कांग्रेस समर्थक ऑस्ट्रियाई इकॉनॉमिस्ट गुंथर भारत विरोधी पोस्ट पर देश में बैन,
India Bans Austrian Economists X Account After Dismantle India Post
भारत को तोड़ने की पोस्ट करने वाले कांग्रेस समर्थक ऑस्ट्रियाई इकॉनॉमिस्ट के खिलाफ एक्शन, खालिस्तानी कनेक्शन भी आया था सामने
भारत ने ऑस्ट्रियाई अर्थशास्त्री गुंथर फेहलिंगर के भारत विरोधी और खालिस्तान समर्थक पोस्ट के बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट को प्रतिबंधित कर दिया है।
नई दिल्ली 06 सितंबर2025। : मध्य यूरोप के लैंडलॉक्ड देश ऑस्ट्रिया के अर्थशास्त्री गुंथर फेहलिंगर के खिलाफ भारत ने सख्त एक्शन लिया है। भारत को तोड़ने और खालिस्तान का समर्थन करने वाली पोस्ट के बाद फेहलिंगर का सोशल मीडिया अकाउंट भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऑस्ट्रियाई अर्थशास्त्री ने न सिर्फ खालिस्तान का समर्थन किया था, बल्कि भारत को तोड़ने का आह्वान करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी की थी।
भारत ने ऑस्ट्रियाई अर्थशास्त्री के ट्विटर अकाउंट को बैन किया
फेहलिंगर ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वह भारत तोड़कर इतिहास में बदलने का आह्वान करता है। भारत के प्रधानमंत्री के खिलाफ विवादित बयान देते हुए फेहलिंगर ने उन्हें रूस का पक्षकार बताया था। खालिस्तान की तरफदारी करते हुए फेहलिंगर ने कहा था कि उसे खालिस्तानियों की जरूरत है।
पोस्ट के बाद भारत में लोग जाहिर कर रहे गुस्सा
भारत में फेहलिंगर की यह पोस्ट काफी वायरल हुई। लोगों ने सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के खिलाफ गुस्सा दिखाया था, जिसके बाद गृह मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पोस्ट को फ्लैग कर दिया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की गई इस पोस्ट को बाद में भारत के यूजर्स के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया। तब से भारत में यह अकाउंट निष्क्रिय कर दिया गया है। बता दें कि फेहलिंगर- यूक्रेन, कोसोवो, बोस्निया और ऑस्ट्रिया की नाटो सदस्यता के लिए ऑस्ट्रियाई समिति का अध्यक्ष हैं। वह दक्षिणी बाल्कन के क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण के लिए वर्किंग ग्रुप बोर्ड में भी शामिल है।
41 साल बाद किसी PM ने की थी ऑस्ट्रिया की यात्रा
विदेश मंत्रालय से जब यह बात पूछी गई कि क्या वियना में ऑस्ट्रियाई सरकार के समक्ष इस मुद्दे को उठाया जाएगा तो इस पर विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने इस विचार को खारिज कर दिया। इस पर कहा गया कि इस पर इतना ज्यादा ध्यान क्यों दिया जा रहा है? वह विचित्र आचरण वाला व्यक्ति है। उसके पास कोई आधिकारिक पद नहीं है। इस मुद्दे को लेकर इसलिए भी चर्चाएं हो रही हैं, क्योंकि जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 41 वर्षों में ऑस्ट्रिया की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे। यह ऐतिहासिक यात्रा भारत और ऑस्ट्रिया के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुई थी।
attl”>भारत के टुकड़े कर दो… कौन है ये छुटभैया अर्थशास्त्री जिसने उगला जहर? राहुल को PM बनाने की कर दी थी फर्माइश
“>गुनथर फेलिंगर-जाह्न नाम के इस छुटभैये अर्थशास्त्री ने X पर भारत को तोड़ने की अपील की. साथ ही इंडिया का टूटा फूटा नक्शा शेयर करते हुए इसे “Ex-India” करार दिया. इसके बाद भारत में लोगों का गुस्सा भड़क गया. प्रियंका चतुर्वेदी ने विदेश मंत्रालय से कार्रवाई की मांग की.
नई दिल्ली. ऑस्ट्रिया के कथित अर्थशास्त्री और खुद को नाटो (NATO) के “एनलार्जमेंट कमेटी” का अध्यक्ष बताने वाले गुनथर फेलिंगर-जाह्न ने भारत के खिलाफ जहरीला बयान देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है. गुनथर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट में भारत को तोड़ने की बात कही और “Ex-India” नामक एक नक्शा शेयर किया. इस नक्शे में भारत के कई हिस्सों को पाकिस्तान, बांग्लादेश और कथित खालिस्तान का हिस्सा दिखाया गया.
“भारत के टुकड़े कर दो… कौन है ये छुटभैया अर्थशास्त्री जिसने उगला जहर”
भारत के खिलाफ जहर उगला गया.
‘नरेंद्र मोदी रूस के आदमी’
गुनथर ने अपने पोस्ट में लिखा, “मैं भारत को तोड़ने की अपील करता हूं. नरेंद्र मोदी रूस के आदमी हैं. हमें खालिस्तान के लिए स्वतंत्रता के समर्थक चाहिए.” इस बयान के बाद भारत में गुस्से की लहर दौड़ गई. राजनीतिक दलों से लेकर आम जनता तक ने इसे भारत की संप्रभुता पर हमला बताया. शिवसेना (उद्धव गुट) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस मामले पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि विदेश मंत्रालय को तुरंत ऑस्ट्रियन दूतावास के साथ इस मुद्दे को उठाना चाहिए.
राहुल को प्रधानमंत्री बनाने का कर चुके समर्थन
वहीं, सोशल मीडिया पर नेटिजन्स ने गुनथर को “ट्रोल” करना शुरू कर दिया. साफ कहा कि वह न तो NATO से जुड़े हैं और न ही उनकी कोई आधिकारिक हैसियत है. दिलचस्प बात यह है कि गुनथर का कांग्रेस प्रेम अब फिर चर्चा में है. साल 2023 में उनके पुराने एक्स पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें उन्होंने राहुल गांधी को भारत का अगला प्रधानमंत्री बनने का समर्थन जताया था. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्होंने रूस और चीन का समर्थक बताया था.
भारतीय संप्रभुता पर हमला
विशेषज्ञों का मानना है कि गुनथर जैसे लोग सिर्फ सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए भारत जैसे बड़े लोकतंत्र को निशाना बनाते हैं. उनका बयान न केवल गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि भारत की संप्रभुता पर सीधा हमला है. भारत में राजनीतिक दलों का मानना है कि गुनथर जैसे स्वयंभू ट्रोल्स की बयानबाजी को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए, लेकिन सरकार को कूटनीतिक स्तर पर इस तरह के कृत्यों पर रोक लगानी होगी. भारत की अखंडता और संप्रभुता पर सवाल उठाने वालों को सख्त जवाब देना ही उचित होगा
Who is Gunther Fehlinger: गुंथर फेलिंगर कौन है? जो भारत तो तोड़ने की कर रहा बात
ऑस्ट्रियाई अर्थशास्त्री गुंथर फेलिंगर-जाह्न ने भारत को तोड़ने और “Ex-India” का विवादित नक्शा साझा कर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया.
ऑस्ट्रियाई अर्थशास्त्री गुंथर फेलिंगर-जाह्न ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर भारत को “Ex-India” में तोड़ने की बात कही और एक विवादित नक्शा साझा किया. इस नक्शे में भारत के हिस्सों को पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और तथाकथित खालिस्तान को सौंपा गया था. उनका अकाउंट बाद में भारत में विथहोल्ड (blocked) कर दिया गया. यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद राजनीतिक नेताओं से लेकर आम यूजर्स तक ने तीखी प्रतिक्रिया दी.
“खालिस्तान के लिए चाहिए आजादी का दोस्त”
फेलिंगर ने अपने पोस्ट में लिखा “मैं भारत को Ex-India में तोड़ने की अपील करता हूं. नरेंद्र मोदी रूस के आदमी हैं. हमें खालिस्तान की आजादी के लिए दोस्त चाहिए.” उनकी यह टिप्पणी और नक्शा साझा करने का कदम भारी आलोचना का कारण बना. सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें “ट्रोल” करार दिया.
भारतीय नेताओं और जनता का गुस्सा
शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मुद्दे को लेकर विदेश मंत्रालय से ऑस्ट्रियाई दूतावास के सामने विरोध दर्ज कराने की मांग की. उन्होंने लिखा “यह कैसी सनक है? @MEAIndia को इस मामले को ऑस्ट्रियाई एंबेसी के साथ उठाना चाहिए.” इसके अलावा यूजर्स ने फेलिंगर की पुरानी पोस्ट भी शेयर की, जिसमें उन्होंने 2023 में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का समर्थन किया था और प्रधानमंत्री मोदी को “प्रो-रूस और प्रो-चीन” बताया था.
बदला हुआ नक्शा बना विवाद का कारण
फेलिंगर द्वारा साझा किए गए नक्शे में पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान को “खालिस्तान” का हिस्सा दिखाया गया. वहीं, जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बताया गया. इस नक्शे ने सोशल मीडिया पर गुस्से की आग भड़का दी. कई यूजर्स ने भारतीय सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की. एक यूजर ने लिखा “मोदी न झुकते हैं, न टूटते हैं. इन्हें ऐसा पीएम चाहिए जो उनकी सीटी बजाने पर पूंछ हिलाए. यही वजह है कि पप्पू उनका पसंदीदा उम्मीदवार लगता है.”
कौन हैं गुंथर फेलिंगर?
गुंथर फेलिंगर-जाह्न का जन्म 1968 में ऑस्ट्रिया के लिंज शहर में हुआ था. उन्होंने वियना यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक्स एंड बिज़नेस से इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई की. वे यूरोपीय नीतियों में NATO और यूरोपीय संघ के विस्तार के प्रबल समर्थक माने जाते हैं. फेलिंगर पहले भी रूस और ब्राजील जैसे देशों के टूटने की वकालत कर चुके हैं, ताकि पश्चिमी गठबंधनों को मजबूती मिल सके. उनकी सक्रियता अक्सर ऐसे उकसाऊ बयानों से जुड़ी रहती है, जिनमें वे नाटो के विरोधी देशों को निशाना बनाते हैं.

