मंत्री पति गिरधारी लाल साहू धरा गया झांसी से

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य का पति गिरफ्तार, एसआईटी ने गिरधारी लाल पकड़ा झांसी से

पुलिस के अनुसार गिरधारी लाल साहू उत्तर प्रदेश से नेपाल भागने की ताक में था, उससे पहले ही धर  लिया गया
GIRDHARI LAL SAHU ARRESTED
धरा गया गिरधारी लाल
देहरादून 06 नवंबर 2026 : उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य का पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू पकड़ा गया  हैं. गिरधारी लाल रेखा आर्य पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए कर भागा हुआ था. पहले पुलिस और फिर एसआईटी उसे हर जगह ढूंढ रही थी. गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गैर जमानती वारंट  था.

खेल मंत्री रेखा आर्य का पति गिरधारी लाल गिरफ्तार: लंबे समय से भागे हुऐ  गिरधारी लाल साहू को पुलिस ने पकड़ लिया है. उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य की शिकायत पर देहरादून की कैंट कोतवाली में उनके पति गिरधारी लाल साहू पर मुकदमा हुआ था. गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एसआईटी ने गैर जमानती वारंट लिया था. तभी लग गया था कि अब गिरधारीलाल साहू की पुलिस के साथ आंख मिचौली ज्यादा दिन नहीं चलेगी.

एसआईटी ने गिरधारी लाल को झांसी से पकड़ा: गिरधारी लाल साहू की पकड़ को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में पुलिस की टीमें छापे मार रही थीं. पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरधारी लाल साहू को उत्तर प्रदेश के झांसी से पकड़ा  गया है. बताते हैं कि वो यहां से गोरखपुर होते हुए नेपाल भागने की ताक में था.  जया बलूनी एसआईटी टीम  लीड कर रही हैं.

रेखा आर्य ने गिरधारी लाल साहू पर मुकदमा कराया है: उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ शिकायत में मारपीट, उत्पीड़न, धोखाधड़ी, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, जान से मारने की धमकी और हत्या के षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि पति गिरधारी लाल साहू ने पहली शादी की जानकारी छिपाकर उनसे विवाह किया. कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षरों से उन्हें कंपनियों के निदेशक पद से हटाया. इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है.

गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गैर जमानती वारंट था: मामले की जांच को विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित  था. पुलिस के अनुसार, पूछताछ को तीन नोटिस भेजे जाने के बाद भी गिरधारी लाल जांच में शामिल नहीं हुआ था. इसके बाद न्यायालय से गैर जमानती वारंट लिया गया. उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी निरस्त हो चुकी थी. इसके साथ ही हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ मुकदमा निरस्त करने से भी ना किया था.

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