तमन्ना मलिक को बुर्के में कांवड़ लाने पर SDM कोर्ट से नोटिस, भरे 20-20 हज़ार के बंधपत्र
‘प्रशासन से अनुमति, बुर्के में कांवड़ लाने पर घिरी तमन्ना मलिक का बड़ा दावा, धमकी के बाद पति ने मांगी सुरक्षा
सुनील सिंह
संभल 5 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है. असमोली थाना क्षेत्र के वदनपुर वसई गांव की तमन्ना मलिक “तुलसी” हरिद्वार से कांवड़ लाने रवाना हो गई हैं. तमन्ना मलिक के इस फैसले और विशेष रूप से बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा निकालने की घोषणा के बाद से ही क्षेत्र में घमासान मचा है. जहां एक तरफ मुस्लिम समुदाय ने उनके बुर्के में कांवड़ लाने पर कड़ा एतराज जताया है, वहीं दूसरी तरफ कानून-व्यवस्था बनाए रखने को स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है.
प्रशासनिक नोटिस और बंधपत्र
तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी की इस घोषणा से इलाके में शांति भंग होने की आशंका जताई जा रही थी. मामले की संवेदनशीलता देख एसडीएम कोर्ट ने संज्ञान ले तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को नोटिस जारी किया था. लेकिन पति अमन त्यागी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन के नोटिस के बाद भी तमन्ना हरिद्वार जाकर कांवड़ जरूर लाएंगी. इसी को अमन त्यागी ने एसडीएम कोर्ट पहुंचकर बंधपत्र भरा और कानूनी प्रक्रिया पूरी की. उसने प्रशासन को बताया है कि 10 फरवरी को वह हरिद्वार पहुंचीं और हर की पैड़ी से पवित्र गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकल पड़ीं थीं. पांच दिन की पैदल यात्रा पूरी कर महाशिवरात्रि पर, उन्होंने संभल के नैमिषारण्य प्राचीन क्षेमनाथ तीर्थ मंदिर के शिवलिंग पर जल अर्पित किया. तमन्ना का कहना है कि हिंदू मान्यता के अनुसार, कांवड़ का जोड़ा पूरा करना होता है, इसलिए इस बार भी वह 184 किलोमीटर पैदल चल फरवरी की प्रक्रिया दोहरायेगी।
एसिड अटैक की धमकी और सुरक्षा की गुहार
विवाद बढ़ने के साथ ही तमन्ना मलिक को सोशल मीडिया और फोन से धमकियां मिलने लगी हैं. उनके पति अमन त्यागी के अनुसार, तमन्ना को महाराष्ट्र से किसी अज्ञात व्यक्ति ने एसिड अटैक की धमकी दी है. इसके बाद परिवार में भय है. सुरक्षा को गंभीर खतरा देख अमन त्यागी ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन से अपनी पत्नी और परिवार को तत्काल सुरक्षा देने की गुहार लगाई है।
प्रशासन का जताया आभार
तमाम विवादों और धमकियों के बीच तमन्ना मलिक का दावा है कि प्रशासन ने उन्हें अपनी इच्छानुसार पहनावे में कांवड़ लाने की परमिशन दे दी है. अनुमति मिलने पर तमन्ना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने स्थानीय प्रशासन का जमकर सराहना की और आभार व्यक्त किया. उन्होंने इस वीडियो में पुलिस प्रणाली की खूब तारीफ की. फिलहाल तमन्ना हरिद्वार के लिए रवाना हो चुकी हैं और पुलिस पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है.
कौन हैं तमन्ना मलिक, बुर्का पहनकर कांवड़ लाने पर कोर्ट ने थमाया नोटिस, जारी हो सकता है वारंट
एसडीएम कोर्ट ने तमन्ना मलिक और उनके पति को एसडीएम कोर्ट में पेश होकर बुर्का पहनकर कांवड़ लाने का कारण बताने का आदेश दिया.
संभल की एसडीएम कोर्ट ने मुस्लिम महिला तमन्ना मलिक के बुर्का पहनकर कांवड़ लाने पर प्रतिबंध लगाते हुए तमन्ना और उनके पति अमन त्यागी को नोटिस भेजा है. नोटिस में तमन्ना मलिक के बुर्का पहनकर कांवड़ लाने पर शांति भंग होने की आशंका जताई गई. एसडीएम कोर्ट ने तमन्ना मलिक और उनके पति को एसडीएम कोर्ट में बुर्का पहनकर कांवड़ लाने का कारण बताने का आदेश जारी किया. छह महीने को तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को 20-20 हजार रुपये के मुचलके से पाबंद किया गया. तमन्ना मलिक गुरुवार को हरिद्वार से कांवड़ लेने जाएंगी.
पूरा मामला उत्तर प्रदेश के जनपद संभल के असमोली थाना क्षेत्र के बदनपुर बसई गांव का है. यहां की तीन वर्ष पहले प्रेम विवाह करने वाले तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 135 में नोटिस जारी कर 20-20 हजार रुपये के मुचलके से पाबंद किया है. दोनों के न्यायालय में उपस्थित न होने पर अब दोबारा नोटिस जारी किया गया है. प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि अगली बार भी पेश नहीं होने पर वारंट जारी किया जाएगा. शादी के बाद अमन की दादी ने तमन्ना को तुलसी नाम दे रखा है। दोनों की दो संतानें हैं।
शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
यह कार्रवाई शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है. प्रशासन के अनुसार, थाना असमोली से पिछले वर्ष की एक चालानी रिपोर्ट प्राप्त हुई थी. रिपोर्ट में उल्लेख था कि अमन त्यागी और तमन्ना मलिक, जो अलग-अलग समुदाय से हैं, पिछले साल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए थे. इससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हुई थी.
कोर्ट में नहीं हुए पेश
एसडीएम के अनुसार दोनों को पहले 31 जुलाई 2026 को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया था, लेकिन वे आये नहीं . इसी कारण उन्हें पुनः नोटिस जारी किया गया है. तमन्ना मलिक के पति अमन त्यागी ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए है. उन्होंने कहा कि पहले भी हमें एसडीएम की ओर से नोटिस मिला है. उन्होंने आपत्ति जताई कि हरिद्वार जाकर कांवड़ लाने में प्रशासन को क्या समस्या है, जबकि उन्हें सुरक्षा और सहयोग मिलना चाहिए. उन्होंने बताया कि तमन्ना मलिक को महाराष्ट्र से एक महिला ने फोन पर एसिड अटैक की धमकी दी थी.
उन्होंने सरकार से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि वे हरिद्वार जाएंगे और गाजियाबाद की मुस्लिम महिला अनीशा बानो का समर्थन करेंगें. उन्होंने कहा कि संभल एसडीएम की तरफ से महाशिवरात्रि पर तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी पर बुर्के में कांवड़ लाने की पाबंदी लगाई गई है.
अमन त्यागी ने बताया कि पहले हमें प्रशासन की तरफ से भी नोटिस दिया गया था. हमें जिला मजिस्ट्रेट की तरफ से नोटिस मिला. हमें यह समझ में नहीं आ रहा कि यह नोटिस क्यों दिया जा रहा है, क्योंकि हम हरिद्वार जाना चाहते हैं? मैं और मेरी वाइफ तमन्ना मलिक, दोनों ही पिछली बार भी कांवड़ लेकर आए थे. इस नोटिस के बाद जमानत कराने हम एसडीएम साहब के पास आए हैं. हमें इस बात से परेशानी हुई है कि कांवड़ लाने को भी जमानत करानी पड़ रही है. प्रशासन को जहां हमारी मदद करनी चाहिए थी, हमें सुरक्षा देनी चाहिए थी, क्योंकि हमें लोगों से धमकियां भी मिल रही हैं. महाराष्ट्र से एक महिला ने हमारे पास कॉल करके धमकी दी थी कि अगर आपने ऐसा किया तो तुम्हारे ऊपर एसिड फेंका जाएगा.
धमकी देने वालों पर कार्रवाई करने की जगह हमें ही उल्टा जमानत करानी पड़ रही है. प्रशासन से हमारा कहना है कि हमारे बच्चे छोटे-छोटे हैं, इसलिए हमें सुरक्षा देनी चाहिए. उल्टा हमें हरिद्वार धाम जाने और अपने महादेव की नगरी तथा अपने तीर्थ स्थान पर जाने के लिए जमानत करानी पड़ रही है.
अमन त्यागी ने सरकार से पूछे सवाल
हम सरकार से भी सवाल पूछना चाहते हैं कि पिछली बार कांवड़ लाने पर हमें सम्मान मिला. लोगों ने हमारी सराहना की और सनातनियों तथा हिंदुओं ने पूरा सम्मान दिया, लेकिन इस बार ऐसा हो रहा है कि प्रशासन पहले से ही रोकने की कोशिश कर रहा है. हमें हरिद्वार जाने नहीं दिया जा रहा है. पता नहीं क्यों उनका कहना है कि लोगों की भावनाएं आहत होती हैं, लेकिन हम यह पूछना चाहते हैं कि हमने किसी को क्या गलत बोला है? हमने अपने मुंह से ऐसा कोई शब्द नहीं निकाला, जिससे किसी की भावना आहत हो. अगर किसी के पहनने और ओढ़ने से किसी की भावना आहत होती है, तो यह सोचना गलत है. अगर इस प्रकार देखा जाए तो 100 करोड़ हिंदुओं की भावनाएं भी आहत होती हैं. प्रशासन को यह भी सोचना चाहिए कि 100 करोड़ हिंदुओं को रोज दुख पहुंचाया जाता है.
अमन ने कहा कि तमन्ना मलिक का जो कपड़े और वस्त्र पहनने का मन होगा, वही पहनकर जाएंगी, क्योंकि आप किसी के अधिकारों का हनन नहीं कर सकते. जिसे जो पहनना है, वह वही वस्त्र पहन सकता है. संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि ऐसा नहीं किया जा सकता. अगर संविधान में कोई ऐसी धारा है, जो इस पर रोक लगाती है, तो बता दीजिए. अमन ने कहा कि हमें नोटिस मिला है और हम अपनी जमानत कराने आए हैं. तमन्ना जो वस्त्र पहनकर जाना चाहती हैं, पहन सकती हैं. उन पर कोई पाबंदी नहीं है.


