कार्पोरेट कनवर्जन:TCS प्रबंधन हैरान,पुलिस और आंतरिक जांच,विदेशी फंडिंग का संदेह
‘बेहद गंभीर और पीड़ादायक…’, TCS में यौन उत्पीड़न और जबरन कनवर्जन आरोपों पर भड़के टाटा संस चेयरमैन N चंद्रशेखरन!
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने टीसीएस नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न और जबरन कनवर्जन के आरोप ‘बेहद गंभीर’ (TCS Harassment) बताते हुए कहा कि टीसीएस की सीओओ आरती सुब्रमण्यन के नेतृत्व में विस्तृत जांच चल रही है।
नई दिल्ली 14 अप्रैल 2026 । टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने समूह की आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS Harassment) के नासिक कार्यालय में जिहादी आरोपों को ‘बेहद गंभीर एवं पीड़ादायक’ बता एक बयान में कहा कि वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में मामला जांचा जा रहा है। टीसीएस नासिक शाखा से आरोप बेहद चिंताजनक हैं । तथ्यान्वेषण एवं घटना के जिम्मेदारों की पहचान को कंपनी की मुख्य परिचालन अधिकारी आरती सुब्रमण्यन विस्तृत जांच कर रही है।
मामला टीसीएस नासिक की एक पुरुष समेत 9 महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न (TCS Nashik sexual harassment news) और जबरन कनवर्जन आरोपों से जुड़ा है।
चंद्रशेखरन ने कहा कि ‘‘घटना बहुत गंभीरता से ली जा रही है और आरोपित कर्मचारियों पर कार्रवाई हो रही है। कंपनी जांच एजेंसियों से पूरा सहयोग कर रही है।’’
उन्होंने कहा कि समूह कैसा भी उत्पीड़न या दबाव कतई सहन नहीं करता और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। आवश्यक प्रक्रियागत सुधार (Tcs hike) समेत अन्य सुधार कदम भी तुरंत उठाए जाएंगे। पुलिस ने महिला कर्मचारियों की शिकायतों की जांच को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया था। अब तक सात गिरफ्तारियां हो चुकी। महिला मानव संसाधन (एचआर) प्रबंधक निदा खान भागी हुई है।
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निदा खान HR का घटिया खेल, नासिक TCS दफ्तर में कनवर्जन और लव जिहाद की कहानी
भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा निर्यातक कंपनी टीसीएस के नासिक दफ्तर में यौन उत्पीड़न और कनवर्जन के आरोप हैं। इसने पूरे देश का ध्यान खींचा है। महाराष्ट्र मुख्यमंत्री ने कठोर एक्शन की बात कही है। एसआईटी गहराई से जांच कर रही है।
वर्क प्लेस पर शिकायत ऐसे मामले में बदल गई जिस पर पूरे देश का ध्यान है। केस भी कोई छोटी कंपनी नहीं, बल्कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ की नासिक BPO यूनिट का है। मामले में टीसीएस के कर्मचारियों के यौन शोषण और ज़बरदस्ती कनवर्जन कोशिशों का आरोप है। पुलिस ने जांच शुरू की । राजनीतिक नेताओं की कड़ी प्रतिक्रियाएं आई हैं। मामला तूल पकड़ रहा है। टीसीएस के बाहर सुबह-शाम प्रदर्शन हो रहे हैं। महाराष्ट्र राजनीति गरमा गई है।

विषय नया नहीं है। शिकायतें 2022 तक की हैं। इस साल मार्च में मामला तब और बढा जब एक महिला ने अपने एक सहकर्मी पर शादी का झूठा वादा कर उससे शारीरिक संबंध का आरोप लगाया। उस शिकायत बाद शिकायतों का तांता लग गया। और भी कर्मचारी सामने आए, FIRs की संख्या बढी, गिरफ्तारियां हुईं, और अब महाराष्ट्र पुलिस विशेष जांच दल (SIT) वे आरोप जांच रहा है जो कई सालों से कंपनी में चल रहे थे।
गिरफ्तार आरोपित
अब तक मामले में 9 FIR हुई हैं। मामले में कई गिरफ्तारियां हुई जिनमे में शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, आसिफ अंसारी और दानिश शेख शामिल हैं। उन्हें अदालत ला पुलिस को सौंपा गया। नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक की देखरेख में, जांच ACP क्राइम संदीप मितके के नेतृत्व वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम कर रही है। अधिकारियों के अनुसार आरोपों में यौन अपराध और काम की जगह पर मजहबी दबाव बनाने के दावे, दोनों शामिल हैं।
टीम लीडर्स पर धमकाने,नौकरी से निकालने का आरोप
पुलिस के अनुसार पहली FIR मार्च 2026 में लिखी गई थी, फिर और भी शिकायतें सामने आईं। पीड़ितों ने उत्पीड़न, दबाव और शिकायतों की अनसुनी के आरोप लगाए । महिला कर्मचारियों और एक पुरुष सहकर्मी ने नासिक शहर पुलिस को बताया कि सीनियर कर्मचारियों, टीम लीडर्स समूह ने उनका लगातार उत्पीड़न किया है।
जबरन नमाज पढ़ मुस्लिम बनने का दबाव
शिकायतकर्ताओं ने बार-बार बैड टच, अश्लील टिप्पणियों, छेड़छाड़ और शादी के झूठे वादे करके शारीरिक संबंध बनाने के आरोप लगाए। यह भी कि मुस्लिम बनने, नमाज पढ़ने और मजहबी आयोजनों में शामिल होने का दबाव डाला गया। उन्हें मुस्लिम बनने को उकसाने की कोशिशें हुईं।
एचआर हेड निदा खान की मिलीभगत का आरोप
एक अलग शिकायत में, पुरुष कर्मचारी ने दावा किया कि उसे उसे जबरन मजहबी गतिविधियों में हिस्सा लेने को मजबूर किया गया। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने पहले भी सीनियर अधिकारियों और HR विभाग के सामने यह विषय उठाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जांच में पता चला कि एचआर हेड निदा खान खुद इस भयावह षड्यंत्र में शामिल थी। उससे बार-बार शिकायतें की गईं लेकिन उसने कोई एक्शन नहीं लिया। निदा खान का बयान 10 अप्रैल 2026 को लिखा गया था।
WhatsApp ग्रुप और टारगेट करने के आरोपों की जांच
सूत्रों के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों ने WhatsApp ग्रुप बनाए थे, जिनमें कमज़ोर सहकर्मियों को टारगेट करने की बात होती थी। जांचकर्ता अब उन आरोपों की जांच कर रहे हैं कि जूनियर कर्मचारी युवा हिंदू महिलाओं को पहचान उन्हें प्रलोभन या निजी प्रभाव से संपर्क किया गया। पुलिस ने मामला कार्यस्थल में सक्रिय एक ग्रुप से जुड़ा बताया है, और गतिविधियों की सीमा का पता लगाने को सभी पहलुओं से जांच कर रही है। अधिकारियों ने ज़्यादा पीड़ितों से आगे आने की अपील भी की है और शिकायतों को एक खास WhatsApp नंबर भी जारी किया है।
TCS ने कर्मचारी सस्पेंड किये
टीसीएस (Tata Consultancy Services) ने कहा कि उसने जांच परिधि में आए कर्मचारी सस्पेंड कर दिये हैं और अधिकारियों से पूरी तरह सहयोग कर रही है। कंपनी ने दोहराया कि आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों पर निर्भर होगी।
12 पीड़ित सामने आने से बढ़ा मामला
SIT सूत्रों के अनुसार तीन और पीड़ितों की पहचान हुई है, जिनसे टीम ने बातचीत की है. हालांकि सामाजिक दबाव और बदनामी के डर से उन्होंने अभी तक एफआईआर नहीं कराई है. जांच एजेंसियों का कहना है कि ऐसे और भी लोग सामने आ सकते हैं जिन्होंने अभी शिकायत नहीं की है.SIT का मानना है कि पूरा मामला एक संगठित पैटर्न की ओर इशारा करता है. जांच टीम को मिले इनपुट और कर्मचारियों की जानकारी से यह संकेत मिल रहे हैं कि इस तरह की गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं और यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है. मामले की गंभीरता देख पुलिस ने अंडरकवर ऑपरेशन भी चलाया. चार महिला कांस्टेबल्स को हाउसकीपिंग स्टाफ बना कैंपस में तैनात किया गया. इन अधिकारियों की रिपोर्ट ने जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई अंदरूनी गतिविधियों का अनावरण किया.
जांच में एक अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी सामने आया है. व्हाट्सएप चैट में इमरान नाम का जिक्र मिला है, जिसे मलेशिया से जुड़ा बताया जा रहा है. हालांकि उसकी वास्तविक पहचान और भूमिका अभी स्पष्ट नहीं है और SIT इसकी जांच कर रही है.
डिजिटल सबूतों में यह भी सामने आया है कि आरोपित, जिनमें HR एग्जीक्यूटिव निदा खान शामिल है, एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े थे. इस ग्रुप में कर्मचारियों पर चर्चा, उन्हें टारगेट करने और रणनीति बनाने की बातचीत होती थी. यह नेटवर्क कई स्तरों पर काम कर रहा था. जांच में यह भी पाया गया है कि कई चैट डिलीट कर दी गई हैं. अब फॉरेंसिक टीम ये चैट्स रिकवर करने की कोशिश में है. SIT के अनुसार ये डिजिटल सबूत अदालत में मामले की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकते हैं.
निदा खान ढूंढने में जुटी पुलिस
मुख्य आरोपित HR एग्जीक्यूटिव निदा खान भागी हुई है. पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापे मार रही है. जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि उसकी भर्ती प्रक्रिया में किसी खास पैटर्न का पालन तो नही किया गया था . पुलिस ने TCS को पत्र लिखकर निदा खान की भूमिका, भर्ती प्रक्रिया और आंतरिक निगरानी प्रणाली पर स्पष्टीकरण मांगा है. यह भी पूछा गया है कि कंपनी स्तर पर उसकी गतिविधियों पर पहले कोई निगरानी क्यों नहीं की गई. SIT का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इस मामले में और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं. पुलिस और जांच एजेंसियां हर पक्ष खंगाल रही हैं और पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं.

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विरोध प्रदर्शन तेज़ हुए
नासिक में TCS परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन जारी हैं और तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोप चौंकाने वाले बता मामला गंभीर बताया, पुलिस कार्रवाई भी सराही। राज्य मंत्री नितेश राणे ने HR विभाग की भूमिका पर सवाल उठाए और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर आरोप लगाया कि ये घटनाएं एक बड़ा पैटर्न बताती हैं।
जांच जारी है, अभी तक कोई चार्जशीट दायर नहीं
पुलिस ने बताया कि जांच जारी है और अभी चार्जशीट दायर नहीं की गई। SIT भारतीय दंड संहिता के संबंधित प्रावधानों में यौन उत्पीड़न, मारपीट और धार्मिक दबाव से जुड़े आरोपों सहित सभी शिकायतें और सबूत जांच रही है। मामले ने IT क्षेत्र में कार्यस्थल सुरक्षा, युवा कर्मचारियों की संवेदनशीलता और बड़े संगठनों में आंतरिक शिकायत निवारण प्रणालियों की प्रभावशीलता पर बहस फिर से तेज़ कर दी है।
एक पूर्व कर्मचारी ने SIT को बताया कि आरोपित अपने इरादे पूरा करने को काम खत्म होने के बाद भी कंपनी में रुककर इस्लामिक गतिविधियां चलाते थे. इस इनपुट पर जांच एजेंसी ने अपनी परिधि और विस्तृत की है.
ऑफिस के बाद भी संदिग्ध गतिविधियां
जांच में आया है कि पूरे मामले में महिलायें निशाने पर थी. शिकायतों में है कि साड़ी पहनने या भारतीय परंपराओं का पालन करती युवतियां जानबूझकर सॉफ्ट टारगेट बनती थी. इन युवतियों को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना मिलती थी.
SIT को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपियों का प्लान युवतियों को बाहर घुमाने के बहाने किसी रिसॉर्ट में ले जाकर उनसे दुष्कर्म का था. चूंकि आरोपित एक ही क्षेत्र के हैं, इसलिए यह भी आशंका है कि उन्होंने कंपनी में नेटवर्क तैयार कर लिया था.
जांच एजेंसी अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या इस पूरे मामले के पीछे कनवर्जन एजेंडा था. पीड़ितों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई, हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा इस्तेमाल की गई तथा मांसभक्षण कर नमाज पढ़ने को मजबूर किया गया.
निदा खान का खेल
निदा खान इसमें महत्वपूर्ण कड़ी है. वह नई लड़कियां व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ उन्हें अलग-अलग ग्रुप में शामिल कर उनसे दोस्ती बढ़ाती . शुरुआती बातचीत में सामान्य और हल्की-फुल्की बातें , लेकिन धीरे-धीरे बातचीत का रुख मजहब की ओर मुड़ता. पीड़ितों के धर्म की आलोचना , मजहब बेहतर बताने की कोशिश होती. निदा खान युवतियों को मजहबी रीति-रिवाजों अपनाने को कहती । उन्हें नमाज पढ़ने ,मजहबी कपड़े पहनने तक की ट्रेनिंग देती.
पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही निदा खान मोबाइल फोन फेंक भाग गई. पुलिस टीम उसे भिवंडी में ढूंढ रही है. अन्य संदिग्धों की भूमिका भी सामने है। जांच में आया है कि ये मिलकर कंपनी में कार्यरत हिंदू लड़कियों को निशाना बना उन्हे कनवर्जन को उकसा रहे थे.
मुख्य आरोपी निदा खान फरार, पुलिस खोज भिवंडी में तलाश
अब तक इस मामले में कुल 9 केस दर्ज किए जा चुके हैं. जिन आरोपियों के नाम सामने आए हैं उनमें दानिश शेख, शफी शेख, तौसीफ अत्तर, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी, रजा रफीक मेमन, आसिफ अंसारी, अश्विनी चैनानी और निदा खान शामिल हैं. इनमें से अश्विनी चैनानी को 15 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है, जबकि निदा खान भागी हुई है.
13 अप्रैल को नासिक कोर्ट ने इस मामले के मुख्य संदिग्ध और कंपनी के AGM अश्विनी चैनानी की पुलिस कस्टडी बढ़ा दी. जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी के सर्वर से चैनानी को भेजे गए 78 ईमेल जांच के दायरे में हैं. इन ईमेल की जांच की जा रही है कि वे आधिकारिक थे या किसी साजिश का हिस्सा.
जांच में यह भी आया है कि चैनानी और मुख्य संदिग्ध तौसीफ अत्तर में दो वर्षों में 38 बार बातचीत हुई. वह दानिश शेख और रजा मेमन से भी लगातार संपर्क में थी. आरोप है कि जब एक पीड़िता ने छेड़छाड़ की शिकायत की तो चैनानी ने उसकी मदद करने के बजाय उसकी आवाज दबाने की कोशिश की और कहा कि तुमको क्या फेमस होना है.
जांच एजेंसी अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस पूरे मामले में विदेश से फंडिंग हो रही थी. इसको संदिग्धों के बैंक खातों की जांच हो रही है. साथ ही ईमेल, चैट, कॉल रिकॉर्ड और धमकियों की भी पड़ताल हो रही है.
ईमेल और कॉल रिकॉर्ड की गहन जांच जारी
कंपनी की आंतरिक जांच भी हो है ।सभी आरोपित जांच पूरी होने तक निलंबित है. यह भी जानकारी है कि पुलिस ने अभी तक नासिक प्लांट के प्रमुख और पुणे एचआर से पूछताछ नहीं की है.

