टाइगर श्रॉफ हमला: हथियार कूरियर उप्र की राधा और बबिता बंदी

टाइगर श्रॉफ शूटिंग केस में बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के गठजोड़ का सबसे बड़ा पर्दाफाश हुआ है. लॉरेंस बिश्नोई गैंग के हथियार तस्करी नेटवर्क के लिए कूरियर का काम करने वाली सोनीपत से यूपी की दो लड़कियां राधा और बविता को गिरफ्तार किया गया है. इन्होंने मुंबई के दादर में गैंग के हैंडलर्स को हथियारों की बड़ी खेप सौंपी थी. वहीं, अनिल पंडित के खास गुर्गे कुणाल और सुमीत भी हरियाणा से दबोचे जा चुके हैं.

टाइगर श्रॉफ शूटिंग केस में एक नया ट्विस्ट आया है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खतरनाक हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें सोनीपत से यूपी की दो लड़कियों को गिरफ्तार किया गया है. राधा और बविता नाम की ये दोनों लड़कियां सीतापुर (यूपी) की रहने वाली हैं और सोनीपत में छिपकर रह रही थीं. शातिर अंदाज में ये दोनों लॉरेंस गैंग के लिए कूरियर का काम कर रही थीं. इन्होंने मुंबई के दादर जाकर हथियारों की एक बड़ी खेप गैंग के हैंडलर्स को सौंपी थी, जो आगे चलकर शार्पशूटरों तक पहुंचाई गई. इस बीच, अनिल पंडित के खास गुर्गे कुणाल और सुमित भी हरियाणा से दबोचे जा चुके हैं. ग्लैमर और अंडरवर्ल्ड के इस गंदे खेल में लड़कियों का इस्तेमाल कैसे हो रहा है, यह देखकर हर कोई सन्न है.

लॉरेंस गैंग का हथियार तस्करी नेटवर्क
टाइगर श्रॉफ शूटिंग केस में जैसे-जैसे पुलिस की सुई आगे बढ़ रही है, अंडरवर्ल्ड और बॉलीवुड के बीच रचे गए इस खतरनाक षड्यंत्र की परतें एक-एक कर उधड़ने लगी हैं. इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब लॉरेंस बिश्नोई गैंग के आर्म्स सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं. जांच में सामने आया है कि कैसे अपराधियों ने ग्लैमर की दुनिया को दहलाने के लिए हथियारों की तस्करी का एक ऐसा जाल बुना था, जिसके तार उत्तर प्रदेश से लेकर मायानगरी मुंबई तक जुड़े हुए हैं.

सोनीपत से उत्तर प्रदेश तक जुड़ा तस्करी का सिंडिकेट
हरियाणा के सोनीपत में छिपकर रह रही उत्तर प्रदेश के सीतापुर की दो युवती राधा और बविता को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ये दोनों शातिर लड़कियां लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए कूरियर के रूप में काम कर रही थीं. इनका मुख्य काम गैंग के इशारे पर हथियारों की खेप को एक जगह से दूसरी जगह सुरक्षित पहुंचाना था, ताकि किसी को शक न हो।

मुंबई के दादर में हथियारों का बड़ा आदान-प्रदान
गैंग के इस नापाक खेल की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन दोनों युवतियों ने हथियारों की एक बड़ी खेप को ठिकाने लगाने के लिए मुंबई के भीड़भाड़ वाले इलाके दादर का रुख किया था. दादर पहुंचकर इन्होंने गैंग के स्थानीय हैंडलर्स को अवैध हथियारों की खेप सौंपी थी. इसके बाद, यही हथियार आगे चलकर शार्पशूटरों तक पहुंचाए गए, जिनका इस्तेमाल सनसनीखेज वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जाना था.

अनिल पंडित के गुर्गों तक पहुंची पुलिस की आंच
इस पूरे नेटवर्क को खंगालते हुए स्पेशल सेल और अन्य जांच एजेंसियों ने हरियाणा से अनिल पंडित के दो खास गुर्गे कुणाल और सुमित भी दबोचे हैं. ये दोनों आरोपित सीधे अनिल पंडित से जुड़े हैं, जो लॉरेंस गैंग के लिए फील्ड पर वारदातों का ताना-बाना बुनते थे. पुलिस अब इन सभी आरोपितों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सिंडिकेट से और किन-किन बड़ी हस्तियों को निशाना बनाने का षड्यंत्र रचा गया था.

टाइगर श्रॉफ केस: गर्लफ्रेंड राधा से कराई सप्लाई, बबिता ने दिया साथ, 12 हजार रुपये में मुंबई पहुंचाई पिस्टल!
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क की जांच में दो महिलाओं, राधा और बबिता की भूमिका सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, कुणाल और सुमित अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस लेकर आए थे. हथियारों की लोकेशन अनिल पंडित ने भेजी थी. दोनों महिलाओं को 10–12 हजार रुपये देकर हथियार मुंबई पहुंचाने का काम सौंपा गया.

उप्र की बबिता और राधा पुलिस ने पकड़़ी है
बॉलीवुड स्टार टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग में हथियार आपूर्तिकर्ता नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी सामने आई है. जांच के अनुसार, इस पूरे केस में केवल हथियार लाने और पहुंचाने वाले पुरुष ही नहीं, बल्कि दो महिलाओं की भूमिका भी सामने आई है. पुलिस के अनुसार, हरियाणा के सोनीपत में रहने वाले कुणाल ने अपनी गर्लफ्रेंड राधा को हथियार मुंबई पहुंचाने के लिए तैयार किया. राधा के साथ बबिता भी इस काम में शामिल बताई जा रही है. दोनों को इस काम के लिए 10 से 12 हजार रुपये दिए गए थे. हथियार कहां से लेने हैं, किसके निर्देश पर लेकर चलना है और मुंबई पहुंचने के बाद बैग किसे सौंपना है, इस पूरी कड़ी में एन्क्रिप्टेड ऐप और पहले से तय ठिकानों का इस्तेमाल किया गया.

क्या होता है ‘डेड लेटर बॉक्स’, जहां रखे मिले हथियार

इस मामले में हथियारों की सप्लाई का तरीका भी जांच का अहम हिस्सा है. पुलिस के मुताबिक, कुणाल और सुमित को करीब दो सप्ताह पहले अमृतसर से हथियार लाने का काम सौंपा गया था. उन्हें हथियार किसी व्यक्ति से सीधे नहीं लेने थे, बल्कि एक तय लोकेशन से उठाने थे. इस तरह के तरीके को ‘डेड लेटर बॉक्स’ कहा जाता है. इसमें किसी सामान या संदेश को पहले से तय स्थान पर रख दिया जाता है और दूसरा व्यक्ति वहां पहुंचकर उसे उठा लेता है. दोनों के बीच मौके पर सीधे मुलाकात होना जरूरी नहीं होता. जांच के मुताबिक, अमृतसर में जिस जगह हथियार रखे गए थे, उसकी लोकेशन अनिल पंडित ने कुणाल को पहले ही भेज दी थी. कुणाल और सुमित को कथित तौर पर यह जानकारी नहीं थी कि वहां हथियार किसने रखे थे. यानी हथियारों की सप्लाई करने वाले व्यक्ति और उन्हें उठाने वालों के बीच सीधा संपर्क सामने नहीं आया है. पुलिस की जांच में यह तरीका महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे हथियार रखने वाले और उन्हें आगे पहुंचाने वाले लोगों के बीच दूरी बनाए रखने की तरकीब है।

जेल से बाहर आने के बाद अनिल पंडित से जुड़ा कुणाल

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुणाल इसी साल जुलाई में सोनीपत जेल से बाहर आया था. बाहर आने के बाद हरसाना गांव के एक दोस्त के माध्यम से उसकी मुलाकात अनिल पंडित से कराई गई. इसके बाद दोनों के बीच एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए बातचीत होने लगी. जांच के अनुसार, करीब दो सप्ताह पहले अनिल पंडित ने कुणाल को अमृतसर से हथियार लाने और फिर उन्हें मुंबई तक पहुंचाने का टास्क दिया था. इस काम के लिए कुणाल और सुमित को 70 से 80 हजार रुपये दिए गए थे. इसी रकम में से 10 से 12 हजार रुपये राधा और बबिता को दिए जाने की बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाओं को हथियारों से भरा बैग मुंबई ले जाने की जिम्मेदारी दी गई थी.

दो महीने पहले हुई मुलाकात, फिर हथियार पहुंचाने का टास्क

पुलिस के मुताबिक, कुणाल की मुलाकात राधा से करीब दो महीने पहले हुई थी. दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ने के बाद कुणाल ने कथित तौर पर उसे अपनी गतिविधियों के बारे में बताया. बाद में उसे हथियार लेकर मुंबई जाने के लिए तैयार किया गया. राधा और बबिता सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं. जांच के अनुसार, कुणाल ने राधा को हथियार पहुंचाने की जिम्मेदारी दी और वह बबिता के साथ मुंबई रवाना हुई. इस मामले में दोनों महिलाओं की भूमिका इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि पुलिस के अनुसार, हथियारों को एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाने के लिए उनका इस्तेमाल किया गया.

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15 अक्टूबर को दिल्ली से मुंबई के लिए निकलीं राधा और बबिता

जांच के मुताबिक, 15 अक्टूबर को कुणाल राधा और बबिता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा. बताया गया है कि पिस्टल राधा के बैग में रखी गई थी. इसके बाद दोनों महिलाएं मुंबई के लिए रवाना हुईं. कुणाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में रहा. पुलिस के अनुसार, अनिल पंडित से मिलने वाले निर्देश कुणाल के माध्यम से आगे पहुंचाए जा रहे थे. इस तरह हथियार लेकर जा रही महिलाओं और कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बीच संपर्क बनाए रखा गया. एक तरफ अमृतसर से हथियार उठाने की व्यवस्था थी, तो दूसरी तरफ दिल्ली से मुंबई तक उन्हें पहुंचाने की जिम्मेदारी. अलग-अलग लोगों को अलग-अलग काम सौंपे जाने की यह कड़ी पुलिस जांच का अहम हिस्सा है.

दादर स्टेशन पर उतरीं, होटल में ठहरीं; फिर बैग लेकर गया नाबालिग

पुलिस के मुताबिक, 17 अक्टूबर को राधा और बबिता मुंबई के दादर स्टेशन पर उतरीं. इसके बाद दोनों एक होटल में ठहरीं. उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास आया और राधा से बैग लेकर चला गया. जांच में इस बैग में रखे हथियार को फायरिंग की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है. जांच के अनुसार, 18 अक्टूबर को शाम करीब सात बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई. इसके बाद अनिल पंडित ने कथित तौर पर कुणाल को बताया कि शूटर मुंबई में फंस गए हैं और उन्हें वहां से निकालने की व्यवस्था करने को कहा. इसी दौरान 18 अक्टूबर को राधा और बबिता दादर से हरिद्वार जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना हो गईं. पुलिस के मुताबिक, 20 अक्टूबर को दोनों महिलाओं को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया. वहीं, कुणाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत से हिरासत में लिया गया. इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस की सीआईडी, मुंबई की टीम ने अदालत की अनुमति लेकर चारों आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया. पुलिस को चारों की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड भी मिली है.

त्वरित प्रश्नोत्तर

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में सोनीपत से गिरफ्तार लड़कियों की क्या भूमिका थी?
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली राधा और बविता को सोनीपत से गिरफ्तार किया है। ये दोनों लड़कियां लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए कूरियर का काम करती थीं और मुंबई के दादर इलाके में हथियार की एक बड़ी खेप गैंग के हैंडर्स को देने गई थीं।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में हरियाणा से किन आरोपित पकड़े गये हैं?
पुलिस जांच में अनिल पंडित के दो करीबी गुर्गे कुणाल और सुमित को हरियाणा से दबोचा गया है। ये दोनों आरोपी लॉरेंस गैंग के लिए फील्ड ऑपरेशन संभालने वाले अनिल पंडित से सीधे जुड़े बताए जा रहे हैं।

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग करने वाले संदिग्धों की गिरफ्तारी कहां हुई?
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग करने वाले तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपित मुंबई से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में सवार थे और पुलिस ने इन्हें संयुक्त कार्रवाई के दौरान पकड़ा।

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