छांगुर पीर बाबा के पतन के पीछे पुत्रमोह और गर्लफ्रैंड नीतू,वरना हजार मुस्लिम लौंडे तैयार थे लव-जिहाद को

छांगुर बाबा धर्मांतरण को दुबई से ट्रेनर बुलवा उनसे  हिंदुओं का ब्रेनवॉश करवाता और उन्हें इस्लाम की ओर मोड़ता.  बाबा हिंदू देवी-देवताओं का मज़ाक  उडाने को वृहत तैयारी में था.

बलरामपुर ,15 जुलाई 2025,धर्मांतरण रैकेट संचालक जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को लेकर नई जानकारी है कि छांगुर बाबा धर्मांतरण को दुबई से ट्रेनर बुलवाता था. इन ट्रेनरों से लोगों का ब्रेनवॉश करता और उन्हें इस्लाम की ओर मोड़ता. इतना ही नहीं बाबा हिंदू देवी-देवता विरोधी किताबें छापने की भी वृहत तैयारी में था. ताकि, इनसे हिंदुओं के मन में धर्म के प्रति घृणा पैदा की जा सके.

सूत्रों के मुताबिक, छांगुर बाबा दुबई से मौलानाओं को बुलवाकर खुद भी ट्रेनिंग देता था. ट्रेनिंग को दो आलीशान कोठियां बनाई थी. कोठियों में तहखाने जैसे कमरे बनें थे. शिजर-ए-तैयबा किताब भी इसी से लिखी गई थी जिससे लोग आसानी से इस्लाम समझ सकें. वहीं, हिंदू देवताओं के प्रति कैसे नफरत भरी जाए इसको किताबें छापने की तैयारी में था.

फिलहाल, छांगुर बाबा उत्तर प्रदेश पुलिस पकड़ में है. उसकी करीबी नीतू उर्फ नसरीन, उसका पति जमालुद्दीन, छांगुर पुत्र महबूब आदि भी पकड़े गये हैं. पूरा गैंग एटीएस रडार पर है. बलरामपुर में बाबा की आलीशान कोठी पर प्रशासन का बुलडोजर चला. कोठी भीतर आश्चर्यजनक किले जैसी मजबूती और सुरक्षा व्‍यवस्‍था मिली. उसमें लग्जरी व्यवस्थाएं भी थी.

इस बीच छांगुर बाबा के अवैध धर्मांतरण के काले कारोबार की कमाई का पता लगाने को प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कमर कस चुका. अब तक कई सौ करोड़ के लेनदेन का पता चला है. खाड़ी देशों से भी फंडिंग हुई है. पाक कनेक्शन के संकेत हैं. ऐसे में अन्य खुफिया एजेंसियां अलर्ट हुई हैं.

दावा हो रहा है कि नेटवर्क सिर्फ छांगुर बाबा तक सीमित नहीं है. पीछे पूरा गैंग है जो संगठित धर्मांतरण और अन्य संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है. छांगुर बाबा का जाल महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैला था. पूरे नेटवर्क को वो विदेशी फंडिंग से मजबूत करता रहा. उसने लव जिहाद को मुस्लिम युवकों की फौज तैयार कर रखी थी.

579 जिलों में नेटवर्क, 2000 गुर्गे और ‘गुप्त साम्राज्य’… छांगुर बाबा की राजदार नसरीन की गवाही से टूटा ‘धर्मांतरण सिंडिकेट’

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से निकले धर्मांतरण जाल की जड़ें दुबई, सऊदी और तुर्किए तक फैली थीं. नेटवर्क के सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की सबसे भरोसेमंद राजदार नीतू उर्फ नसरीन थी. लेकिन जो महिला इस साम्राज्य की नंबर-2 थी, वही उसके पतन का सबसे बड़ा कारण बन गई.

उत्तर प्रदेश एटीएस के सामने नसरीन के कबूलनामे ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है.

एटीएस को इनपुट था कि छांगुर बाबा, बेटे महबूब की गिरफ्तारी बाद देश छोड़कर विदेश भागने को था. लेकिन बाबा का यह प्लान उसकी सबसे करीबी नीतू उर्फ नसरीन ने फेल कर दिया. नसरीन भी बाबा के साथ विदेश भागना चाहती थी, लेकिन उसे शक था कि बाबा उसे छोड़ अकेले निकल जाएगा. इसीलिए वह 81 दिन बाबा के साथ लखनऊ के होटल में चिपकी रही.

आखिरकार एटीएस ने दोनों पकड़ लिये. नीतू तमिलनाडु की है. मुंबई के पति नवीन रोहरा के साथ वह बाबा की अनुयायी बनी. इलाज और संतान को दोनों ने धर्म परिवर्तन किया. नीतू बनी नसरीन और नवीन बना जमालुद्दीन. धर्मांतरण बाद बाबा ने उन्हें विदेशों से फंडिंग जुटाने को लगाया. दोनों ने दुबई के अल फारूक उमर बिन खत्ताब सेंटर से ऑनलाइन धर्मांतरण किया.

एटीएस जांच में पता चला कि 2016 से 2020 के बीच दोनों ने 19 बार विदेश यात्रा की थी. नीतू और नवीन साथ यात्रा की बजाय विभिन्न चैनलों से फंडिंग जुटाते रहे. नसरीन ने पुलिस को बताया कि छांगुर बाबा बेटे महबूब को दुनिया का सबसे अमीर बनाना चाहता था. उसने काला धन सफेद करने को प्रॉपर्टी और दूसरे बिजनेस की जमीन तैयार की थी.

बाबा अब फाइनेंस नसरीन से लेकर महबूब को देना चाहता था, जिससे नाराज नसरीन ने सब खोल दिया. पूछताछ में पता चला कि बाबा ने सिंडिकेट में मुस्लिम लड़कों की टीम खड़ी की थी, जो हिंदू बनकर लड़कियों को फंसाते थे. फिर उनका धर्म परिवर्तन होता था. जातीय आधार पर धर्मांतरण की रेट लिस्ट भी थी जिसमें ब्राह्मण, क्षत्रिय और सिख लड़कियों को 15 से 16 लाख रुपए, पिछड़ी जातियों को 10 से 12 लाख और अन्य जातियों को 8 से 10 लाख रुपये तक रकम तय थी. एटीएस रिपोर्ट में है कि छांगुर बाबा की देश के 579 हिंदू बहुल जिलों में सात अरब रुपए बजट से अभियान की योजना थी. करीब 2000 गुर्गे इस काम में लगे थे. इनमें 1000 मुस्लिम लड़के लव-जिहाद से धर्मांतरण करवा रहे थे.

अब तक की जांच में छांगुर बाबा के नेटवर्क के सामने आए बैंक खाते चौंकाते हैं. नीतू और नवीन के नाम पर दुबई, यूएई और भारत में 8 विदेशी बैंक खाते एमिरेट्स एनबीडी, अल नाहदा, मशरक बैंक, फेडरल बैंक, अल अंसारी एक्सचेंज, आईसीआईसीआई वोस्ट्रो, एसबीआई एनआरओ आदि हैं. इन खातों में 66 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ है.

मामले में अब ईडी की भी एंट्री हो चुकी, जो इन बैंक खातों और फंड ट्रांजेक्शनों की गहरी जांच कर रही है. बलरामपुर की वही 12 करोड़ रुपये की आलीशान कोठी, जहां से बाबा धर्मांतरण का पूरा नेटवर्क चला रहा था, धराशाई हो चुकी. प्रशासन ने सरकारी ज़मीन पर बनी कोठी ध्वस्त कर बाबा की मंडली को 8 लाख 55 हजार रुपये का वसूली नोटिस दे दिया है. रकम 15 दिन में जमा करनी होगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *