राम मंदिर चोरी:सबसे ज्यादा 21 लाख मिले अविनाश शुक्ला से
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: अविनाश शुक्ला से लेकर टिन्नू तक पुलिस को किसके पास से क्या मिला?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: अविनाश शुक्ला से लेकर टिन्नू तक पुलिस को किसके पास से क्या मिला?
जांच में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और अविनाश शुक्ला की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है. एसआईटी अब पैसों के पूरे नेटवर्क, संपत्तियों और कथित गबन के तरीके की जांच कर रही है. जांच के दायरे में मंदिर से जुड़े कुछ अन्य पदाधिकारी भी बताए जा रहे हैं।
अयोध्या (उत्तरप्रदेश) 01 जुलाई 2026 :राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में जांच लगातार नए अनावरण कर रही है. अब इस मामले में सामने आए पुलिस अभिलेखों से पहली बार यह साफ़ हुआ है कि गिरफ्तार किए गए आरोपितों में से सबसे बड़ी नकदी किसके पास से बरामद हुई. अभिलेखों के अनुसार, सबसे ज्यादा रकम अविनाश शुक्ला के पास से मिली है. इसके अलावा सात आरोपितों ने पूछताछ में कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती के समय चोरी और गबन किया गया था. अभिलेखों में यह भी अंकित है कि पुलिस कार्रवाई से पहले मंदिर ट्रस्ट ने आरोपितों से कुछ रकम वापस भी ले ली थी.
इस मामले में अयोध्या पुलिस ने अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रमाकांत मिश्रा, करूणेश पांडेय, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, मनीष कुमार यादव समेत आठ लोग पकडे थे. सभी आरोपित फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है।
जांच में सबसे बड़ा अनावरण अविनाश शुक्ला को लेकर हुआ है. बंदी करते तैयार पुलिस अभिलेखों के अनुसार, उसने पूछताछ में कथित तौर पर स्वीकार किया कि चढ़ावे की रकम की गिनती के समय चोरी और गबन किया था. उसकी पहचान पर ट्रस्ट की मौजूदगी में 20 लाख 39 हजार 220 रुपये, 1,121 अमेरिकी डॉलर, चांदी जैसी धातु की एक वस्तु, दो सोने की चेन और एक अंगूठी मिली. अब तक की जांच में यह सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है.
पुलिस अभिलेखों के अनुसार आरोपितों से मिली नकदी
- अविनाश शुक्ला – ₹20,39,220 नकद | 1,121 अमेरिकी डॉलर | 2 सोने की चेन | 1 अंगूठी | चांदी जैसी धातु की वस्तु
- करूणेश पांडेय – ₹18,07,063
- अनुकल्प मिश्रा – ₹16,82,040
- लवकुश मिश्रा – ₹14,25,000
- रमाकांत मिश्रा – ₹7,32,170
- मनीष कुमार यादव – ₹2,00,000
- राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू – ₹1,00,000
आरोपियों ने पूछताछ में चोरी और गबन की बात स्वीकारी
दूसरे आरोपित नुकल्प मिश्रा के बारे में भी पुलिस अभिलेखों में दावा किया गया है कि उसने पूछताछ में चोरी और गबन की बात स्वीकार की. उसकी निशानदेही पर 16 लाख 82 हजार 40 रुपये मिले. लवकुश मिश्रा के पास से 14 लाख 25 हजार रुपये मिले, जबकि रमाकांत मिश्रा से 7 लाख 32 हजार 170 रुपये मिले. करूणेश पांडेय के पास से 18 लाख 7 हजार 63 रुपये बरामद होने का उल्लेख अभिलेख में है. वहीं मनीष कुमार यादव के पास से 2 लाख रुपये और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास से 1 लाख रुपये बरामद किए गए.

सूत्रों के अनुसार, जांच में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और अविनाश शुक्ला की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है. एसआईटी अब पैसों के पूरे नेटवर्क, संपत्तियों और कथित गबन के तरीके की जांच कर रही है. जांच के दायरे में मंदिर से जुड़े कुछ अन्य पदाधिकारी भी बताए जा रहे हैं.

बताया जा रहा है कि एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट 10 जुलाई के बाद सौंप सकती है. माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर कुछ और लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है और पूरे कथित चढ़ावा चोरी मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी.

