अखिलेश पर भाजपा की चुनौती:UK कांग्रेस प्रवक्ता उलझे आपस में
अखिलेश यादव के ‘घुसपैठिया’ बयान पर छिड़ा संग्राम, हमलावर हुई भाजपा, जानिए क्या कुछ कहा
अखिलेश यादव के बयान पर उत्तराखंड में घमासान तेज हो गया है. भाजपा इसके विरोध में प्रदर्शन करेगी.
AKHILESH GHUSPAITHIYA STATEMENT
अखिलेश यादव के ‘घुसपैठिया’ बयान छिड़ा संग्राम
देहरादून 24 अक्टूबर 3026 : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश याद के ‘घुसपैठिया’ बयान पर उत्तराखंड में राजनीतिक पारा चढ गया है. भाजपा अखिलेश यादव के बयान के बाद हमलावर है. मुखयमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर सबसे पहले प्रतिक्रिया दी. जिसके बाद उत्तराखंड भाजपा के नेताओं ने एक के बाद हमले शुरू किये हैं.
‘सबसे बड़े घुसपैठिए UP में उत्तराखंड के…’, अखिलेश यादव के बयान पर भड़के धामी ने याद दिलाया रामपुर तिराहा कांड
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के एक बयान को लेकर उत्तराखंड में राजनीति तेज हो गई. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखिलेश यादव के उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहे जाने वाले बयान पर कड़ा प्रहार किया है. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अखिलेश यादव का उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना देवभूमि के स्वाभिमान और हमारे संघर्ष का अपमान है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोग इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. वहीं इसी बहाने मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक सहयोगी अखिलेश यादव के इस बयान का समर्थन करती है? क्या उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना कांग्रेस को स्वीकार है? कांग्रेस को देवभूमि की जनता को जवाब देना चाहिए.

गौर हो कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के कथित बयान पर प्रदेश की सियासत गरमा गई है. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार किया है. सीएम धामी ने अखिलेश यादव के बयान पर सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. सीएम धामी ने अखिलेश यादव द्वारा उत्तराखंड के लोगों के संदर्भ में दिए गए बयान को देवभूमि के स्वाभिमान और राज्य के आंदोलनकारियों के संघर्ष का अपमान बताया. कहा कि अखिलेश यादव द्वारा उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना देवभूमि के स्वाभिमान और हमारे संघर्ष का अपमान है.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अखिलेश यादव का उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना देवभूमि के स्वाभिमान और हमारे संघर्ष का अपमान है. उत्तराखंड के लोग इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. सीएम धामी ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोग यह भी नहीं भूले हैं कि जब अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उत्तराखंड राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में गोलियां चलाई गई. उस दौरान आंदोलनकारियों पर अत्याचार हुआ था.
उन्होंने आगे कहा कि, “पिता के शासनकाल में उत्तराखंड के आंदोलनकारियों पर गोलियां चलीं और आज पुत्र उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कह रहे हैं. उत्तराखंड के लोग अपने संघर्ष और बलिदान को कभी नहीं भूल सकते. सीएम धामी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को भी जमकर घेरा है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक सहयोगी अखिलेश यादव के इस बयान का समर्थन करती है? क्या उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना कांग्रेस को स्वीकार है? कांग्रेस को देवभूमि की जनता को जवाब देना चाहिए. बता दें कि अखिलेश यादव का यह बयान कथित तौर पर उत्तर प्रदेश में रह रहे उत्तराखंड मूल के लोगों को लेकर दिया, जिसके बाद से भारतीय जनता पार्टी लगातार समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर हमलावर है.
वही, इस पूरे मामले पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि अखिलेश यादव का बयान बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने उत्तराखंड की भावनाओं से खिलवाड़ करने का काम किया है. 1994 के आंदोलन को याद दिलाते हुए जोशी ने कहा कि,
उधर, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता सुजाता पॉल का कहना है कि उत्तराखंड के बारे में इस तरह का बयान देने का किसी को अधिकार नहीं है. उत्तराखंड में सभी का स्वागत है, लेकिन उन्होंने क्या सोच कर इस तरह का बयान दिया है, ये बड़ा सवाल है. उनके इस बयान के अनुसार, उनके घर के अंदर भी घुसपैठिया घुस गए हैं क्योंकि उनकी पत्नी उत्तराखंड से हैं और उनके भाई की पत्नी भी उत्तराखंड से हैं. ऐसे में उनसे यह पूछना चाहिए कि उन्होंने इस तरह की बातें क्यों कही हैं. यह देश सभी का ऐसे में सभी का सम्मान करना चाहिए और इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिएं.
अखिलेश के ‘घुसपैठिया’ बयान पर शीशपाल बिष्ट का रिएक्शन, बोले- तोड़ मरोड़कर पेश किया स्टेटमेंट

अखिलेश के ‘घुसपैठिया’ बयान पर कांग्रेस का रिएक्शन
उत्तर प्रदेश की राजनीति से आज उत्तराखंड की राजनीति भी गरमा गई है. समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव की ओर से उत्तराखंडियों को लेकर एक बयान दिया. जिसमें घुसपैठिये शब्द का इस्तेमाल किया. अखिलेश के बयान के बाद उत्तराखंड में सियासत तेज हो गई है. भाजपा इस बयान को लेकर कांग्रेस को भी घेर रही है.
वहीं, इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने कहा कि भाजपा पर बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है. उन्होंने भाजपा पर जनता का ध्यान मूल विषयों से भटकाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा अखिलेश यादव का राजनीतिक कद उत्तर प्रदेश की राजनीति में काफी बड़ा है. प्रदेश की जनता राजनीतिक भाषा के अलावा उसके अर्थ को भी अच्छी तरह समझती है. उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति, बेरोजगारी और विकास की धीमी रफ्तार जैसे मुद्दों को लेकर जनता में व्याप्त नाराजगी है. साथ ही, प्रदेश में बेटियों और महिला सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
अखिलेश के ‘घुसपैठिया’ बयान पर कांग्रेस का रिएक्शन
उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश की जनता अब मौजूदा भाजपा सरकार से नाराज है और बदलाव चाहती है. उनके मुताबिक, प्रदेश में इंडिया गठबंधन के पक्ष में माहौल बन रहा है. आने वाले विधानसभा चुनाव में गठबंधन की सरकार बनने की संभावना प्रबल है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा अखिलेश यादव के बयान को संदर्भ से अलग तरीके से पेश कर रही है, ताकि जनता का ध्यान कानून व्यवस्था, बेरोजगारी और विकास जैसे ज्वलंत मुद्दों से हटाया जा सके.
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की टिप्पणी को पूरे उत्तर प्रदेश के संदर्भ में देखने के बजाय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली के प्रति उनकी नाराजगी के रूप में समझा जाना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार के खिलाफ प्रदेश में जनआक्रोश बढ़ रहा है. आने वाले समय में इसका असर उत्तर प्रदेश की राजनीति पर पड़ने वाला है।
इसके पहले भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और वरिष्ठ विधायक विनोद चमोली ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों का अपमान किसी भी हाल में सहन नहीं होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के बयान पर कांग्रेस नेतृत्व का चुप रहना कई सवाल खड़े करता है. चमोली ने कहा कि कांग्रेस को साफ करना चाहिए कि वह उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया बताने वाली सोच के साथ खड़ी है या इसके खिलाफ आवाज उठाएगी.

विनोद चमोली ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान समाजवादी पार्टी की तत्कालीन सरकार की भूमिका का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा अलग राज्य की मांग के दौरान उत्तराखंड के आंदोलनकारियों को भारी उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था. दो अक्टूबर 1994 को मुजफ्फरनगर में रामपुर तिराहा कांड का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में अपनी मांग रखने जा रहे आंदोलनकारियों के साथ जो हुआ, उसे उत्तराखंड कभी नहीं भूल सकता.
चमोली ने आरोप लगाया कि उस समय आंदोलनकारियों पर गोलीबारी और अत्याचार हुए. उन्होंने कहा कि उस दौर में सवाल उठाया जाता था कि असली दोषी कौन है, जो दिल्ली में मौन है. भाजपा नेता ने इसी नारे का हवाला देते हुए कांग्रेस की तत्कालीन केंद्र सरकार पर भी समाजवादी पार्टी की सरकार को बचाने का आरोप लगाया.
भाजपा विधायक ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों के सम्मान का सवाल आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है. उन्होंने आरोप लगाया अखिलेश यादव के बयान और कांग्रेस की चुप्पी को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता. चमोली ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि विपक्षी गठबंधन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस साथ हैं, इसलिए कांग्रेस नेतृत्व को इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी अखिलेश यादव के बयान से सहमत हैं? क्या वह उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहे जाने का विरोध करेंगे?
चमोली ने कहा कि उत्तराखंड के लोग देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आए हैं. सेना में सेवा देकर देश के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं. ऐसे लोगों के लिए घुसपैठिया शब्द का इस्तेमाल करना बेहद आपत्तिजनक है.
विनोद चमोली ने प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को भी इस विषय पर खुलकर बोलने की चुनौती दी. उन्होंने हरीश रावत, हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह और प्रदेश कांग्रेस के अन्य नेताओं से पूछा कि क्या वे अखिलेश यादव की टिप्पणी का विरोध करेंगे? उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को यह बताना चाहिए कि वे इस बयान को सही मानते हैं या गलत?
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