राहुल को ‘राहुल मियां’ कहना संयोग नहीं: नवीन संकेत, चुनाव में हिंदुत्व आगे लेकर चलेगी भाजपा

: 2017 में प्रचंड जीत, 2022 में नुकसान… जानिए नितिन नवीन
>भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कुमाऊं के चुनावी उतार-चढ़ाव को समझकर जीत की रणनीति बनायेंगें।
“भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन।”

देहरादून। कुमाऊं की पहाड़ियों से लेकर तराई तक हर चुनाव में चुनावी उतार-चढ़ाव आम है। उत्तराखंड की राजनीति में पिछले विधानसभा चुनाव इसके प्रमाण हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपने कुमाऊं के दौरे में इसी सियासी सेंसेक्स (उतार-चढ़ाव) को पढ़कर जीत के लिए रणनीति तलाशेंगे।

पिछले विधानसभा चुनावों के नतीजे कुमाऊं में उतार-चढ़ाव की तस्वीर साफ करते हैं। वहां 2012 में भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबला लगभग बराबरी का रहा। 2017 में भाजपा ने विधानसभा की 29 में से 23 सीटें जीतकर कांग्रेस को ऐतिहासिक रूप से पीछे धकेला, कांग्रेस पांच सीट पर सिमट गई और एक सीट अन्य के खाते में गई।

2022 में सरकार भाजपा की बनी, लेकिन कुमाऊं में भाजपा की सीटें घटकर 18 रह गईं और कांग्रेस पांच से बढ़कर 11 सीटों पर पहुंच गई। यानी सरकार दोबारा बनाने के बावजूद भाजपा कुमाऊं में पांच सीटें गंवा बैठी और कांग्रेस ने छह सीटों की बढ़त हासिल कर ली।

भाजपा के सम्मुख तीन तरह की चुनौतियां

कुमाऊं में भाजपा के समक्ष तीन तरह की चुनौतियां हैं। पहली 2022 के चुनाव में जीती कुमाऊं की 18 सीटों को बचाने की तो दूसरी कांग्रेस की 11 सीटों में सेंध लगाने की। तीसरी चुनौती उन सीटों को चिह्नित करने की, जहां पिछली बार मुकाबला बेहद करीबी रहा।

पार्टी का लक्ष्य स्पष्ट है, जहां 2017 में भाजपा मजबूत थी और 2022 में कमजोर हुई, वहां पर वापसी करनी होगी, जहां कांग्रेस ने बढ़त बनाई, वहां सेंध लगानी होगी और जहां मुकाबला करीबी रहा वहां संगठन को बड़ी बढ़त दिलानी होगी।

सबसे बड़ी चिंता ऊधम सिंह नगर

पिछले चुनाव में ऊधम सिंह नगर की नौ सीटों में भाजपा ने चार और कांग्रेस ने पांच सीटें जीतीं। भाजपा के लिए ऊधम सिंह नगर बड़ी चुनौती है। दरअसल, तराई की राजनीति पहाड़ से अलग सामाजिक समीकरणों पर चलती है। नितिन नवीन के सामने ऊधम सिंह नगर समेत अन्य जनपदों में विधानसभावार रणनीति बनाने की चुनौती है।

भाजपा की पांच सीटें, फिर भी कड़ी चुनौती

नैनीताल जिले में भाजपा ने 2022 में छह में से पांच सीटें जीती थीं, लेकिन हल्द्वानी में चुनौती कम नहीं है। 2024 लोकसभा चुनाव में हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को कांग्रेस पर महज 512 मतों की बढ़त मिली। यानी लोकसभा चुनाव में भाजपा की बढ़त के बावजूद विधानसभा स्तर पर मुकाबला करीबी रहा। यही करीबी अंतर भाजपा की चुनौती है।

Nitin Naveen Told Hindutva issue will be pushed to the forefront in election
राहुल को ‘राहुल मियां’ कहना संयोग नहीं: नवीन संकेत, चुनाव में हिंदुत्व आगे लेकर चलेगी भाजपा

हल्द्वानी 10 सितंबर 2026। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करते हुए विचार से विकास तक के संकल्प के साथ फिर से सरकार बनाने का आह्वान किया है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राहुल मियां कहना कोई संयोग नहीं है। अगले विधानसभा चुनाव में उन्होंने राज्य के संगठन के सामने साफ कर दिया है कि भाजपा अगले चुनाव में भी हिंदुत्व को ही आगे रखेगी।

विधानसभा चुनाव की तैयारी में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का उत्तराखंड में यह दूसरा प्रवास है। आज हल्द्वानी में उनके भाषण को गहराई से समझें तो उन्होंने अपनी लाइन स्पष्ट कर दी। उन्होंने वंदेमातरम मामले पर नेता प्रतिपक्ष राहुल को “मियां” संबोधन देकर काफी कुछ कह दिया। ये भी साफ हो गया कि पार्टी अपने हिंदुत्व विषय पर कायम रहेगी। नितिन नवीन ने अपने भाषण में कांग्रेस के शुद्धिकरण विषय पर कहा कि पवित्र देवभूमि से आपने धर्म विशेष के नारे लगा अपमानित किया है। उन्होंने धर्म विशेष के बहाने भी अपना रुख स्पष्ट किया।

कार्यक्रम में पहुंचने से पहले जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नितिन नवीन को नीम करौरी बाबा की तस्वीर भेंट की तो संबोधन में उन्होंने इसका जिक्र भी प्रमुखता से किया। उन्होंने उनके जीवन पर आधारित हनुमान अंश फिल्म देखने की इच्छा जताई।

धामी मॉडल पर राष्ट्रीय नेतृत्व की मुहर
यूसीसी (समान नागरिक संहिता), महिला क्षैतिज आरक्षण और शहीद आश्रितों के फैसलों की सराहना केवल प्रशासनिक पीठ थपथपाना नहीं है बल्कि यह संकेत है कि 2027 के चुनाव में पुष्कर सिंह धामी का चेहरा और उनके फैसले भाजपा के राष्ट्रीय एजेंडे का पोस्टर होंगें। भाषण में ये भी उल्लेख किया कि यहां विधानसभा चुनाव में मिली जीत की ऊर्जा पूरे देश में भगवा लहराने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

भावनात्मक रूप से जोड़ने की भी कोशिश
नितिन नवीन ने मंच संभालते ही उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और झारखंड के गठन का जिक्र कर कांग्रेस को इतिहास के पन्नों पर कटघरे में खड़ा किया। उनका संदेश साफ था कि उत्तराखंड निर्माण भाजपा के विजन की देन है। इसलिए इसके विकास की स्वाभाविक अधिकारी भी भाजपा ही है।

बाबा नीम करौली पर बनी फिल्म देखने की जताई इच्छा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बाबा नीम करौली  पर नी फिल्म देखने के इच्छुक हैं। उनका कहना है कि वह भी इस फिल्म को देखेंगेें। इसका उल्लेख राष्ट्रीय अध्यक्ष नबीन ने भाजपा कार्यसमिति की बैठक में किया। उन्होंने माता नंदा-सुनंदा को भी प्रणाम किया और  कहा कि इनके बगैर उत्तराखंड में कोई काम शुरू नहीं हो सकता है। फिल्म बाबा नीम करोली उत्तराखंड में टैक्स फ्री कर दी गई है। अन्य राज्यों में भी जल्द हो सकती है। उन्होंने अपने भाषण में गंगा आरती का भी उल्लेख करते हुए देवभूमि को ऊर्जा की भूमि बताया।

विचार से विकास तक: 2027 में फिर भाजपा सरकार बनाने का संकल्प
भाजपा नेतृत्व के अनुसार, देवभूमि केवल एक राज्य नहीं बल्कि राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक चेतना और संगठन की वैचारिक प्रतिबद्धताओं को धरातल पर उतारने का सशक्त उदाहरण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश ने कड़े और साहसिक फैसलों से देश के सामने नया मॉडल पेश किया है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी), कठोर धर्मांतरण कानून, नकल माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और महिला सशक्तिकरण जैसे ऐतिहासिक फैसलों ने विकास भी, विरासत भी  विजन को सिद्ध किया है। सीमांत क्षेत्रों के मौलिक तंत्र से लेकर चारधाम और आदि कैलाश तक हो रहे कायाकल्प से प्रधानमंत्री के उत्तराखंड दशक के संकल्प को मजबूती मिल रही है। दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस पर विजनहीन होने और समाज में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। भाजपा संगठन का स्पष्ट लक्ष्य सरकार के इस ऐतिहासिक रिपोर्ट कार्ड को हर घर तक पहुंचाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *