पर बैठता है, तो उसे अपनी प्रैक्टिस निलंबित करनी पड़ती है. पद को छोड़ने के बाद वकालत दोबारा शुरू करने के लिए उसे राज्य बार काउंसिल को आवेदन देना होता है और प्रैक्टिस की अनुमति हासिल करनी होती है. पश्चिम बंगाल बार काउंसिल के जवाब से तय होगा कि पूर्व मुख्यमंत्री का कोर्ट में वकील के रूप में पेश होना नियमों के मुताबिक था या नहीं.

BCI ने इन सवालों का जवाब मांगा है :-

1. ममता बनर्जी का एनरोलमेंट नंबर और उसकी तारीख क्या है?2. क्या उनका नाम अभी वकीलों के रजिस्टर में दर्ज है?3. मुख्यमंत्री के तौर पर उनके 2011 से 2026 तक के कार्यकाल के दौरान क्या उन्होंने अपनी प्रैक्टिस स्वेच्छा से निलंबित की थी?4. क्या उन्होंने प्रैक्टिस दोबारा शुरू करने के लिए कोई आवेदन दिया है?5. क्या उनका ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ (COP) वर्तमान में वैध और सक्रिय है?

BCI ने राज्य बार काउंसिल को 16 मई तक जवाब देने को कहा है. पत्र में इस बात की सख्त चेतावनी दी गई है कि राज्य बार काउंसिल अपने रिकॉर्ड में कोई छेड़छाड़ न करे. मामले के सभी मूल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जाए. जांच लंबित रहने तक दस्तावेजों में किसी भी तरह का सुधार, ओवरराइटिंग या बदलाव न किया जाए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *