रांची: 12 परिजन सरकारी नौकर! साला,भाभी और भतीजा सब BSO… अभय तिवारी चमत्कार?
पूरे परिवार की सरकारी नौकरी! साला, भाभी और भतीजा सब BSO… JPSC आरोपी अभय तिवारी का फैमिली नेटवर्क
JSSC में अभय तिवारी के पूरे परिवार को मिली सरकारी नौकरी?
रांची13 अगस्त 2026। झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षा गड़बड़ी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, अभय तिवारी नाम पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में सामने आ रहा है. छात्र आंदोलन में लगाए गए एक पोस्टर में अभय तिवारी को केंद्र में रखकर उसके परिवार और रिश्तेदारों का पूरा नेटवर्क दिखाया गया है. दावा है कि उसके परिवार और रिश्तेदारी से जुड़े कई लोगों ने JSSC CGL की परीक्षा में BSO यानी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी पद पाया. यही बात अब इस मामले को और गंभीर बना रही है.
यहां सबसे जरूरी बात ये है कि किसी व्यक्ति का किसी परीक्षा में सफल होना या किसी आरोपित से रिश्तेदारी होना अपने आप में अपराध नहीं है. इसलिए पोस्टर में जिन लोगों के नाम हैं, उनकी भूमिका को लेकर अंतिम फैसला जांच और अदालत के आधार पर ही हो सकता है. लेकिन एक ही परीक्षा में एक ही पद को इतने करीबी और दूर के रिश्तेदारों के चयन का दावा निश्चित तौर पर जांच का विषय बनता है.
अभ्यर्थी पोस्टर दिखाकर लगा रहे आरोप
छात्रों के पोस्टर के मुताबिक अभय तिवारी खुद JSSC CGL में BSO के पद पर चयनित हुआ. उसके साथ उसके साले, भाई, भाभी और साली के भी इसी परीक्षा में BSO के पद पर चयन का दावा किया गया है. पोस्टर में इसके अलावा कई दूसरे रिश्तेदारों के नाम और उनकी रैंक भी दी गई है. इस सूची में रिश्तों की कड़ी काफी लंबी है.
तमाम रिश्तेदारों की सरकारी नौकरी
पोस्टर के अनुसार अभय तिवारी के ममेरे भाई उपेंद्र मिश्रा की BSO में 51वीं रैंक है. तेजनारायण पंडित की 68वीं रैंक बताई गई है और उन्हें अभय के चाचा के साढ़ू का बेटा बताया गया है. बापी कुमार मिश्रा की 124वीं रैंक बताई गई है, जिन्हें अभय के मौसा के भाई का बेटा बताया गया है. इसी तरह बिक्रम पांडे की 127वीं रैंक बताई गई है और उन्हें अभय के साले का मौसेरा भाई बताया गया है. सूची में सुमित कुमार तिवारी का नाम भी है, जिनकी BSO में 143वीं रैंक बताई गई है और उन्हें अभय के बहनोई का भांजा बताया गया है.
इस तरह छात्रों के पोस्टर में अभय तिवारी के आसपास रिश्तों की एक पूरी सीरीज दिखाई गई है. साला, भाई, भाभी, साली, ममेरा भाई, चाचा के साढ़ू का बेटा, मौसा के परिवार का सदस्य, साले का मौसेरा भाई और बहनोई का भांजा… इतने सारे रिश्तों का एक ही भर्ती में सामने आना छात्रों के संदेह का सबसे बड़ा आधार है.
ऐसे पकड़ा गया अभय तिवारी
अभय तिवारी का मामला केवल JSSC CGL के चयन तक सीमित नहीं है. वह गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के रूप में पदस्थ था. इससे पहले वह TDPL नाम की परीक्षा कराने वाली कंपनी से जुड़ा था और वहां मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर काम कर चुका था. यही कंपनी 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा के आयोजन से जुड़ी थी. इसी कड़ी ने अभय तिवारी की भूमिका को जांच के केंद्र में ला दिया. CID ने जुलाई 2026 में उसे गिरफ्तार किया था.
जांच में अभय की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता भी सामने आई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उसने पिछले करीब 13 साल में लगभग 12 अलग-अलग सरकारी नौकरी की परीक्षाएं पास की थीं. इनमें JSSC CGL के अलावा JPSC की कई परीक्षाएं, दारोगा, नेवी, BARC और शिक्षक जैसी नौकरियों से जुड़ी परीक्षाएं शामिल हैं. इतनी बड़ी संख्या में परीक्षाओं में सफलता अपने आप में असामान्य नहीं है, लेकिन जब उसी व्यक्ति का संबंध परीक्षा कराने वाली एजेंसी से सामने आता है और बाद में उस पर परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगते हैं, तो उसकी पूरी परीक्षा यात्रा जांच का हिस्सा बन जाती है.
अभय तिवारी की भूमिका को लेकर जांच
CID अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया में अभय की वास्तविक भूमिका क्या थी. क्या उसे परीक्षा की अंदरूनी जानकारी तक पहुंच थी? क्या उसने अपने संपर्कों का इस्तेमाल किया? क्या किसी अभ्यर्थी से पैसे का लेन-देन हुआ? और सबसे जरूरी, क्या उसके परिवार या परिचितों के चयन में किसी तरह की मदद की गई? इन सवालों के जवाब जांच एजेंसी के आरोपों अभय तिवारी एक ऐसे संगठित नेटवर्क से जुड़ा था, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित तौर पर पेपर लीक, उत्तर में हेरफेर और पैसे लेकर अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने का काम करता था.
जांच परिधि में परिवार के ये लोग
1-भाई अक्षय तिवारी
जांच में अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी का नाम सामने आया है. अक्षय का चयन JSSC-CGL के जरिए हुआ था और वह झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत हैं. अक्षय ने 14वीं JPSC PT भी पास की है.
2-भाई की पत्नी सुषमा कुमारी
अभय तिवारी के परिवार में दूसरा प्रमुख नाम उसकी भाभी सुषमा कुमारी का है. सुषमा का चयन भी JSSC-CGL के जरिए हुआ और वह विजिलेंस विभाग में कार्यरत हैं.
3-अभय तिवारी – BSO में रैंक-1
4-अभय तिवारी का साला – JSSC CGL BSO में चयन
5-अभय तिवारी के भाई – BSO में चयन
6-अभय तिवारी की भाभी – BSO में चयन
7-अभय तिवारी की साली – BSO में चयन
8-अभय तिवारी का ममेरा भाई – उपेन्द्र मिश्रा BSO, रैंक-51
9-चाचा के साढ़ू का बेटा – तेजनारायण पंडित BSO, रैंक-68
10-अभय तिवारी के मौसा के भाई का बेटा – बापी कुमार मिश्रा BSO, रैंक-124
11-अभय तिवारी का साला का मौसेरा भाई – विक्रम पांडेय BSO, रैंक-127
12-अभय तिवारी के बहनोई का भतीजा – सुमित कुमार तिवारी BSO, रैंक-143
जांच में अभय तिवारी से जुड़े कई और आरोप भी सामने आए हैं. रिपोर्टों के अनुसार उसने नौकरी में कथित सेटिंग को एक होटल लीज पर लिया था. CID की कार्रवाई में उसके ठिकानों से कुछ दस्तावेज और अन्य सामग्री भी मिलने की बात सामने आई है. इन सभी चीजों को जांच एजेंसी संभावित नेटवर्क के तौर पर देख रही है.
परीक्षा करवाने वाली कंपनी भी रडार पर
सवाल केवल अभय तिवारी पर नहीं हैं. JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर आयोग और परीक्षा कराने वाली कंपनी TDPL की भूमिका भी जांच परिधि में है. CID ने JPSC कार्यालय और TDPL से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की. मामले में JPSC और परीक्षा एजेंसी से जुड़े कई लोगों से पूछताछ और गिरफ्तारियां हुई हैं. पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी ने भी मामला और गंभीर बनाया है. उन पर TDPL को परीक्षा का काम देने की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी के आरोपों की जांच हो रही है.


