अवैध मदरसे के शौचालय में तालाबंद थीं 40 बच्चियां
शौचालय का गेट खुला, एक-एक कर निकलीं 40 नाबालिग बच्चियां… बहराइच के अवैध मदरसे से हैरान करने वाला मामला सार्वजनिक हुआ है
Bahraich illegal madrasa Girls in Toilet: बहराइच में अवैध मदरसे से बड़ा खुलासा हुआ है। यहां पर जांच के दौरान टॉइलेट से 40 नाबालिग बच्चियां ढूंढ ली गई ।
<बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिले के पयागपुर तहसील क्षेत्र के पहलवारा गांव में तीन मंजिला इमारत में चल रहे एक अवैध मदरसे की जांच हुई। इस दौरान प्रशासन और पुलिस टीम को ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सभी को दंग कर दिया। दरअसल, जांच के क्रम में प्रशासनिक टीम को शौचालय में बंद की गई 40 नाबालिग बच्चियां मिली। बच्चियों को इस स्थिति में देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। प्रशासन ने तत्काल मदरसे को बंद करने का आदेश जारी किया।
शौचालय का गेट खुला और…
पयागपुर के पहलवारा गांव के मदरसे का निरीक्षण चल रहा था। इस दौरान जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मदरसे की ऊपरी मंजिल पर पहुंचे, तो उन्हें वहां का शौचालय बंद मिला। महिला पुलिसकर्मियों ने जब दरवाजा खुलवाया, तो भीतर से एक-एक कर करीब 40 नाबालिग बच्चियां बाहर आने लगीं। इन बच्चियों की उम्र 9 से 14 साल के बीच बताई जा रही है। बच्चियां सहमी हुई थीं। वे निरीक्षण टीम को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थीं।
अचानक छापे से अफरातफरी
पयागपुर के उप जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पांडे ने बताया कि शिकायत के आधार पर अचानक छापे की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि शुरुआत में मदरसा संचालकों ने हमें ऊपर जाने से रोका। लेकिन, पुलिस बल के साथ अंदर प्रवेश किया तो छत पर बने शौचालय में बच्चियां बंद मिलीं।
मदरसा संचालकों जब उनसे पूछा गया कि बच्चियां शौचालय में क्यों छिपाई गईं? इस पर मदरसे की शिक्षिका तकसीम फातिमा ने सफाई दी कि निरीक्षण की अचानक कार्रवाई से मची अफरातफरी के कारण बच्चियां डर गईं। वे खुद शौचालय में जाकर छिप गईं।
प्रशासन ने दिए कड़े निर्देश
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद खालिद ने बताया कि मदरसे के कागजातों और गतिविधियों की जांच शुरू कर दी गई है। मदरसे को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। अल्पसंख्यक अधिकारी ने कहा कि गैर-मान्यता प्राप्त होने के कारण मदरसे को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। सभी बच्चियों को सुरक्षित उनके घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
फिलहाल, प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि मदरसा बिना अनुमति कैसे संचालित हो रहा था? बच्चियों को शौचालय में बंद करने की असल वजह क्या थी? क्या इस पूरे मामले में बाल अधिकारों का उल्लंघन हुआ है? इन सवालों के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
केस नहीं हुआ है दर्ज
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) रामानंद प्रसाद कुशवाहा ने इस पूरे मामले में कहा कि अभी तक किसी अभिभावक, उप जिलाधिकारी या अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कोई तहरीर नहीं दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रकार की शिकायत मिलती है तो पुलिस आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी।

