शुद्धिकरण में राहुल पर SC-ST में मुकदमा,दिल्ली में कांग्रेस का मनुस्मृति दहन
शुद्धिकरण मामले में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज, दलित के अपमान का लगा आरोप
देहरादून/हल्द्वानी/नई दिल्ली 30 अगस्त 2026। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद के बाद राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है. हल्द्वानी कोतवाली में दर्ज FIR में राहुल गांधी पर SC/ST एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं लगाई गई हैं. FIR अमित कुमार नामक व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज हुई है, जो खुद को अनुसूचित जाति (वाल्मीकि) समुदाय का सदस्य और श्रीराम सेना से जुड़ा बताता है.
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए सफाई और धार्मिक अनुष्ठान को जातिगत रंग देते हुए उसे ‘छुआछूत’ से जोड़ा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की.
शिकायतकर्ता का कहना है कि इस बयान के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से ‘दलित विरोधी’, ‘जातिवादी’ और ‘छुआछूत करने वाला’ बताकर अपमानित किया गया.
राहुल गांधी ने उठाया था सवाल
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में हल्द्वानी की घटना को उठाते हुए कहा था कि ‘शुद्धिकरण’ छुआछूत का दूसरा नाम है और इस मामले में FIR दर्ज होनी चाहिए. इसके बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा और आरएसएस को लगातार घेरा. प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की थी.
अब इस पूरे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है. कांग्रेस जहां शुद्धिकरण को दलितों के अपमान से जोड़ रही है, वहीं शिकायतकर्ता और भाजपा पक्ष इसे धार्मिक आस्था और स्थल की सफाई से जुड़ा मामला बता रहे हैं. FIR दर्ज होने के बाद इस बहुचर्चित विवाद की जांच शुरू हो गई है.

RSS मुख्यालय के बाहर युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, मनुस्मृति की प्रतियां जलाने पर अध्यक्ष उदय भानु को पुलिस ने किया डिटेन
मनुस्मृति की प्रतियां जलाने पर अध्यक्ष उदय भानु चिब को पुलिस ने किया डिटेन
नई दिल्ली:भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने रविवार को झंडेवालान स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय के बाहर मनुस्मृति की प्रतियां जलाकर भाजपा और आरएसएस के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने”मनुस्मृति नहीं, संविधान चाहिए”के नारे लगाते हुए संघ से इस मानसिकता के लिए देश से माफी मांगने की मांग की.
वहीं, प्रदर्शन के चलते इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. कांग्रेस युवा कार्यकर्ताओं ने जैसे ही प्रतीकात्मक रूप से मनुस्मृति की प्रतियों को आग के हवाले किया. दिल्ली पुलिस ने युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को डिटेन कर पहाड़गंज थाने ले गई.
प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा की मूल विचारधारा मनुस्मृति से प्रेरित है, जो पूरी तरह से दलित विरोधी और समाज को बांटने वाली है. चिब ने कहा, “आज देश में दो विचारधाराओं की सीधी लड़ाई चल रही है, एक तरफ बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का संविधान है, तो दूसरी तरफ भाजपा-आरएसएस की मनुस्मृति वाली सोच है.”
मल्लिकार्जुन खरगे के मंच के ‘शुद्धीकरण’ पर फूटा गुस्सा
बता दें कि विवाद की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई हालिया घटना पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद मंच का तथाकथित ‘हवन और शुद्धीकरण’ करना बेहद शर्मनाक है. यह कृत्य सिर्फ एक वरिष्ठ राजनेता का अपमान नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों दलितों, पिछड़ों और हमारे संविधान की आत्मा पर सीधा प्रहार है. इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.”
चिब ने आगे कहा, “इस जातिवादी मानसिकता के खिलाफ हम लड़ते रहेंगे क्योंकि ये देश संविधान के हिसाब से चलेगा, न कि मनुस्मृति के हिसाब से.”
बता दें कि प्रदर्शन में उदय भानु चिब ने हाथ में संविधान की कॉपी के साथ संघ मुख्यालय के बाहर मनुस्मृति जला कर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरि कृष्णा, समेत अन्य युवा कांग्रेस के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे.


