छांगुर पीर की टक्कर का आगरा में भी मिला मतांतरण गिरोह,धरे गये महिला समेत 10 जन,इनमें एक दून का
Religion Conversion Gang in Agra: आगरा में भी पकड़ा गया मतांतरण का बड़ा गिरोह,धरे गये दस आरोपित
सैकड़ो हिंदू युवतियों का मतांतरण। इनमें से कई का निकाह कराकर विदेश भेजा। विदेश से फंड मिलने की भी जानकारी।मतांतरण गिरोह के आतंकी संगठनों से भी संबंध। आगरा में डीजीपी राजीव कृष्णा और आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने दी जानकारी ।
मुख्य बिंदू
# आईएसआईएस के सिग्नेचर स्टाइल में मतांतरण करा रहा
#गिरोह ने सैकड़ों हिंदू बच्चियों का मतांतरण कराया
#विदेश से फंड मिलने की भी जानकारी
मतांतरण गिरोह के आतंकी संगठनों से भी संबंध
#प्रतिबंधित संगठन पीएफआइ व एसडीपीआइ की भी भूमिका
देहरादून/आगरा 19 जुलाई 2025। : बलरामपुर के मतांतरण गिरोह के सरगना के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिकंजा कसा तो आगरा से भी बड़े पैमाने पर मतांतरण गिरोह सामने आया। पुलिस की इसमें संलिप्त अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की तैयारी है जिनमें बदले नामों और पहचान से मतांतरण कराने वाले मॉड्यूल्स सक्रिय थे।
अं
आगरा में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा और पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने जानकारी दी कि मतांतरण गिरोह कनाडा, अमेरिका, लंदन व दुबई समेत अन्य देशों से फंडेड था। गिरोह ने सैकड़ो हिंदू युवतियों का मतांतरण कराया। इनमें कई तो निकाह कराकर विदेश भेज दी गई है। मतांतरण गिरोह के आतंकी संगठनों से संबंध हैं। गिरोह आईएसआईएस के सिग्नेचर स्टाइल में मतांतरण कराता था। इसमें प्रतिबंधित संगठन पीएफआइ व एसडीपीआइ की भी भूमिका है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने छह राज्यों से मतांतरण के दस आरोपित पकडे है, जो कम उम्र लड़कियों को ललचा मतांतरण कराने के नेटवर्क में थे। जिहाद के नाम पर विदेशी फंडेड गिरोह का काम राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाने के साथ लव जिहाद और मतांतरण करना है।
इसमें डार्क वेब जैसी नेटवर्किंग से गंभीर अपराधों की तैयारी थी। इन्हे जिहाद के नाम पर अंतरराष्ट्रीय फंडिंग हुई। आरोपित छोटी बच्चियों को प्रलोभन, लव जिहाद एवं अन्य तरीकों से मतांतरित करा रहे थे जो आइएसआइएस का सिग्नेचर स्टाइल है।
आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि आगरा से दो लड़कियां लापता होने की जांच में रैकेट का पता चला । गिरफ्तार युवती की एके -47 के साथ सोशल मीडिया पर फोटो भी मिली , जो आतंकी प्रशिक्षण बताती है। कार्रवाई में एटीएस व एसटीएफ के साथ व अन्य राज्यों की एजेंसियां भी शामिल हैं।
धर्मांतरण का एक और गिरोह: ISIS से भी जुड़े तार
आगरा में चार वर्ष पहले दो सगी बहनें गायब होने की पुलिस ने जांच की तो बड़े गिरोह का पता चला। 10 आरोपितों को पकड़कर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
प्रारंभिक जांच में इस ग्रुप का संबंध पीएफआई, एसडीपीआई और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से भी होने के संकेत मिले हैं।
देहरादून से धरे गये अब्दुल रहमान और मरियम
पुलिस ने युवाओं का धर्मांतरण कराने की कोशिश कर रहे पांच लोगों के खिलाफ देहरादून के रानीपोखरी थाने में मुकदमा लिखा है। इनमें से अब्दुल रहमान को यूपी एटीएस पूछताछ को अपने साथ ले गई थी। पुलिस ने यह कार्रवाई रानीपोखरी के एक व्यवसायी की शिकायत पर की है। आरोपितों ने उनकी बेटी का भी धर्मांतरण करने की कोशिश की थी। यह रैकेट इंस्टाग्राम से चलाया जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि यूपी एटीएस ने दून पुलिस से संपर्क किया था। एटीएस ने अब्दुल रहमान और डोईवाला से मरियम को पूछताछ को पकड़ा था । इस सूचना के आधार पर देहरादून पुलिस ने भी अपनी टीम बना मामले की गहन पड़ताल की। इस बीच कुछ संदिग्ध इंस्टाग्राम आईडी की निगरानी हुई। इस काम में एसटीएफ का भी तकनीकी सहयोग लिया गया।
उत्तराखंड की इंस्टाग्राम आईडी की पड़ताल में यह रानीपोखरी की एक युवती की निकली। युवती शंकरपुर से पकड़े गए अब्दुल रहमान के संपर्क में थी। पूछताछ में उसने यह सभी जानकारी पुलिस को दी। यह जानकारी उसके कारोबारी पिता को दी गई । उनकी शिकायत पर सहसपुर के शंकरपुर निवासी अब्दुल रहमान, मुजफ्फरनगर निवासी अबु तालिब, दिल्ली कनाट प्लेस निवासी अयान व अमन और गोवा निवासी युवती श्वेता पर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम में मुकदमा लिखा गया। इन सब जगह पुलिस टीम भेजी गई है। देहरादून का अब्दुल रहमान हिंदू से मुस्लिम धर्मांतरित है जिसने एक हिंदू लडकी से देहरादून और दूसरी हिंदू लडकी से लखनऊ में शादी की. अब वो आठ दीनदार बच्चों का बाप है और रात-दिन दीन की सेवा में हिंदू लड़कियों को मुस्लिम बनाने को जुटा था.
बदल रहा था युवती का व्यवहार
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि व्यवसायी की बेटी 21 वर्ष की है। व्यवसायी के अनुसार बेटी का कई दिनों से व्यवहार बदला लग रहा था। संदेह में उन्होनें बेटी से पूछताछ की। पता चला कि उसके संपर्क मुस्लिम युवक-युवतियां से हैं, जो उसे तमाम तरह का प्रलोभन देकर धर्म बदलवाने की कोशिश में हैं। उन्होंने बेटी का फोन देखा तो उसमें भी कई एकाउंट पर इस तरह की वीडियो दिखी, जिनमें उनके धर्म को लेकर अनर्गल बातें करते हुए आरोपितों ने इस्लाम श्रेष्ठ बताया था।
छह राज्यों से पकड़े 10 आरोप… कोर्ट ने दी दस दिन की पुलिस रिमांड
उत्तर प्रदेश के आगरा में अवैध धर्मांतरण मामले में पुलिस ने 10 आरोपित पकड कोर्ट लाये गये. कडी सुरक्षा बीच सभी आरोपित कोर्ट लाये गये, कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस रिमांड दी. पूछताछ में आरोपितों से देश-विदेश में फैले नेटवर्क का भेद पता चलने की उम्मीद है.
कोर्ट से आरोपित पुलिस रिमांड पर
आगरा से बड़े अवैध धर्मांतरण रैकेट में पुलिस ने देश के छह राज्यों से जुड़े 10 आरोपित पकडे,जिन्हें कोर्ट लाया गया.इस बीच अचूक सुरक्षा व्यवस्था रही.कोर्ट ने सभी आरोपित 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिये है, ताकि इनसे पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके.
अदालत में पेशी से पहले दीवानी परिसर में अंदर-बाहर अचूक सुरक्षा को भारी पुलिस फोर्स रहा. गेट नंबर चार से कोर्ट तक दोनों ओर पुलिस और एसएसएफ जवान रहे.
वज्र वाहन से सभी 10 आरोपित कोर्ट लाये गये. वाहन के चारों ओर सुरक्षा बल का घेरा बना उन्हे कोर्ट परिसर लाया गया. इस बीच सभी आरोपित चेहरे कपड़े से ढंके थे.
इस मामले में सीजेएम कोर्ट से निकले सहायक अभियोजन अधिकारी संजीव कुमार यादव ने बताया कि कोर्ट में 10 आरोपित लाये गये. कोर्ट में 14 दिन की पुलिस रिमांड मांगी गई क्योंकि गिरोह का नेटवर्क पश्चिम बंगाल, राजस्थान, दिल्ली और गोवा तक फैला है, इनके अंतरराष्ट्रीय संपर्क भी हैं. इन्हीं तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस कस्टडी दी है.
अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में आरोपितों से उनके नेटवर्क, फंडिंग स्रोत और अन्य साथियों की जानकारी निकाली जाएगी. पुलिस अब इस पूरे रैकेट की गहन जांच में जुटी है. गिरफ्तार सभी आरोपितों पर संगठित गिरोह बना धर्मांतरण कराने का आरोप है. पुलिस को पूछताछ में और भी बड़े भेद खुलने की आशा
agra Sensational Conversion Case In Agra Two Sisters Brainwashed Converted To Islam Marriage Preparations Underway
ब्रेनवॉश का गंदा खेल! पूजा की जगह नमाज, नाम बदलकर निकाह की तैयारी, आगरा में अमीना की कहानी हिला देगी
आगरा पुलिस ने धर्मांतरण के जाल में फंसी दो बहनों को बचाया है। अमीना नाम की एक युवती ने अपनी छोटी बहन का ब्रेनवॉश कर उसे भी इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित किया। दोनों कोलकाता में धर्म का प्रचार कर रही थीं।
अवैध धर्मांतरण के जाल में फंसी 33 साल की युवती एमफिल की परीक्षा पास कर चुकी थी। सदर थाना क्षेत्र के कोलक्खा की रहने वाली ये युवती साल 2021 में घर से गायब हो गई थी। वापस लौटी तो वह अमीना बन चुकी थी। मार्च 2025 में अपने साथ 18 साल की छोटी बहन को ले गई। उसका नाम बदलकर जोया रख दिया। दोनों बहनें कोलकाता में इस्लाम धर्म का प्रचार कर रही थीं। दोनों बहनों के निकाह की तैयारियां चल रही थीं। आगरा पुलिस ने दोनों युवतियों को सुरक्षित बचा लिया है। हालांकि इसमें तीन महीने का समय लग गया।
सदर थाना क्षेत्र के पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखने वाली 33 साल की युवती (अमीना) की मुलाकात जम्मू कश्मीर की साइमा उर्फ खुशबू से हुई थी। साइमा लाइफ साइंस की पढ़ाई करने के लिए आगरा आई थी। दोनों की दोस्ती हो गई। इस बीच साइमा ने पंजाबी युवती का ब्रेनवॉश किया और 2021 में जम्मू कश्मीर ले गई। श्रीनगर जाते समय लैंड स्लाइड हो गई। पुलिस उसे ऊधमपुर में ट्रैक कर आगरा ले आई।
घर में पढ़ती थी नमाज
जानकारी के अनुसार 33 साल की युवती अपने घर में पूजा पाठ का विरोध करने लगी। घर में लगे भगवान और देवी देवताओं के चित्रों को हटाने लगी। इस्लाम के बारे में बातें करने लगी। युवती के घर के सामने एक मस्जिद बनी है। जहां सुबह की अजान होते ही वह उठ जाती थी और नमाज पढऩे लगती थी। ये सब देखकर परिजन बेहद घबरा गए थे। घर पर डाक से इस्लाम और उससे संबंधित किताबें आने लगी थीं। पुलिस को परिजनों ने बताया कि विशेषज्ञों से उसकी काउंसलिंग कराई गई, लेकिन फिर भी उसमें कोई बदलाव नहीं आया।
छोटी बहन का किया ब्रेनवॉश
अमीना बन चुकी 33 साल की इस युवती ने घर में रहते हुए अपनी 18 साल की छोटी बहन का ब्रेनवॉश किया। उसे अच्छी लाइफ स्टाइल और पैसे का लालच देकर अपनी बातों में फंसा लिया। मार्च 2025 में वह उसे अपने साथ ले गई। परिजन जब थाने पहुंचे तो पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी। दोनों युवतियां अपने संपर्क के साधन और मोबाइल फोन घर छोड़ गई थीं। तीसरे नंबर की छोटी बहन ने सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी दी।
4000 रुपये लेकर निकली थीं
दोनों बहनें घर से 4000 रुपये और प्रमाण पत्रों को साथ लेकर निकल गई थीं। किसी को कोई संपर्क ना हो सके। इसलिए अपने मोबाइल और कांटेक्ट को छोड़ गई थीं। परिजनों ने मार्च 2025 में थाना सदर में गुमशुदगी दर्ज कराई। परिजन थाना पुलिस और एसीपी ऑफिस के चक्कर काट रहे थे। इसके बाद गुमशुदगी अपहरण में बदल गई।
शहर चुनें
भाषा चुनें
हिन्दी
होम
देश
क्रिकेट
दुनिया
मनोरंजन
मनी
लाइफ़
प्रदेश
नॉलेज
करियर
वीडियो
धर्म
फटाफट खबरें
क्राइम
राशिफल
टेक
SUSTAINABLE IS ATTAINABLE
SUSTAINABLE IS ATTAINABLE
Top Trends
Narendra Modi
Ind vs Eng Test
Bihar Chunav
Supreme Court
लेटेस्ट न्यूज
Local 18
अजब गजब
फोटो
#निवेश का सही कदम
Trending:
Narendra Modi
Ind vs Eng Test
बेटियों के मुसलमान बनने की कहानी, पिता की जुबानी, सुनाई ऐसी खौफनाक दास्तां कि सिहर उठे लोग
देश में अब एक नया खेल चल रहा है वो है धर्म का परिवर्तन कराना. वो भी अपनी मर्जी से नहीं बल्कि बहला-फुसला कर. छांगुर बाबा का नाम तो था ही चर्चा में.. . वहीं अब आगरा में भी अवैध धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. इधर, पश्चिम बंगाल से बरामद की गईं दो युवतियों के पिता का दर्द छलका
पिता ने बताई भयावहकथा.
आजकल पूरे देश में जगह-जगह अवैध धर्मांतरण के मामले सामने आ रहे हैं. छांगुर बाबा के रैकेट से तो अब हर कोई वाकिफ है. अब एक पिता ने अपनी खौफनाक दास्तां सुनाई है. दरअसल, धर्मांतरण के एक बड़े मामले में पश्चिम बंगाल से बरामद की गईं दो युवतियों के पिता ने भावुक होकर पूरी घटना बताई. उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुश्किल समय में प्रशासन ने उन्हें पूरा सहयोग दिया. पीड़ित पिता ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने धर्म को नहीं जानती और बहकावे में आ जाती है. उन्होंने देशभर के अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को अपने धर्म की जानकारी दें और सतर्क रहें.
बेटियों के मुस्लमान बनने की कहानी, पिता की जुबानी, सुनाई खौफनाक दास्तां
अवैध धर्मांतरण.
2021 से शुरू हुआ था ब्रेनवॉश
पीड़ित पिता ने बताया कि उनकी बेटी की 2021 में कश्मीर से आई एक मुस्लिम छात्रा से दोस्ती हो गई थी. वो आगरा में पढ़ाई कर रही थी. उस छात्रा ने धीरे-धीरे उनकी बेटी का ब्रेनवॉश करना शुरू कर दिया. उनकी बेटी तब पीएचडी की तैयारी कर रही थी. उसके साथ रहती कश्मीरी छात्राएं उसे इस्लाम की ओर प्रभावित कर रही थीं और उसे इस्लामी साहित्य, कुरान आदि की पढ़ाई भी करवाई गई.
24 मार्च 2025 को लापता हुई
परिवार वालों के अनुसार, उनकी बेटी 24 मार्च 2025 को अचानक घर से लापता हो गई. पुलिस जांच में पता चला कि वह पश्चिम बंगाल में मुस्लिम बहुल इलाके में एक किराए के मकान में रह रही थी. वहां उसके साथ एक और युवती भी थी, जो पहले से ही धर्मांतरण कर चुकी थी. वहां दोनों के निकाह के कागज तैयार हो रहे थे. इधर, पश्चिम बंगाल में धर्मांतरण विरोधी कोई कड़ा कानून नहीं है, जिससे पुलिस को कार्रवाई करने में भी काफी परेशानी हुई. जब परिजन वहां पहुंचे तो देखा कि क्षेत्र मुस्लिम बहुल है और पुलिस को दोनों लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकालने में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा।
पिता ने बताया कि दोनों लड़कियों के नाम बदलकर निकाह करवाने की तैयारी हो रही थी. पुलिस के अनुसार, ऐसा कई मामलों में देखने को मिला है जहां ब्रेनवॉश कर लड़कियों का नाम बदलवाकर धर्मांतरण कराया जाता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि यह कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि देशभर में इस तरह का नेटवर्क सक्रिय है. आठ राज्यों से ऐसी लड़कियों को उठाया गया है और उन्हें ब्रेनवॉश कर स्लीपर सेल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. फंडिंग भी देश के बाहर से आ रही है.
काउंसलिंग की सख्त जरूरत
पिता ने बताया कि दोनों बेटियां अभी पुलिस की कस्टडी में हैं और उन्हें किसी तरह का पछतावा नहीं है. वे अभी भी मानती हैं कि उन्होंने जो किया, वह सही है. उन्होंने सरकार से अपील की है कि बेटियों की काउंसलिंग कराई जाए. इसके लिए परिवार खुद भी विशेषज्ञ डॉक्टरों से संपर्क करेगा. सरकार ने भी काउंसलिंग के लिए सहमति दे दी है.
पिता ने कहा कि जब उनकी बेटी पहली बार 2021 में उस मुस्लिम छात्रा के संपर्क में आई थी, तो एक दिन बाद ही घर लौट आई थी. उस समय उन्होंने कोई सख्त कदम नहीं उठाया, जिसे आज वह अपनी सबसे बड़ी गलती मानते हैं. उन्होंने कहा, अगर हमने तभी एक्शन लिया होता, तो शायद पूरे नेटवर्क का खुलासा हो जाता और हमारी बेटी आज इस स्थिति में न होती.
TOPICS:
आगरा आईएसआईएस बंगाल गोवा
उत्तर प्रदेश राजस्थान दिल्ली
देहरादून



