मंत्रिमंडल का अनुमोदन,उत्तराखण्ड भी अब पूर्ण साक्षर राज्यों में

Uttarakhand Cabinet meeting chaired by Dhami today many proposals including River Rafting and Kayaking Rules

देहरादून 18 जून 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 12 प्रस्तावों को अनुमोदन मिला ।

बैठक के प्रारंभ में मंत्रिमंडल के सदस्यों एवं अधिकारियों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी ने प्रदेश के विकास, सुशासन एवं जनसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

वहीं जसपाल राणा ने अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा से देश एवं प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

मंत्रिमंडल बैठक के बाद सचिवालय मीडिया सेंटर में पत्रकारों को निर्णयों की जानकारी देते हुए महानिदेशक सूचना तथा अपर सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय बंशीधर तिवारी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 स्वीकार की  जिसमें संस्कृत विद्यालयों की मान्यता, पाठ्यक्रम निर्धारण और परीक्षा संचालन संबंधी व्यवस्थाओं में संशोधन होंगें।

मंत्रिमंडल के निर्णय 

उपनल कर्मचारी: समान कार्य-समान वेतन को कटऑफ तिथि 12 नवंबर 2018 से बढ़ाकर 15 अगस्त 2024 की गई, जिससे अधिक कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल 20 अप्रैल 2026 के पारित आदेश के क्रम में उपनल के माध्यम से योजित कार्मिकों को समान कार्य हेतु समान वेतन प्रदान किए जाने हेतु पूर्व में निर्धारित पात्रता की कट ऑफ डेट (12 नवंबर 2018) को संशोधित कर सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली के पारित आदेश 15 अक्टूबर 2024 तिथि निर्धारित किए जाने के प्रस्ताव पर मंत्रिमण्डल ने सहमति दी।

माध्यमिक शिक्षा: राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित करने का फैसला। सरकार के अनुसार प्रदेश की साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक है।

उत्तराखंड को औपचारिक रूप से पूर्ण साक्षर राज्य घोषित कर दिया गया है। राज्य मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसके बाद राज्य की साक्षरता दर 98% से अधिक हो गई है। उत्तराखंड यह उपलब्धि हासिल करने वाला देश का छठा राज्य बन गया है।

साक्षरता दर: राज्य में वयस्क साक्षरता दर 98% के पार पहुंच चुकी है।
सरकारी मंजूरी: पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ‘उल्लास’ (ULLAS) कार्यक्रम के मानकों के आधार पर इसे ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ घोषित करने पर मुहर लगाई गई।
अन्य राज्य: इस उपलब्धि से पहले मिज़ोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम इस सूची में शामिल हो चुके हैं।
प्रमुख पहल: शिक्षा विभाग ने विशेष रूप से दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों, महिलाओं और वंचित समुदायों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए केंद्रित अभियान चलाए।

आबकारी विभाग: होलोग्राम के दोहराव की स्थिति में दोहरा कर नहीं लगेगा, केवल एक बार टैक्स लिया जाएगा।आबकारी नीति विषयक नियमावली, 2025-26, 2026-27 व 2027-28 (त्रिवर्षीय आबकारी नीति) से संबंधित शासन की अधिसूचना संख्याः 112/दिनांक 31 मार्च, 2026 के परिशिष्ट ‘क‘ एवं ‘ख‘ में अंकित उपकर को वैट अधिनियम, 2005 के प्राविधानों में वैट गणना का भाग बनाए जाने एवं नियम 12.2 सम्बन्धी तालिका में होलोग्राम शुल्क के दोहराव की स्थिति उत्पन्न होने के दृष्टिगत इस अधिसूचना के परिशिष्ट ‘ख‘ के क्रमांक 4 में सम्मिलित होलोग्राम शुल्क को विलोपित करते हुए संशोधन/प्रतिस्थापन किए जाने पर मंत्रिमंडल ने सहमति दी।

कृषि विभाग: सगंध एवं हर्बल उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने को सेलाकुई स्थित सगंध केंद्र में मिलावट जांच की सुविधा विकसित होगी।ट्रेड इंफ्रास्ट्रक्चर फाॅर एक्सपोर्ट स्कीम (टीआईईएस) योजनान्तर्गत सगन्ध तेलों/उत्पादों में मिलावट की जांच हेतु सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में अत्याधुनिक एएमएस मशीनों के संचालन को पीएमयू गठिन किए जाने हेतु पांच पद सृजित करने पर मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान की।
पर्यटन: अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन को मंजूरी। आयोजन की जिम्मेदारी मद्रास की संस्था को दी जाएगी, जिसमें 50 अंतरराष्ट्रीय कारों के शामिल होने की संभावना है।उत्तराखण्ड राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने को आयोजित की जा रही अन्तर्राष्ट्रीय हिमालयन कार रैली को लेकर मंत्रिमंडल में विस्तार से चर्चा की गई। इस क्रम में अनुभवी संस्था का चयन किया जाना अति आवश्यक है। रैली में 120 से अधिक एन्ट्री  शामिल किए जाने का लक्ष्य है, जिसमें 25 अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिभागी, 25 एशिया कॉस कन्ट्री रैली, 20 क्लासिक कार रैली, 50 भारतीय राष्ट्रीय रैली चैम्पियनशिप शामिल हैं। हिमालयन कार रैली के आयोजन हेतु संस्था का चयन एकल स्रोत से किए जाने को लेकर मंत्रिमंडल ने अनुमति दी।
गृह विभाग: उत्तराखंड कारागार नियमावली में संशोधन को मंजूरी। कारागार अधीनस्थ सेवा नियमावली को मंजूरी।

राज्य आंदोलनकारी: अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की कनिष्ठ सहायक और पुलिस कांस्टेबल भर्ती-2024 में प्रमाण पत्र देरी से बनने वाले राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को दस्तावेज सत्यापन में एक बार राहत मिलेगी।

उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के चिन्हित आन्दोलनकारियों तथा उनके आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में प्राप्त 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण में अधिसूचना संख्या 244 दिनांक 18 अगस्त 2024 के प्रख्यापन तथा एतत् संबंधी शासनादेश संख्या 139, दिनांक 24 नवंबर 2024 के जारी होने के मध्य उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की विज्ञप्ति तीन भर्ती परीक्षाएं कनिष्ठ सहायक एवं अन्य पदों हेतु भर्ती परीक्षा, 2024, आरक्षी जनपदीय पुलिस (पुरूष) तथा आरक्षी पीएसी /आईआरबी (पुरूष) भर्ती परीक्षा, 2024 एवं अपर निजी सचिव, वैयक्तिक सहायक, आशुलिपिक एवं अन्य पदों की भर्ती परीक्षा, 2024 में आवेदन जमा किए जाने की अंतिम तिथि के पश्चात् निर्धारित प्रारूप पर राज्य आंदोलनकारी आरक्षण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने वाले अभ्यर्थियों को डॉक्युमेंट वैरिफिकेशन में एक बार को अनुमन्य किए जाने का निर्णय लिया गया।

चारधाम यात्रा:चार धाम यात्रा में प्रयोग किए जाने वाले अश्ववंशीय पशुओं के बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि राज्य सेक्टर में वहन किए जाने पर मंत्रिमंडल ने मुहर लगाई। शेष 80 प्रतिशत धनराशि पशु स्वामी देंगें। योजना में वर्ष 2026 की यात्रा को अनुमानित 15,000 पंजीकृत घोड़े-खच्चर कवर होंगें, जहां प्रति पशु ₹ 70,000 की कीमत पर 5 प्रतिशत बीमा दर के अनुसार कुल ₹525 लाख के प्रीमियम में से राज्य सरकार अपने हिस्से के ₹ 105 लाख का वित्तीय भार उठाएगी।
पशुपालन: एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने को गौवंश आधारित पायलट परियोजना को मंजूरी दी गई। गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु भ्रूण प्रत्यारोपण और दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना को मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान की।

मध्यपूर्व में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से भारत में पेट्रोलियम प्रोडक्ट की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि से बिटुमिन की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो जाने के परिणामस्वरूप मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु कार्यहित में निर्धारित प्राविधानों के अनुसार उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग में दिनांक 01 अप्रैल 2026 से पूर्व गठित बिटुमिनस् कार्य के ऐसे सभी अनुबन्धों, जिनमें अनुबन्ध की समयावधि उपलब्ध है तथा बिटुमिनस् कार्य किए जाने शेष हैं, में संशोधन करते हुए दिनांक 01 मई 2026 से दिनांक 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु मूल्य समायोजन किए जाने के संबंध में दिशा-निर्देश निर्गत किए जाने पर सहमति प्रदान की गई है।

 

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