‘सादिक ने पति मारा, मुस्लिम बनने को दबाव…’ सौजन्या की सपरिवार आत्महत्या
‘सादिक ने पति को मारा, मुस्लिम बनने का देता था दबाव…’ सौजन्या ने बताया दर्द
गोदावरी में कूदा परिवार, सौजन्या ने खत में बताया दर्द
काकीनाडा 25 अगस्त 2026। आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा में एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत के मामले ने सुसाइड नोट सामने आने के बाद नया मोड़ ले लिया है. 38 वर्षीय सौजन्या के कथित पांच पन्नों के नोट में सादिक खान पर ब्लैकमेलिंग, मारपीट, आस्था परिवर्तन का दबाव, बेटे को अगवा करने और आतंकियों को बेचने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. उसने अपने पति जगदीश रेड्डी की मौत के पीछे भी सादिक का हाथ होने का दावा किया है. इस घटना के बाद भागे सादिक को पुलिस ने पांच राज्यों में तलाश के बाद मेरठ से गिरफ्तार कर लिया.
आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा जिले में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के मामले ने अब बेहद गंभीर मोड़ ले लिया है. गोदावरी नदी में छलांग लगाने वाली 38 वर्षीय सौजन्या ने कथित तौर पर पांच पन्नों का एक नोट छोड़ा था, जिसमें राइफल प्रशिक्षक सादिक पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, ब्लैकमेलिंग, धर्म परिवर्तन का दबाव और बेटे को अगवा करने की धमकी देने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
इस नोट में इससे भी सनसनीखेज दावा किया गया है कि सौजन्या के पति जगदीश रेड्डी की मौत के पीछे भी सादिक का हाथ था.सौजन्य ने इसमें लिखा है, ‘उसने मेरे पति को मारा, मुझे लगातार परेशान और प्रताड़ित किया, मुझ पर आस्था बदलने का दबाव डाला और मेरे बेटे को अगवा करके आतंकवादियों को बेचने की धमकी दी. लगातार हो रही प्रताड़ना, उत्पीड़न और धमकियां सहने में असमर्थ हो, हमने अपनी जान देने का फ़ैसला किया है.’ हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल जांच का हिस्सा हैं और पुलिस ने अभी इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं किया है.
‘भरोसे का ब्लैकमेलिंग से मिला जवाब’
सौजन्या ने इस नोट में अपनी जिंदगी के बारे में भी लिखा है. उसने बताया कि बचपन से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर थी और अपने पिता को गर्व महसूस कराना चाहती थी. 2018 में भाई सतीश की मौत का जिक्र करते हुए उसने उसे अपने जीवन का मजबूत सहारा बताया.
उसका आरोप है कि सादिक उसके बेटे रियांश के जरिए परिवार के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद उसके करीब आया. शुरुआत में सौजन्या ने उस पर भरोसा किया, लेकिन बाद में वही जानकारी उसके खिलाफ इस्तेमाल होने लगी.
सौजन्या के अनुसार, विरोध करने पर उसके साथ मारपीट होती थी और ब्लैकमेल किया जाता. हालात इतने खराब हो गए कि उसने जान देने तक के बारे में सोचा, लेकिन बेटे की वजह से वह पीछे हट गई.
बेटे को अगवा करने की धमकी का दावा
इस नोट में आरोप लगाया गया है कि जब सौजन्या ने अपने पति को सादिक के व्यवहार के बारे में बताया तो उसने जगदीश से भी मारपीट की. सौजन्या का यह भी दावा है कि सादिक उसके बेटे रियांश के स्कूल में कोच बनकर आया और बच्चे को अगवा करने की धमकी देने लगा. नोट के मुताबिक, इन धमकियों से परिवार लगातार डर के साये में रहने लगा था. उसने यह भी लिखा कि मानसिक दबाव इतना बढ़ गया था कि वह अपने पास नींद की गोलियां तक रखने लगी थी.
पति की मौत को लेकर सबसे गंभीर आरोप
इस पूरे मामले का सबसे गंभीर पहलू जगदीश रेड्डी की मौत से जुड़ा आरोप है. सौजन्या ने दावा किया कि सादिक ने कनाडा से मुंबई के रास्ते एक बेहद जहरीला केमिकल मंगवाया और उसे उसके पति को दिया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई.
उसने आरोप लगाया कि पति की मौत के बाद सादिक ने उस पर और ज्यादा कंट्रोल कर लिया. घर की चाबियों से लेकर संपत्ति के दस्तावेजों तक पर उसका कंट्रोल हो गया था.
‘मुझे नर्क जैसी जिंदगी जीने पर मजबूर किया’
सौजन्या ने कथित नोट में सादिक पर लगातार निगरानी रखने का भी आरोप लगाया. उसके अनुसार, उसे हर समय वॉट्सऐप बिजनेस पर उपलब्ध रहने को मजबूर किया जाता था और फोन कॉल से लेकर उसकी आवाजाही तक पर नजर रखी जाती थी. उसने दावा किया कि उसने सादिक के परिवार से भी मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर उसे उससे दूर रहने की सलाह देकर मामला टाल दिया गया.
सौजन्या के अनुसार, सादिक उसके पिता को नुकसान पहुंचाने और उसे एक फ्लैट में कैद रखने की धमकी भी देता था. उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके बेटे को आतंकियों को बेच देने की धमकी दी गई और आरोपित अपने पुलिस संपर्कों का हवाला देकर परिवार को डराता था.
कनवर्जन के दबाव का भी आरोप
सुसाइड नोट में सौजन्या ने आस्था परिवर्तन को दबाव बनाने का भी दावा किया है. उसके मुताबिक, सादिक उस पर इस्लाम कबूल करने और इस्लामी किताबें पढ़कर रोजाना नोट्स तैयार करने का दबाव डालता था.
आरोप है कि इनकार करने पर उसके साथ मारपीट होती थी. उसने दावा किया कि परिवार की आत्महत्या से 10 दिन पहले लगातार तीन दिनों तक उससे मारपीट हुई.
नोट में एक घटना का जिक्र करते हुए सौजन्या ने आरोप लगाया कि उसे उप्पाडा बीच ले जाकर समुद्र में धकेला गया और फिर बाहर खींच लिया गया. इसके बाद चट्टानों पर फेंकने की धमकी देने का भी दावा किया गया है.
कैसे सामने आया पूरा मामला?
16 अगस्त की रात काकीनाडा जिले में पंचायत राज विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर 61 वर्षीय नूकराजू, उनकी 58 वर्षीय पत्नी मीना, 38 वर्षीय बेटी सौजन्या और नाती रियांश ने राजामहेंद्रवरम रोड-कम-रेल ब्रिज से गोदावरी नदी में छलांग लगा दी थी.
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय मछुआरों ने तलाश शुरू की. 20 मिनट तक पानी में रहते रियांश मदद को पुकारता रहा और मछुआरों ने उसे बचा लिया. लेकिन नूकराजू, मीना और सौजन्या की जान नहीं बच सकी.
जांच में पुलिस को नूकराजू का एक सुसाइड नोट और सौजन्या की स्कूटर से एक अन्य नोट मिला. काकीनाडा के एसपी बिंदु माधव के अनुसार, दोनों नोटों में सादिक खान का नाम सामने आया.
पांच राज्यों में तलाश, मेरठ से गिरफ्तारी
परिवार की मौत के बाद सादिक अपना मोबाइल फोन बंद कर भाग गया था. पुलिस ने उसकी तलाश को 10 विशेष टीमें गठित कीं और पांच राज्यों में छापेमारी व तलाश अभियान चलाया.
आखिरकार पुलिस उसे उत्तर प्रदेश के मेरठ से पकड़कर ट्रांजिट वारंट पर उसे काकीनाडा लायी. मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किए जाने पर उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
इसके बाद पुलिस ने सरपावरम थाने में उससे पूछताछ की. पुलिस अब उससे मामले से जुड़े घटनाक्रम, परिवार से उसके संबंध और सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों के बारे में जानकारी जुटा रही है.
शूटिंग अकादमी भी जांच के घेरे में
पुलिस सादिक की शूटिंग अकादमी की गतिविधियों की भी जांच रही है. एसपी के अनुसार, नूकराजू परिवार ने सादिक के खिलाफ पहले कोई औपचारिक शिकायत नहीं की थी.
पुलिस ने सोशल मीडिया पर सामने आ रहे दूसरे कथित पत्रों पर फिलहाल टिप्पणी करने से इनकार किया है. अधिकारियों का कहना है कि आरोपों को ठोस सबूतों से साबित करने के बाद ही चार्जशीट होगी.
‘लव जिहाद’ के आरोप से राजनीतिक विवाद भी तेज
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है. वाईएसआर कांग्रेस की पूर्व सांसद विजयसाई रेड्डी ने इसे महज उत्पीड़न का मामला नहीं, बल्कि कथित तौर पर ‘लव जिहाद’ का षडयंत्र बताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सादिक ने अन्य परिवारों को भी निशाना बनाया और संपत्ति पर कब्जा करना उसका मकसद था. हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों की भी पुलिस ने पुष्टि नहीं की है. वहीं, भाजपा ने काकीनाड़ा में प्रदर्शन करते हुए आरोपित सादिक खान को कड़ी सजा देने और फांसी की मांग की है.
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आस्था परिवर्तन, हत्या और वसूली…आंध्र प्रदेश इंजीनियर परिवार मौत मामले में बड़ा ट्विस्ट, राइफल प्रशिक्षक शेख सादिक खान गिरफ्तार
आंध्र प्रदेश में इंजीनियर और परिवार की मौत मामले में राइफल प्रशिक्षक गिरफ्तार हुआ है. पुलिस को मिले कथित पत्र में धर्म परिवर्तन, हत्या और वसूली के आरोपों का जिक्र है.

आंध्र प्रदेश में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता और उनके परिवार की गोदावरी नदी में डूबने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने राइफल प्रशिक्षक को गिरफ्तार किया है. पुलिस को कथित तौर पर मिले एक पत्र में प्रशिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मृतक अभियंता, उनकी पत्नी, बेटी और दस वर्षीय नाती ने नदी में छलांग लगाई थी. नाती को मछुआरों ने बचा लिया, जबकि अभियंता और दो महिलाओं की मौत हो गई थी.
गोदावरी में परिवार ने लगाई थी छलांग
यह घटना 16 और 17 अगस्त की दरम्यानी रात राजमहेंद्रवरम में सड़क-सह-रेल पुल से हुई. थिल्लापुड़ी नूकराजू पंचायत राज विभाग में सहायक अभियंता थे. बताया गया कि नूकराजू, उनकी पत्नी मीना, बेटी सौजन्या और दस वर्षीय नाती ने गोदावरी नदी में छलांग लगा दी. हादसे के बाद मछुआरों ने बच्चे को बचा लिया, लेकिन नूकराजू, उनकी पत्नी और बेटी की जान नहीं बच सकी.
कथित पत्र से सामने आया राइफल प्रशिक्षक का नाम
जांच के दौरान पुलिस को नूकराजू का लिखा पत्र मिला. इसमें राइफल शूटिंग प्रशिक्षक शेख सादिक खान का नाम सामने आया है. पुलिस ने खान के खिलाफ धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने, हत्या और वसूली समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है. जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परिवार और आरोपित में किस तरह का संबंध था.
पुलिस ने पांच राज्यों में चलाया अभियान
आरोपी की गिरफ्तारी आसान नहीं रही. पुलिस के अनुसार, उसे पकड़ने के लिए कई राज्यों में तलाश अभियान चलाया गया.
- दस से अधिक पुलिस टीमों को जांच में लगाया गया.
- आरोपी के ठिकानों का लगातार पता लगाया गया.
- मोबाइल फोन और डिजिटल लेनदेन से दूरी के बावजूद उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई.
- आखिरकार उसे उत्तर प्रदेश के मेरठ से गिरफ्तार किया गया.
काकीनाडा जिले की पुलिस के अनुसार, यह तलाश पांच राज्यों तक चली. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानांतरण वारंट के जरिए आंध्र प्रदेश लाया गया.
दो साल से परिवार को जानता था आरोपित
पुलिस जांच में सामने आया है कि सादिक खान नूकराजू और उनके परिवार को दो वर्षों से जानता था. वह उस विद्यालय में राइफल शूटिंग प्रशिक्षक था, जहां मृतक का नाती पढ़ता था. अब जांच अधिकारी आरोपित के परिवार से संबंध, घटना से पहले और बाद की गतिविधियों तथा पत्र में लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रहे हैं. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं.
पूर्व सांसद ने मांगी सीबीआई या एनआईए जांच
इस मामले में पूर्व सांसद विजयसाई रेड्डी ने अलग से केंद्रीय जांच की मांग की है. उन्होंने मामले में बड़े षड्यंत्र और अंतरराष्ट्रीय संबंध होने की आशंका जताई है. रेड्डी ने दावा किया कि खान एक ऐसे दस सदस्यीय समूह का हिस्सा था, जिस पर आस्था परिवर्तन, वसूली, हथियारों की आपूर्ति और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि समूह ने काकीनाडा और राजमहेंद्रवरम के आसपास 15 परिवारों को निशाना बनाया था. हालांकि, ये आरोप फिलहाल जांच का विषय हैं और इनके समर्थन में पुलिस की ओर से कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है.
जांच में सामने आएगा मौत का पूरा सच
पुलिस की हिरासत में आरोपित से पूछताछ जारी है. जांच अधिकारी घटना से पहले की परिस्थितियां जोड़ने और परिवार की मौत के पीछे की पूरी वजह समझने में जुटे हैं.


