झारखंड छात्र धरने में नेहा बोरा का मुंह काला,एक पुलिस अभिरक्षा में
रांची में छात्रों के मार्च के दौरान हंगामा, AISA चीफ नेहा पर फेंकी गई स्याही
झारखंड सरकार ने छात्र प्रदर्शनकारियों से कहा है कि सरकार सिर्फ छात्रों और उनके नेताओं से ही बात करेगी.सरकार ने छात्र प्रतिनिधिमंडल में शामिल पत्रकार, वकील और विशेषज्ञ के नामों पर आपत्ति जताई है.
रांची में AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर किसी अज्ञात ने स्याही फेंक
रायपुर 06 अगस्त 2036। झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं. छात्रों के समर्थन में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी शुक्रवार को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंची थीं. इस दौरान उन पर स्याही फेंकी गई. AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर किसी अज्ञात ने स्याही फेंक दी. जिसकी वजह से हंगामे की स्थिति पैदा हो गई. इस दौरान वहां जय श्री राम के नारे भी लगाए गए. इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. नेहा बोरा ने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली छात्र प्रोटेस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि हम पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया. जब हम तब नहीं डरे, तो यह मामूली स्याही हमारा क्या बिगाड़ लेगी.
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर फेंकी स्याही
बता दें कि AISA अध्यक्ष नेहा बोरा छात्रों के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंची थीं. उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से मुलाकात की.इसी दौरान उन पर किसी ने स्याही फेंक दी. वहां पर हालात बिगड़ गए लेकिन नेहा नहीं रुकीं. उन्होंने कहा कि जब भी कोई पेपर लीक होता है, तो उसकी जिम्मेदारी सिर्फ प्राइवेट एजेंसियों पर नहीं डाली जा सकती. संबंधित सरकारी अधिकारियों को जेम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.
हालांकि रांची पुलिस ने कानून व्यवस्था को संभालते हुए स्याही फेंकने वाले शख्स को कस्टडी में ले लिया. उसने ऐसा क्यों किया इस बात की जांच की जाएगी।
स्टूडेंट्स के भविष्य को खड़े रहेंगे
नेहा ने मांग करते हुए कहा कि सिस्टम में शामिल और जिन पर गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उन सभी प्राइवेट एजेंसियों को हटाया जाना चाहिए. हम 10 तारीख को स्टूडेंट्स की अपील का सपोर्ट करेंगे और स्टूडेंट्स के भविष्य के लिए खड़े रहेंगे.
झारखंड सरकार छात्रों से बातचीत को तैयार
बता दें कि भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की कई मांगें हैं. इस बीच झारखंड सरकार ने छात्र प्रदर्शनकारियों से कहा है कि सरकार सिर्फ छात्रों और उनके नेताओं से ही बात करेगी.सरकार ने छात्र प्रतिनिधिमंडल में शामिल पत्रकार, वकील और विशेषज्ञ के नामों पर आपत्ति जताई थी।


