TCS कार्पोरेट जिहाद:CDR में था भेद,केस होते ही निदा खान ने किए संदिग्ध फोन

Nashik TCS Case Nida Khan CDR Report: नासिक TCS धर्मांतरण केस में आरोपी निदा खान की CDR रिपोर्ट से खुले बड़े भेद . FIR के बाद मुंब्रा-नासिक में किए कई संदिग्ध कॉल्स, जांच तेज.

नासिक TCS मामला: CDR से खुलासा, निदा खान के संदिग्ध कॉल्स
नासिक 01 मई 2026। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े चर्चित कनवर्जन मामले में पुलिस जांच में महत्वपूर्ण बातें पता चली हैं. संदिग्ध आरोपित निदा खान की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) रिपोर्ट में आया है कि मुकदमे के कुछ घंटों में उसने कई जगह फोन कॉल किए . इन कॉल्स से जांच एजेंसियों का संदेह गहरा गया है. पुलिस अब इन संपर्कों से पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश में है.  निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. सुनवाई 2 मई को होगी.

मुकदमा होते ही किए कई फोन कॉल
पुलिस के अनुसार, CDR रिपोर्ट में आया है कि एफआईआर के तुरंत बाद निदा खान ने मुंब्रा, नासिक और भिवंडी के नंबरों पर संपर्क साधा. ये कॉल्स किस लिये हुए थे, इसे लेकर पुलिस गहन जांच कर रही है. आशंका  है कि इन कॉल्स से प्रमाण छिपाने या सहयोगियों को सतर्क करने की कोशिश हुई हो सकती है.

सीसीटीवी और डिजिटल सबूत खंगाल रही पुलिस
जांच टीम संदिग्ध ठिकानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. साथ ही कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल सबूत जुटाए जा रहे हैं, ताकि आरोपितों की गतिविधियों की पूरी टाइमलाइन तैयार की जा सके.

SIT जांच में सामने आए गंभीर आरोप
एसआईटी जांच में आरोप है कि निदा खान पीड़िता को अपने घर ले जाकर उसे जबरन नमाज पढ़ना, हिजाब और बुर्का पहनना सिखाती थी. पुलिस का कहना है कि आरोपित ‘मालेगांव पार्टी’ से पीड़िता का नाम बदलवाने की योजना बना रहे थे. इसी कड़ी में पुलिस को अभी कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब ढूंढने हैं.

मोबाइल जांच को बताया महत्वपूर्ण 
पुलिस ने बताया कि निदा खान ने पीड़िता को कनवर्जन के उद्देश्य से बुर्का और इस्लाम से जुड़ी पुस्तक दी थी, जो अब पुलिस के अधिकार में है. आरोप है कि उसने पीड़िता के मोबाइल में इस्लामिक ऐप्स डाल यूट्यूब, इंस्टाग्राम व रील्स के लिंक भेजे. इसी से आरोपित का मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच जरूरी बतायी गयी है.

बेल याचिका पर फैसला सुरक्षित
निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई में पुलिस ने कई आपत्तियां की. इन्हीं से कोर्ट ने फिलहाल निर्णय सुरक्षित रखा है.  सुनवाई 2 मई को होगी.

दानिश शेख के मोबाइल से खुले कई रहस्य,कन्वर्जन बाद लड़कियां विदेश में बेचने का था षडयंत्र

नासिक के TCS से जुड़े अत्याचार मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों के अनुसार, दानिश शेख के मोबाइल से युवतियों की कथित अंतरराष्ट्रीय तस्करी, कैटलॉगिंग और कोड नंबरों से जुड़े सबूत मिले हैं. जांच एजेंसियां इसे संगठित ह्यूमन ट्रैफिकिंग नेटवर्क के रूप में खंगाल रही हैं.

नासिक में TCS से जुड़े अत्याचार मामले में जांच के दौरान बड़ा और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है. सूत्रों के अनुसार यह मामला अब केवल व्यक्तिगत अपराध तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय ह्यूमन ट्रैफिकिंग नेटवर्क और कथित ‘लव जिहाद’ जैसे संगठित तरीके से जुड़े होने की जांच की जा रही है.

लड़कियां विदेश में बेचने का था षडयंत्र 
जांच एजेंसियों को संदेह है कि आरोपितों का तरीका बेहद व्यवस्थित था. पहले युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर उनका विश्वास जीता जाता था, फिर उनका कनवर्जन होता था. कनवर्जन बाद उन्हें विदेश में ऊंचे वेतन वाली नौकरी से ललचा देश से बाहर भेजने की बात सामने आई है. सूत्रों का दावा है कि इस बहाने युवतियों को अंतरराष्ट्रीय गिरोहों से विदेशों में बेचने का संदेह है.

इस पूरे नेटवर्क में दानिश शेख महत्वपूर्ण कड़ी है. जांच में दानिश शेख के मोबाइल फोन से कई अंतरराष्ट्रीय ग्रुप्स से जुड़े चैट, बड़ी संख्या में युवतियों की तस्वीरें और अन्य संदिग्ध डिजिटल सामग्री मिलने की जानकारी मिली है.

हर लड़की को अलग कोड नंबर
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि युवतियों की तस्करी को ‘कैटलॉगिंग’ होती थी.  हर युवती को एक अलग कोड नंबर दिया गया था, जिससे इस नेटवर्क की गहराई और पेशेवर संचालन की आशंका और मजबूत होती है. जांच एजेंसियां इस कथित कोडिंग सिस्टम और उसके इस्तेमाल की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं.

फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस व अन्य एजेंसियां मोबाइल डाटा, अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और लेन-देन से जुड़े पक्ष खंगाल रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और आरोपों की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी.

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