अजीम प्रेमजी के विप्रो में भी कनवर्जन को दबाव, न मानी तो लिया इस्तीफ़ा

Pune Allegations Of Religious Conversion In Wipro After Tcs Former Female Employee Forced To Marry Sheikh
‘कंट्री हेड से शारीरिक संबंध बनाने को कहा, शेख से शादी करवाने की बात’, TCS के बाद विप्रो में धर्मांतरण का आरोप
टीसीएस के बाद अब विप्रो में धर्मांतरण के आरोप लगे हैं। विप्रो की पूर्व कर्मचारी ने यह आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस को मामले की शिकायत दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुणे: महाराष्ट्र के पुणे स्थित विप्रो कैंपस में कार्यरत एक महिला ने अपनी पूर्व महिला सहकर्मी पर मजहबी आधार पर उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन को दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना और दबाव में उसे नौकरी छोड़नी पड़ी। महिला ने बेंगलुरु निवासी पूर्व सहकर्मी के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है और मामले में न्याय की मांग करते हुए राज्य मानवाधिकार आयोग का भी दरवाजा खटखटाया है।

विप्रो की पूर्व कर्मचारी के आरोप

पीड़िता के आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि ये लोग हिंदू महिलाओं को अपने जाल में फंसाते हैं और उन पर दबाव डालते हैं। इससे उन्हें उनकी मांगें मानना या नौकरी छोड़ने में से किसी एक चुनना पड़ता है। पिछले दस महीनों में मैंने जो भारी उत्पीड़न और यातना सही है,उसे मुझे सबके सामने लाना ही था जब हम इन घटनाओं की रिपोर्ट कंपनी को करते हैं,तो वे उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं । मामला बाद में दबा दिया जाता है। शाहिना रफीक ने नौकरी के मेरे पहले ही दिन से मुझे परेशान करना शुरू कर दिया था। उसने मुझे कंट्री हेड रामकुमार से शारीरिक संबंध बनाने को राजी करने की कोशिश की ताकि उस संपर्क का इस्तेमाल करके मेरा दुबई में तबादला हो सके। जहां वह मेरी शादी किसी शेख से करवा सकती थी,जिससे मेरी आर्थिक तरक्की और यौन संतुष्टि पक्की हो जाती।

विप्रो का आया जवाब
पूर्व कर्मचारी के कन्वर्जन को दबाव डालने और जबरन इस्तीफे के आरोपों पर आईटी कंपनी विप्रो ने कहा कि पुणे पुलिस के साथ सभी जरूरी अभिलेख शेयर कर इस मामले की जांच में पूरा सहयोग कर रही है। वह प्रचलित जांच में पूरा सहयोग कर रही है और एक सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल बनाए रखने को प्रतिबद्ध है।

ऐसे कार्यों में जीरो-टोलरेंस की नीति
आईटी कंपनी ने कहा कि विप्रो में, कर्मचारियों का कल्याण, गरिमा और सम्मान सर्वोपरि है। हम किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार, भेदभाव, उत्पीड़न या ऐसे कार्यों के प्रति जीरो-टोलरेंस की नीति अपनाते हैं जो किसी व्यक्ति के मौलिक अधिकार और स्वतंत्रता खतरे में डालते हैं। कंपनी ने आगे कहा कि मामला अभी जांच में है, इसलिए हम मामले की विशिष्टताओं पर टिप्पणी नहीं कर सकते। हम अपने सभी कर्मचारियों को एक सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक कार्यस्थल बनाए रखने को प्रतिबद्ध हैं।

पुलिस को दी शिकायत में क्या
पुलिस के पास शिकायत में महिला ने कहा कि उसे धार्मिक उत्पीड़न का शिकार बनाया गया और उसके वरिष्ठ अधिकारियों ने उस पर इस्तीफा देने का दबाव डाला ।
एक महिला सहकर्मी ने बार-बार उस पर इस्लाम अपनाने का दबाव डाला, यह कहते हुए कि इससे उसकी जीवनशैली और भविष्य के अवसर बेहतर होंगे। सहकर्मी ने उसे एक मुस्लिम परिचित से संबंध बनाने और हिंदू धर्म छोड़ने को प्रोत्साहित किया। कई बार यह विषय उठाने के बावजूद सहकर्मी के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हुई।

पीड़िता के वकील के आरोप

पीड़िता के वकील विवेक भोसले ने आरोप लगाया है कि उनका इस्तीफा दबाव में और स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए लिया गया था। शिकायत हिंजवाड़ी पुलिस को दी गई है,जिसने कंपनी को नोटिस जारी कर कथित शामिल लोगों के खिलाफ बहाली, मुआवजे और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।

विप्रो और कनवर्जन दबाव
विप्रो (Wipro) पुणे कार्यालय में  एक पूर्व महिला कर्मचारी ने अपनी महिला मैनेजर और सहकर्मी पर कार्यस्थल पर धार्मिक उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन (कन्वर्जन) के दबाव का आरोप लगाया है。

घटना से जुड़े मुख्य बिंदु:
शिकायत: पीड़िता ने पुणे के हिंजवाड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और कंपनी को कानूनी नोटिस भेजकर 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है。आरोप: महिला सहकर्मी पर उसे धर्म बदलने, दुबई में शादी करने और इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाने का आरोप है。

कंपनी की प्रतिक्रिया: विप्रो ने स्पष्ट किया है कि कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार, उत्पीड़न और भेदभाव को लेकर उनकी ‘जीरो-टॉलरेंस’ ( शून्य-सहिष्णुता) नीति है। कंपनी पुलिस जांच में अधिकारियों से पूरा सहयोग कर रही है。

शिकायत में लगाए गए अन्य गंभीर आरोप क्या हैं? पुलिस की जांच की वर्तमान स्थिति क्या है?
पुणे के हिंजवडी (Hinjawadi) स्थित विप्रो कार्यालय की पूर्व महिला प्रोजेक्ट मैनेजर की कराई शिकायत में कई चौंकाऊ गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शिकायत में लगाए गए अन्य गंभीर आरोप
पीड़िता ने अपनी सहकर्मी ‘शाहीना रफीक’, अपनी महिला मैनेजर (जो बेंगलुरु से काम देखती हैं) और कंपनी के एचआर (HR) विभाग पर आरोप लगाए हैं:

शारीरिक संबंध बनाने का दबाव: पीड़िता का आरोप है कि उसकी सहकर्मी शाहीना ने उसे कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों और ‘कंट्री हेड’ से शारीरिक संबंध बनाने को उकसाया और दबाव डाला।

दुबई में शेख से शादी और पैसों का लालच: पीड़िता को कहा गया कि यदि वह इस्लाम अपनाती है, तो उसकी शादी दुबई के अमीर शेख से कराई जाएगी। इसके बदले उसे भारी मात्रा में पैसा, गाड़ी और सोना मिलने का प्रलोभन दिया गया।

करियर और प्रमोशन का डर: पीड़िता को लालच दिया गया कि इस्लाम अपनाने से उसे दुबई में बड़ा प्रमोशन मिलेगा। बात न मानने पर करियर खराब करने और नौकरी से निकालने की धमकी दी गई。

जबरन इस्तीफा और एचआर की भूमिका: पीड़िता ने इन सब हरकतों का विरोध किया और कंपनी के आंतरिक प्रबंधन व एचआर विभाग से शिकायत की, तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। एचआर अधिकारियों (जो मुस्लिम थे) ने उल्टा पीड़िता को ही झूठे सबूतों के आधार पर फंसा उसका जबरन इस्तीफा लिखवा लिया।

आपत्तिजनक भाषा : बेंगलुरु में बैठी महिला मैनेजर पर आरोप है कि उसने पीड़िता के खिलाफ अत्यधिक आपत्तिजनक और भेदभावपूर्ण भाषा इस्तेमाल की।

पुलिस जांच वर्तमान स्थिति (Current Status)
पुणे की हिंजवडी पुलिस इस संवेदनशील मामले की गहनता से जांच कर रही है:

दावों का सत्यापन: हिंजवडी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बालाजी पंढरे के अनुसार, पुलिस शिकायत में लगाए जबरन कन्वर्जन और मानसिक उत्पीड़न के सभी दावों की बारीकी से पुष्टि (वेरिफिकेशन) कर रही है।

आरोपित मैनेजर को समन: चूंकि मुख्य आरोपित महिला मैनेजर बेंगलुरु में रहकर रिमोटली काम संभालती है, इसलिए पुणे पुलिस ने उसे पूछताछ को जांच अधिकारियों के सामने पेश होने का आधिकारिक नोटिस भेजा है।

आंतरिक जांच (POSH) के रिकॉर्ड की मांग: पुलिस ने विप्रो कंपनी से जानकारी मांगी है कि जब पीड़िता ने आंतरिक शिकायत की थी, तो कंपनी की ‘यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति’ (POSH) या आंतरिक शिकायत समिति ने क्या कदम उठाए थे और उसका क्या रिकॉर्ड है।

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