भाजपा को गया नैनीताल जिपं अध्यक्ष पद, कांग्रेस ने उपाध्यक्ष पद जीता पर्ची से

NAINITAL ZILA PANCHAYAT PRESIDENT Deepa Darmwal of BJP and vice President Devki Bisht of Congress won in Zila Panchayat election

नैनीताल 19 अगस्त 2025 : उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने आज मंगलवार 19 अगस्त को नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम घोषित कर दिए हैं. जिला पंचायत अध्यक्ष पर जहां भाजपा की दीपा दर्मवाल जीती है तो वहीं उपाध्यक्ष पद कांग्रेस की देवकी बिष्ट को मिला.

बता दें कि, 14 अगस्त को नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को चुनाव हुआ था.वोटिंग बाद उसी दिन निर्वाचन आयोग ने मतगणना करा दी थी, लेकिन चुनाव परिणाम घोषित नहीं किया था, बल्कि चुनाव परिणाम सीलबंद लिफाफे में बंद कर डबल लॉकर में रख दिया था. आज निर्वाचन आयोग ने चुनाव परिणाम घोषित किया और नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष पर भाजपा प्रत्याशी दीपा दर्मवाल को विजयी घोषित किया. दीपा दर्मवाल एक वोट से जीती हैं।
मतदान बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मतगणना हुई जिसके बाद परिणाम सीलबंद लिफाफे में रख दिया गया था। मंगलवार को नैनीताल जिलाधिकारी वंदना सिंह ने नतीजों की घोषणा बाद विजयी प्रत्याशियों को प्रमाणपत्र दिए ।

जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि चुनावों में भाजपा की दीपा दर्मवाल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई हैं,जबकि उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस की देवकी बिष्ट विजयी रहीं।

केवल एक वोट से जीतीं भाजपा की दीपा
इस चुनाव के लिए हुए मतदान में कुल 22 मत पड़े थे। अध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने वाली भाजपा की प्रत्याशी दीपा दर्मवाल ने 1 वोट से कांग्रेस प्रत्याशी को हराया। भाजपा उम्मीदवार को 11 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की पुष्पा नेगी को 10 मत मिले, जबकि एक वोट रद्द हो गया।

लॉटरी से हुआ उपाध्यक्ष पद का फैसला
उधर, उपाध्यक्ष पद को हुई मतगणना में भाजपा के बहादुर नकदली और कांग्रेस की देवकी बिष्ट को बराबर 10-10 वोट मिले । तब लॉटरी से विजेता का फैसला किया गया जो देवकी बिष्ट के पक्ष में गया।

चार दिन पहले हुई थी मतगणना
15 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी और मतपत्र ट्रेजरी के लॉकर में सुरक्षित रख दिए गए थे। मतदान बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मतगणना हुई और परिणाम सीलबंद लिफाफे में रख दिया गया था। मतगणना की वीडियोग्राफी भी हुई थी। आज जिलाधिकारी वंदना ने औपचारिक रूप से परिणाम घोषित कर दिए।

कांग्रेस ने की थी परिणाम पर रोक लगाने की मांग
इससे पहले, मंगलवार सुबह कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवतार सिंह रावत ने कोर्ट में जिलाधिकारी की ओर से घोषित किए जाने वाले परिणामों को रोकने का आग्रह किया था, लेकिन दोपहर में सुनवाई पूर्व ही जिला प्रशासन ने परिणाम जारी कर दिए।

नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को 14 अगस्त को चुनावों के दौरान कांग्रेस ने सत्ताधारी भाजपा पर उसके कुछ जिला पंचायत सदस्यों को वोट डालने से रोकने को उनका अपहरण करने का आरोप लगाया था ।

इसे लेकर खासा बवाल मचा तथा भाजपा कार्यकर्ताओं और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, नैनीताल के पूर्व विधायक संजीव आर्य तथा हल्द्वानी से विधायक सुमित ह्रदयेश में हाथापाई भी हुई । आरोप लगाया गया कि मामले में पुलिस मूक दर्शक बनी रही । यशपाल आर्य के फेसबुक पेज पर घटना का सीधा प्रसारण हुआ ।

इस बीच, गायब जिला पंचायत सदस्यों के परिजनों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया तब अदालत ने पुलिस को उन्हें सुरक्षा में मतदान केंद्र तक ले जाने के आदेश दिए।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, कुल 22 सदस्यों ने मतदान किया था, जिनमें से भाजपा प्रत्याशी को 11 और कांग्रेस प्रत्याशी को 10 वोट मिले. वहीं एक वोट अमान्य घोषित कर दिया गया. इस तरह दीपा दर्मवाल मात्र एक वोट से जीती. जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुनाव में यह जीत भाजपा को बड़ी राहत है, क्योंकि पिछले कई दिनों से इस चुनाव को लेकर लगातार विवाद,आरोप-प्रत्यारोप और तनाव बना था. यहां तक कि मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट तक पहुंच गया और अभी भी सुनवाई विचाराधीन है. इसके चलते परिणाम आने के बावजूद कानूनी स्थिति साफ होने का इंतजार है.

उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस: उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस ने अपनी पकड़ बनाए रखी है. कांग्रेस प्रत्याशी देवकी बिष्ट उपाध्यक्ष चुनी गईं. परिणाम घोषित होने से पूर्व सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. कलेक्ट्रेट और कोषागार परिसर छावनी में बदल पुलिस बल लगाया गया. किसी भी अप्रिय घटना से बचने को पुलिसकर्मी पैदल घूमते रहे, वहीं आसमान से निगरानी को ड्रोन कैमरे भी लगे.

परिणाम घोषणा से पहले प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट रहे. सुरक्षा घेरे में मतदान केंद्र से लेकर परिसर के बाहर तक लगातार जांच हुई, ताकि वातावरण शांतिपूर्ण और सुरक्षित बना रहे और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो.

दरअसल, 14 अगस्त को चुनाव के बीच ही पांच जिला पंचायत सदस्य गायब हो गए थे. कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही एक-दूसरे पर जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण का आरोप लगाया था. कांग्रेस 14 अगस्त को ही मामला लेकर हाईकोर्ट भी पहुंच गई थी. हाईकोर्ट ने भी निर्वाचन आयोग को कुछ दिशा-निर्देश दिए थे, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने मतगणना के बाद रिजल्ट घोषित नहीं किया था. वहीं कल भी हाईकोर्ट में मामले पर सुनवाई हुई थी. कोर्ट ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए नैनीताल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी से शपथ पत्र भी मांगा था.

 

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