सिगरेट,बांस,सस्ता चीनी नेट? हांगकांग में 83 लोगों के जल मरने का उत्तरदायी कौन?
4600 लोगों का बसेरा चार मिनट में खाक… बांस या सस्ता चाइनीज नेट? हॉन्ग कॉन्ग में 83 मौतों का कौन उत्तरदायी
हॉन्गकॉन्ग के उत्तरी ताई पो जिले में बुधवार को 35 मंजिला रिहायशी कॉम्प्लेक्स की इमारतों में आग लगी थी. ये टावर बांस की मचान से ढके हुए थे. हॉन्ग कॉन्ग में निर्माण और मरम्मत कार्यों में बांस की मचान का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है.
हॉन्ग कॉन्ग में 77 साल में सबसे भीषण आग
नई दिल्ली, 27 नवंबर 2025,। हॉन्गकॉन्ग में 26 नवंबर को अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी. इस आग में अब तक 83 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. लापता लोगों की संख्या भी 300 के आसपास है. इसे शहर के इतिहास के सबसे भीषण अग्निकांड में से एक बताया जा रहा है.यह घटना हॉन्ग कॉन्ग के ताई पो जिले में वांग फुक कोर्ट अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में हुई, जहां मरम्मत के समय आग लग गई. सुरक्षा की मज़बूत व्यवस्था नहीं होने से आग तेजी से फैली, जिसने कई इमारतेः अपनी चपेट में ले ली.
हॉन्ग कॉन्ग के ताई पोल जिले का यह कॉम्प्लेक्स 1983 में बना था. यह ताई पो का सबसे ऊंचा आवासीय क्षेत्र है. जहां कई आठ गगनचुंबी इमारतें हैं और लगभग 2,000 फ्लैट्स हैं. यह ताई पो का सबसे ऊंचा आवासीय क्षेत्र है, जहां 2021 की जनगणना के अनुसार 4,643 लोग रहते थे.
बांस का ढांचा, तेज हवा और धधक उठे 2000 घर, हॉन्ग कॉन्ग में ऐसी तबाही
fire breaks out in 31 storey residential tower in hong kong tai po district
हॉन्ग कॉन्ग में रिहायशी टावरों में लगी आग हुई और विकराल, देखें तबाही
आग इतनी तेजी से कैसे फैली?
यह आग मुख्य रूप से वांग चेओंग हाउस से शुरू हुई और 4 से 7 ब्लॉक्स तक फैल गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉम्प्लेक्स की बाहरी दीवारों की मरम्मत कई महीनों से चल रही थी. इसी से सभी इमारतों पर बांस की स्कैफोल्डिंग लगी थी. हालांकि, सरकार ने मार्च 2025 से बांस स्कैफोल्डिंग पर प्रतिबंध लगाया था क्योंकि यह पूरी तरह से ज्वलनशील होता है.
यह आग 26 नवंबर की दोपहर 2.50 बजे के आसपास लगी. आग बाहरी स्कैफोल्डिंग की हरी नेटिंग पर लगी. यह स्कैफोल्डिंग वांग चेओंग हाउस पर लगी थी. इमारत की खिड़कियों पर ज्वलनशील स्टाइरोफोम बोर्ड्स लगे थे. बांस स्कैफोल्डिंग ने आग को ऊपर की ओर तेजी से फैलाया. आग इतनी तेजी से फैली की चार से पांच मिनट में ही इसने 31 मंजिला भवन पूरी तरह से अपनी लपेट में ले लिया. प्लास्टिक या पॉलीस्टाइरीन जैसी रेनोवेशन मैटेरियल्स से आग भीषण होती चली गई.
जांच में पता चला कि लिफ्ट की खिड़कियां ढकने को इस्तेमाल किये गये स्टायरोफॉम में आग तेजी से फैली. इसी से आग इतनी तेजी से फैल गई. मामले में पुलिस ने ठेकेदार समेत तीन लोग पकड़े भी हैं.
इस आग को लेवल-5 बताया गया है, जो हॉन्ग कॉन्ग में आग की सबसे खतरनाक श्रेणी है. कॉम्प्लेक्स में आग लगने पर लोगों को अस्थाई शेल्टर्स में शरण दी गई है. बताया जा रहा है कि यह आग सिगरेट से लगी हो सकती है.
बता दें कि हॉन्ग कॉन्ग में अब तक की सबसे भीषण आग 27 फरवरी 1918 को लगी थी. यह आग हैप्पी वैली रेसकोर्स में लगी थी, जिसमें 600 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद 22 सितंबर 1948 को एक और भीषण आग लगी थी, जो एक गोदाम में लगी थी, जिसमें 176 मौतें हुई थी.
एक वृद्धा इन्हीं ब्लॉकों में से एक में रहती हैं. उन्होंने बताया कि आग लगन समय ह घर पर नहीं थीं लेकिन उन्हें अपने अपार्टमेंट की चिंता है क्योंकि उसका बीमा नहीं हुआ है.
उन्होंने कहा, “मैं बहुत परेशान हूं कि अब मेरे पास लौटने के लिए घर नहीं है.”
71 साल के वॉन्ग अपनी पत्नी को लेकर काफ़ी परेशान दिखे. उनका कहना था कि वो आग की लपटों में घिरी इमारत में फंस गई थीं
माना जा रहा है कि लपटें इसलिए तेज़ी से फैलीं क्योंकि मरम्मत के लिए इमारतों के चारो ओर बांस के मचान लगाए गए थे.
कुछ लोगों ने आग की भयावहता को लेकर नाराज़गी जताई और आग पर काबू पाने की कोशिशों की आलोचना की.
वांग फ़ुक कोर्ट में रहने वाली एक अन्य सीनियर सिटिज़न मिस पून ने सवाल किया, “जंगल की आग लगती है तो वे हेलिकॉप्टर भेजते हैं और पानी गिराते हैं, लेकिन यहां ऐसा क्यों नहीं किया और दूसरी इमारतें जलने को कैसे छोड़ दी?”
उन्होंने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से कहा, “ये जगह फ़ायर स्टेशन के बहुत पास है. हमने सोचा था आग जल्दी बुझ जाएगी लेकिन अब आग फैलती गई. मैं बहुत निराश हूं.”
मिस पून ने कहा कि उन्हें सरकार की ओर से यह नहीं बताया गया कि मदद कहां मिलेगी.
स्थानीय निवासियों ने सरकार को लेकर नाराज़गी ज़ाहिर की.
हमने ताई पो के कुछ निवासियों से बात की जिन्होंने पीड़ितों और प्रभावित लोगों की मदद की थी. इसमें दर्जनों कंबल और हीट पैक थे.
हांगकांग के मुख्य कार्यकारी जॉन ली ने कहा कि सरकारी विभाग आग से प्रभावित निवासियों की मदद कर रहे हैं.आग के बारे में वो क्या सोचते हैं, तो प्रभावित निवासियों ने कहा, ‘सरकार अक्षम है’ और वे ‘बेहद टूट चुके हैं.’

