UKSSSC पेपर लीक: अंतत: असि. प्रोफे. सुमन चौहान समेत चार निलंबित
UKSSSC पेपर लीक केस, असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन ,सेक्टर मजिस्ट्रेट और दो पुलिस जन सस्पेंड
यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में एक और बड़ी कार्रवाई हुई है. उच्च शिक्षा विभाग ने असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन सस्पेंड कर दी.
देहरादून 25 सितंबर 2025 : यूकेएसएसएससी (उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग) पेपरलीक मामले में अब उच्च शिक्षा विभाग ने भी बड़ी कार्रवाई की है.उच्च शिक्षा विभाग ने प्रश्नपत्र हल करने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन निलंबित कर दी है.मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को गलत नियत से पेपर लीक में भूमिका को लेकर प्रथमदृष्ट्या आरोपित पाया गया है.
वास्तव में,21 सितंबर रविवार को यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा हुई थी.इसमें हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र के तीन पेज लीक हुए थे.इस मामले में जहां पहले ही परीक्षा केंद्र में निगरानी में लापरवाही पर सेक्टर मजिस्ट्रेट को निलंबित किया जा चुका है तो वहीं अब मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन के भी निलंबित आदेश जारी कर दिए गए हैं.
असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन राजकीय महाविद्यालय अगरौड़ा टिहरी गढ़वाल में इतिहास की प्रोफेसर है.परीक्षा केंद्र से खालिद ने प्रश्न पत्र की फोटो परीक्षा केंद्र से बाहर भेजी थी और इसके बाद यह फोटो असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को भेजी गई थी.
यह पाया गया कि सुमन ने प्रश्न पत्र हल किया था और इसका स्क्रीनशॉट प्रशासन को भेजने के बजाय बॉबी पंवार को भेजा था, ताकि यह प्रश्न पत्र वायरल हो जाए. इस मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन के खिलाफ रायपुर में एफआईआर दर्ज भी की जा चुकी है.
असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन के निलंबन के दौरान उन्हें उच्च शिक्षा निदेशालय हल्द्वानी में संबद्ध किए जाने के आदेश हुए हैं. आदेश में लिखा गया कि शिक्षक के रूप में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन का यह तृतीय अमर्यादित और अस्वीकार्य है, जिसके कारण राज्य सरकार की भी छवि धूमिल हुई है. इस मामले में उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई समाप्त होने तक उन्हें निलंबित रखने के भी निर्देश हुए हैं.
पेपर लीक मामले में अब तक असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को लेकर बेरोजगार संघ उन्हें मामला प्रकाश में लाने वाले के रूप में बताता रहा है,लेकिन अब आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन प्रश्नपत्र बाहर भेजने वाले के संपर्क में पहले से थी और प्रश्नपत्र भेजने वाले खालिद ने सुमन को प्रश्नपत्र हल करने को कहा था.
यूकेएसएसएससी (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) पेपर लीक मामले में एक तरफ जहां पुलिस आरोपितों पर कार्रवाई कर रही है तो वहीं दूसरी ओर उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो रही है, जिनकी लापरवाही से पेपर लीक हुआ है. असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन और सेक्टर मजिस्ट्रेट के सस्पेंशन के बाद अब हरिद्वार में दारोगा समेत दो पुलिसकर्मी निलंबित हुए है.
दोनों पुलिसकर्मियों की ड्यूटी आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज बहादरपुर जट हरिद्वार पर थी. हरिद्वार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने दोनों पुलिसकर्मी निलंबित किये है. निलंबित पुलिसकर्मियों में सब इंस्पेक्टर रोहित कुमार और कांस्टेबल ब्रह्मदत्त जोशी हैं. दोनों पुलिसकर्मियों पर परीक्षा केंद्र में ड्यूटी के दौरान संवेदनशीलता और सतर्कता न बरतने का आरोप है.
हरिद्वार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डोबाल ने दोनों पुलिसकर्मियों की यह लापरवाही गंभीरता से ले दोनों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है. साथ ही मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी रीरेंद्र पंत को दे एक हफ्ते में जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है.
पूरा मामला भी जानिए: दरअसल, 21 सितंबर को प्रदेश भर में यूकेएसएसएससी की प्रतियोगी परीक्षा थी. एग्जाम का एक सेंटर आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज बहादुरपुर जट हरिद्वार था. इसी सेंटर पर मुख्य आरोपित खालिद एग्जाम दे रहा था. सेंटर के 18 कमरों में से 3 में जैमर नहीं लगे थे. जिनमें कमरा नंबर 9, 17 और 18 शामिल है. पूरे मामले में जैमर टीम की भूमिका संदिग्ध दिख रही है.
आरोप है कि परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद इंविजिलेटर से अनुमति लेकर खालिद बाहर निकला. हैरानी यह है कि खालिद पेपर अपने साथ लेकर निकला. वॉशरूम में खालिद ने पेपर के कुछ शॉट क्लिक कर तीन पेज अपनी बहन साबिया को भेजे और साबिया ने प्रोफेसर सुमन को. साबिया ने परीक्षा के बारे में सब कुछ जानते हुए भी पेपर के फोटो प्रोफेसर सुमन के पास भेजे और प्रश्नों के उत्तर पाये.
आरोप है कि सुमन ने मामले की जानकारी पुलिस को न देकर उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा अध्यक्ष बॉबी पंवार को दी. बॉबी पंवार ने ये खबर वायरल की तो पूरे प्रदेश में हंगामा मच गया. पुलिस ने मामले की जांच में प्रोफेसर सुमन से पूछताछ की और साबिया गिरफ्तार की. साबिया ने अपने भाई खालिद के बारे में बताया. मामला सामने आने पर खालिद भाग गया. बाद में पुलिस ने खालिद भी गिरफ्तार कर लिया.
अभी तक क्या-क्या हुआ: मामले में पुलिस ने अभी तक मुख्य आरोपित खालिद और उसकी बहन साबिया पकड़ी है. वहीं उच्च शिक्षा विभाग ने प्रश्नपत्र हल करने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन निलंबित की है. सरकार ने सेक्टर मजिस्ट्रेट जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक केएन तिवारी भी निलंबित किये.
परियोजना निदेशक के एन तिवारी की परीक्षा में शुचिता बनाए रखने की जिम्मेदारी थी,लेकिन जैसे प्रश्नपत्र के तीन पेज केंद्र से बाहर भेजे गए उससे परीक्षा केंद्र संचालन में लापरवाही सिद्ध है.ऐसे में अधिकारी पर कार्रवाई हुई. अब हरिद्वार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दारोगा समेत दो पुलिसकर्मी सस्पेंड किये हैं.
पेपर लीक में आरोपित चकराता क्षेत्र की सुमन चौहान, इतिहास की हैं शिक्षिका,वर्ष 2020 में बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर
उत्तराखंड राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में हरिद्वार के सेंटर में नकल /पेपर लीक मामले में संलिप्त टिहरी की असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को लेकर बहुत सवाल हैं। पुलिस के प्रेसनोट में भी पेपर लीक की आरोपित को सिर्फ सुमन नाम से ही संबोधित किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पेपर लीक की आरोपित का पूरा नाम सुमन चौहान है। ऋषिकेश की सुमन की ससुराल चकराता क्षेत्र में हैं। वर्ष 2018 में ऋषिकेश नगर निगम में कर निरीक्षक थी और वर्ष 2020 में असिस्टेंट प्रोफेसर बनी । अभी वह प्रताप नगर टिहरी में डिग्री कॉलेज अमरोडा में है। उन्हें इतिहास शिक्षिका बताया जा रहा है।
सुमन के पति प्रताप नगर के ही पास लंबगांव में खाद्य निरीक्षक हैं। भर्ती परीक्षा शुरू होने के मात्र 35 मिनट में हरिद्वार के बहादराबाद के परीक्षा केंद्र (आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज) से पेपर के तीन पन्ने और उन सवालों के हस्तलिखित जवाब बाहर आकर वायरल हुए तो असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन और दूसरे आरोपित खालिद का नाम भी चर्चा में आ गया । खालिद की बहन साबिया और हिना भी जांच के केंद्र में आ गई। पुलिस ने एक अज्ञात समेत सभी के विरुद्ध मुकदमा लिख लिया है।
सुमन चौहान का नाम इसलिए भी चर्चा के केंद्र में आया, क्योंकि उसी ने पेपर के सवाल हल किए थे। हालांकि, सुमन को आरोपित बनाने से पहले उसे आयोग अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया और पुलिस के बीच बैठाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस का हिस्सा बनाया गया।
फिर अगले ही दिन वह आरोपित भी बन गईं। वह जल्द सरकारी गवाह बन सकती हैं । उसने जो कहानी पुलिस को बताई , उसमें कहा है कि अनभिज्ञता में उसने सवाल हल किए और उसे खालिद की बहनों को भेज दिया। वह पुलिस के पास जाने की भी सोच रही थीं, लेकिन बेरोजगार संघ के पूर्व अध्यक्ष बॉबी पंवार से बात होने के बाद उसने सवाल और हल किए जवाब उसे ही भेज दिए। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया और चारों तरफ परीक्षा की शुचिता पर सवाल खड़े होने लगे।
इसी की परिणीति है कि प्रदेशभर के युवा दून में सड़क पर हैं और आंदोलन में कांग्रेसभी कूद गई है। सुमन को जानने वाले कुछ शिक्षक हैरान हैं कि कैसे इतिहास की शिक्षका का नाम प्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के मामले में जुड़ गया।
फिलहाल, किसी ने भी सुमन की पृष्ठभूमि संदिग्ध नहीं बतायी है। असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन कैसे इस गंभीर मामले में आरोपित बन गई है। यह तो पुलिस जांच से ही साफ हो पाएगा। …और वह खालिद के संपर्क में कैसे आईं और उसने भर्ती परीक्षा के सवाल हल क्यों किए, इसमें उसका पक्ष सार्वजनिक होना बाकी हैं।

