दिनेश,जोत सिंह समेत भाजपा के सात और नेताओं को दायित्व मिले
Uttarakhand CM Dhami Assigns Responsibilities to Several More Leader Former Minister Agarwal Major Role
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई और नेताओं को सौंपे दायित्व, पूर्व मंत्री अग्रवाल को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी
देहरादून 03 जून 2026। पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल को सेतु आयोग में सलाहकार बनाया गया है। देहरादून की रहने वालीं वरिष्ठ नेत्री ज्योति कोटिया को गोरखा कल्याण परिषद का अध्यक्ष बनाया गया।
धामी सरकार ने संगठन के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को सरकार में शामिल करते हुए नए दायित्वों की घोषणा की है।
बुधवार को मंत्रिपरिषद अनुभाग ने इस संबंध में अलग-अलग आधिकारिक आदेश जारी किए हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल को सेतु आयोग में सलाहकार बनाया गया है। देहरादून की रहने वालीं
वरिष्ठ नेत्री ज्योति कोटिया को गोरखा कल्याण परिषद का अध्यक्ष और देहरादून के ही
अभिषेक शाही को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
खटीमा, ऊधमसिंह नगर निवासी
कैप्टन गंभीर सिंह धामी को उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद में वरिष्ठ उपाध्यक्ष के महत्वपूर्ण पद पर नामित किया गया है। टिहरी गढ़वाल के धरवाल गांव (कंडीसौड़) निवासी
वरिष्ठ नेता जोत सिंह बिष्ट को ग्रामीण अभियंत्रण सेवा परिषद में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
देहरादून निवासी
शमशेर सिंह बिष्ट को उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद में उपाध्यक्ष पद पर जिम्मेदारी दी गई है। देहरादून की अनुराधा वालिया को माटी कला बोर्ड में उपाध्यक्ष बनाया गया है।

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धामी सरकार में इन नेताओं की हुई बल्ले बल्ले, कई पार्टी नेताओं को सौंपा दायित्व, पढ़ें पूरी खबर
उत्तराखंड में एक बार फिर धामी सरकार ने दायित्व का पिटारा खोला है. साथ ही कई लोगों को सरकार में एडजस्ट किया है.
Responsibility division in Dhami government
उत्तराखंड में दायित्व बंटवारा (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : June 4, 2026 at 8:01 AM IST
5 Min Read
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देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार ने कई कार्यकर्ताओं, पूर्व सैनिकों और वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपकर बड़ी सौगात दी है. मंत्रिपरिषद अनुभाग की ओर से जारी आदेशों के तहत विभिन्न परिषदों और आयोगों में छह व्यक्तियों को प्रमुख पदों पर नामित किया गया है. इन नियुक्तियों से जहां पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है, वहीं सरकार ने यह भी संदेश दिया है कि संगठन के प्रति निष्ठावान लोगों को उचित सम्मान और जिम्मेदारी दी जाएगी.
धामी सरकार ने बांटे दायित्व: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लागातार संगठन के कार्यकर्ताओं और निष्ठावान नेताओं को दायित्व देने की दिशा में काम कर रही है. इसी कड़ी में जो नियुक्तियां की गई हैं, वे ना केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी इनका गहरा संदेश है. खासतौर पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल को और जोत सिंह बिष्ट को दायित्व सौंपकर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि दल में आने वाले वरिष्ठ नेताओं को उचित महत्व और स्थान दिया जाएगा.
कांग्रेस से भाजपा में आए दिनेश अग्रवाल को बड़ी जिम्मेदारी: सबसे चर्चित नियुक्ति पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल की है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे दिनेश अग्रवाल ने काफी समय पूर्व में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी और लगातार उनके समर्थकों में इस बात कि जिज्ञासा थी की धामी सरकार उन्हें कहां एडजेस्ट करेगी. उनके भाजपा में आने को राज्य की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा गया था. अब धामी सरकार ने उन्हें सेतु आयोग में सलाहकार पद पर नामित कर उनके अनुभव और वरिष्ठता का सम्मान किया है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह नियुक्ति भाजपा में आने वाले नेताओं को एक सकारात्मक संदेश देती है और “सबका साथ, सबका विकास” की नीति को भी मजबूत करती है.
पूर्व सैनिक कल्याण परिषद में दो बड़ी नियुक्तियां: उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद में भी दो महत्वपूर्ण नियुक्तियां हुई हैं. देहरादून जनपद के शमेशर सिंह बिष्ट को परिषद में उपाध्यक्ष नामित किया गया है. कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के नजदीकी शमेशर सिंह बिष्ट लंबे समय से सैनिक कल्याण में सक्रिय रहे हैं और उनकी नियुक्ति से परिषद को एक अनुभवी और जमीनी व्यक्ति का मार्गदर्शन मिलेगा. वहीं उधम सिंह नगर जनपद के खटीमा निवासी कैप्टन गम्भीर सिंह धामी परिषद में वरिष्ठ उपाध्यक्ष के महत्वपूर्ण पद पर नामित हुए है. सेना में कैप्टन रहे गम्भीर सिंह धामी पूर्व सैनिकों के अधिकारों और कल्याण के लिए सदैव मुखर रहे हैं. उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदार सौंपी गई है. जो निश्चित रूप से परिषद के कार्यों को नई दिशा देगी.
गोरखा कल्याण परिषद में भी दो नियुक्तियां: गोरखा समाज के कल्याण और उत्थान के लिए काम करने वाली गोरखा कल्याण परिषद में भी दो प्रमुख नियुक्तियां की गई हैं. देहरादून के हाथीबड़कला निवासी ज्योति कोटिया को परिषद में अध्यक्ष पद पर नामित किया गया है. ज्योति कोटिया गोरखा समाज में एक जना-पहचाना चेहरा है. समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस नियुक्ति से गोरखा समाज में खासा उत्साह है. इसके अलावा देहरादून जनपद के ही अभिषेक शाही को गोरखा कल्याण परिषद में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदार दी गई है. रायपुर के अभिषेक शाही की पहचान युवा और ऊर्जावान कार्यकर्ता की हैं । गोरखा समाज में उनकी अच्छी पकड़ है. वें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पृष्ठभूमि से हैं। ज्योति कोटिया के नेतृत्व में अभिषेक शाही के साथ मिलकर परिषद को एक नई ऊर्जा और दिशा मिलने की उम्मीद है.
सभी नामितों को मिलेंगी सुविधाएं: मंत्रिपरिषद अनुभाग के आदेशों के अनुसार सभी नामित पदाधिकारियों को सुविधाएं मिलेंगी. इन सुविधाओं का व्यय भार संबंधित विभाग वहन करेगा. साथ ही इनके कर्तव्यों, दायित्वों, अधिकारों एवं सेवावधि के संबंध में संबंधित प्रशासकीय विभाग अलग से आदेश जारी करैगा. सभी आदेश संयुक्त सचिव आलोक कुमार सिंह के अनुमोदन तथा उप सचिव विवेक कुमार जैन के हस्ताक्षर से जारी हुए हैं. इन नियुक्तियों से धामी सरकार ने एक साथ कई संदेश दिए हैं. जहां एक ओर संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत किया गया है, वहीं दूसरी ओर दूसरे दल से आने वाले नेताओं को भी यह भरोसा दिलाया गया है कि भाजपा में उनके अनुभव और योग्यता का सम्मान होगा. कुल मिलाकर यह नियुक्तियां धामी सरकार के संगठन और जनता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता दर्शाती हैं.
नए दायित्व मिलने पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह है और उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया है।
दिनेश अग्रवाल और जोत सिंह बिष्ट
दिनेश अग्रवाल और जोत सिंह बिष्ट उत्तराखंड के प्रमुख राजनेता हैं, जिनका लंबा राजनीतिक इतिहास रहा है। दोनों नेता कभी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ स्तंभ हुआ करते थे, लेकिन वर्तमान में उनकी राजनीतिक दिशाएं अलग हैं:
राजनीतिक पृष्ठभूमि : वे उत्तराखंड के एक प्रमुख कांग्रेसी नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे हैं。
वर्तमान स्थिति: कई दशकों कांग्रेस में रहने के बाद, उन्होंने पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। तभी से सब में उत्सुकता थी कि भाजपा में उन्हे कैसे समायोजित किया जायेगा। वर्तमान में, उन्हें उत्तराखंड सरकार ने सेतु (राज्य योजना) आयोग का सलाहकार नियुक्त किया गया है。
क्षेत्र: वे देहरादून की धर्मपुर विधानसभा से विधायक रहे हैं। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी को हराकर भारी उलटफेर किया था।
जोत सिंह बिष्ट
जोत सिंह बिष्ट ग्रामीण अभियंत्रण सेवा परिषद में उपाध्यक्ष: टिहरी जिले की धनौल्टी विधानसभा क्षेत्र के जोत सिंह बिष्ट को भी सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. वे ग्रामीण अभियंत्रण सेवा परिषद में उपाध्यक्ष नामित हुए है. पहाड़ी क्षेत्र के विकास, ग्रामीण अवसंरचना और सड़क निर्माण जैसे विषयों पर उनकी गहरी समझ और कार्यकर्ताओं में सक्रिय भूमिका देखते हुए यह नियुक्ति बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. धनौल्टी विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में इस नियुक्ति पर खासा उत्साह दिख रहा है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि : वे उत्तराखंड में कांग्रेस के प्रमुख नेता और लंबे समय तक वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष रहे हैं。विधान सभा चुनाव भी लडे हुए हैं। प्रदेश में ब्लॉक प्रमुख संगठन के अध्यक्ष भी रहे हैं।
वर्तमान स्थिति: कांग्रेस में गुटबाजी और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से आहत होकर उन्होंने मई 2022 में कांग्रेस छोड़कर दी थी .इसके बाद वे आम आदमी पार्टी (AAP) से भी जुड़े, लेकिन बाद में अपने राजनीतिक सफर में आगे बढ़े और भाजपा में आ गये।

