24 देशों के लिए सुनामी की मानीटरिंग करता है INCOIS हैदराबाद
उत्तराखंड के 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल के हैदराबाद प्रेस टूर के पहले दिन पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्थान ‘Ocean Information Services’भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) हैदराबाद का भ्रमण कर समझा कि संस्थान सुनामी चेतावनी और समुद्री पूर्वानुमान सेवाएं कैसे देता है।

पत्रकारों को यहां डॉक्टर एन. श्रीनिवास राव तथा डॉक्टर अजय कुमार ने विस्तार से सलाइड, वीडियो और माॅडल्स से महासागर संबंधी सूचना सेवाओं के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं की जानकारी दी। इसमें महासागर की निगरानी, सुनामी पूर्व चेतावनी प्रणाली,पूर्वानुमान तथा चेतावनियों के प्रसार से संबंधित व्यवस्थाएं शामिल हैं। उन्होने बताया कि हैदराबाद से भारत 24 देशों के लिए सुनामी की निगरानी करता है। एक सवाल के जवाब में डॉक्टर राव ने बताया कि इन्कोइस हैदराबाद भूकंप के पांच मिनट बाद उसके केंद्र और शक्ति का पता कर लेता है लेकिन अभी तक विश्व में कहीं भी भूकंपीय भविष्यवाणी की क्षमता अर्जित नही की जा सकी है। एक दूसरे प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में हिमस्खलन की भविष्यवाणी के लिए बड़ी संख्या में डाप्लर रेडार स्थापित करने होंगें जो संभवत: अभी पर्याप्त संख्या में नही हैं।
भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) भ्रमण से पत्रकारों को समझने का अवसर मिला कि सामाजिक लाभ को परिचालनात्मक महासागर संबंधी सूचनाएं,पूर्व चेतावनी सेवाएं और वैज्ञानिक ज्ञान उपलब्ध कराने में INCOIS किस महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता है।

पत्रकार दल ने वरिष्ठ वैज्ञानिकों और अधिकारियों से संवाद कर जाना कि महासागर विज्ञान, प्रौद्योगिकी और वास्तविक समय में प्राप्त होने वाले समुद्री आंकड़ों को समुदायों, नीति-निर्माताओं और विभिन्न हितधारकों को उपयोगी एवं कार्रवाई योग्य सूचनायें किस प्रकार परिवर्तित की जाती हैं। पत्रकारों ने INCOIS की अत्याधुनिक सुविधायें भी देखी। इनमें SynOPS, ग्लाइडर प्रयोगशाला और HPC Tarang शामिल हैं। उन्हें महासागर अवलोकन, पूर्वानुमान, मॉडलिंग तथा उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग के क्षेत्र में भारत की क्षमतायें करीब से समझने का अवसर मिला।
वैज्ञानिकों ने बताया कि INCOIS विज्ञान और प्रौद्योगिकी को सामाजिक लाभ में बदल रहा है। इससे समुदायों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उनकी आपदा-रोधक क्षमता और लचीलापन भी मजबूत होता है।
श्री संजीव सुंद्रियाल,सहायक निदेशक, PIB देहरादून के नेतृत्व में उत्तराखंड का 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल 31 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक हैदराबाद प्रेस टूर पर है। इस दौरे का उद्देश्य पत्रकारों को तेलंगाना में केंद्र सरकार की प्रमुख विकास गतिविधियों एवं पहलों का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान कराने के साथ-साथ हैदराबाद की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहर से परिचित कराना है।
अगले दो दिन प्रतिनिधिमंडल भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) तथा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के एक ESIC अस्पताल जायेगा। इनसे पत्रकार पोषण अनुसंधान,सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी हस्तक्षेपों तथा कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI Scheme) में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लेंगें।
प्रतिनिधिमंडल सालार जंग संग्रहालय, चारमीनार और लाड बाजार भी जायेगा, जहां उसे हैदराबाद की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत समझने का अवसर मिलेगा।
आज प्रतिनिधिमंडल ने प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB),हैदराबाद में PIB हैदराबाद की अपर महानिदेशक (ADG) श्रीमती श्रुति पाटिल,संयुक्त निदेशक डॉक्टर मानस कृष्णकांत तथा अन्य अधिकारियों से संवाद किया।
संवाद में श्रीमती श्रुति पाटिल ने प्रतिनिधिमंडल को तेलंगाना के बदलते मीडिया परिदृश्य तथा प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) और केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC) ने सरकार की नीतियों,कार्यक्रमों और प्रमुख पहलों की जानकारी सामान्य जन तक पहुंचाने को किए जा रहे प्रचार,संचार एवं जनसंपर्क कार्यों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने विकासोन्मुखी पत्रकारिता को बढ़ावा देने में PIB के कार्यक्रमों और प्रेस टूर में पत्रकारों की भागीदारी के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने पत्रकारों को हैदराबाद प्रेस टूर के अपने अनुभव उत्तराखंड की जनता से साझा करने को प्रोत्साहित किया, ताकि तेलंगाना के बारे में लोग अधिक जागरूक हो सके।
इससे पहले प्रतिनिधिमंडल ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्थान ‘Ocean Information Services’भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) हैदराबाद स्थित भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences) का भ्रमण समझा कि संस्थान सुनामी चेतावनी और समुद्री पूर्वानुमान सेवाएं कैसे देता है।
पत्रकारों को महासागर संबंधी सूचना सेवाओं के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं की जानकारी दी गई। इसमें महासागर की निगरानी, सुनामी पूर्व चेतावनी प्रणाली,पूर्वानुमान तथा चेतावनियों के प्रसार से संबंधित व्यवस्थाएं शामिल हैं।
भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) के भ्रमण से पत्रकारों को समझने का अवसर मिला कि समाज के लाभ को परिचालनात्मक महासागर संबंधी सूचनाएं, पूर्व चेतावनी सेवाएं और वैज्ञानिक ज्ञान उपलब्ध कराने में INCOIS किस महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता है।
पत्रकारों के दल ने वरिष्ठ वैज्ञानिकों और अधिकारियों से संवाद किया तथा यह जाना कि महासागर विज्ञान,प्रौद्योगिकी और वास्तविक समय में प्राप्त होने वाले समुद्री आंकड़ों को समुदायों, नीति-निर्माताओं और विभिन्न हितधारकों के लिए उपयोगी एवं कार्रवाई योग्य सूचनाओं में किस प्रकार परिवर्तित किया जाता है।
पत्रकारों ने INCOIS की अत्याधुनिक सुविधाओं का भी अवलोकन किया। इनमें SynOPS, ग्लाइडर प्रयोगशाला और HPC Tarang शामिल हैं। इस दौरान उन्हें महासागर अवलोकन, पूर्वानुमान, मॉडलिंग तथा उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को करीब से समझने का अवसर मिला।
🌐 इस प्रकार की जनसंपर्क एवं जागरूकता पहलों से INCOIS लगातार यह प्रदर्शित कर रहा है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी को किस प्रकार सामाजिक लाभ में परिवर्तित किया जा सकता है। इससे समुदायों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उनकी आपदा-रोधक क्षमता और लचीलापन भी मजबूत होता है।
दौरे के आगामी दिनों में प्रतिनिधिमंडल भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अधीन राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) तथा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन एक ESIC अस्पताल का दौरा करेगा। इन यात्राओं के माध्यम से पत्रकारों को पोषण अनुसंधान, सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी हस्तक्षेपों तथा कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI Scheme) के तहत उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त होगी।
प्रतिनिधिमंडल वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत तेलंगाना के हथकरघा एवं हस्तशिल्प पर आधारित एक प्रदर्शनी का भी दौरा करेगा। इस दौरान राज्य की पारंपरिक शिल्पकलाओं तथा कारीगरों के सहयोग में इस क्षेत्र की भूमिका को समझने का अवसर मिलेगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिनिधिमंडल सालार जंग संग्रहालय, चारमीनार और लाड बाजार का भी दौरा करेगा, जहां उसे हैदराबाद की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को समझने का अवसर मिलेगा।
पत्रकार प्रतिनिधिमंडल में सर्वश्री रवीन्द्र नाथ कौशिक,अनिल बहुगुणा (पौडी),मोहम्मद सलीम सैफ़ी,भागीरथ शर्मा,अजय रावत अजेय(पौडी), योगेश सेमवाल,ललित उनियाल,राजेश कुमार पांडेय,मौहम्मद फहीम तन्हा,सुकांत ममगाईं ,आफताब अजमत,गिरीश जोशी (हल्द्वानी) तथा संतोष कुमार थपलियाल हैं।


