कॉकरोच जनता पार्टी 5 घंटे प्रदर्शनःदीपके परेशान,अगले शनि फिर

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का 5 घंटे प्रदर्शनः अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री का त्यागपत्र मांगा; अगले शनिवार फिर जंतर-मंतर पर जुटेंगें

नई दिल्ली 06 जून 2026। NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी, यानी CJP ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर 5 घंटे प्रदर्शन किया।

पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा था कि मंत्री आज शाम 5 बजे तक इस्तीफा दें, नहीं तो पूरे देश में प्रदर्शन किया जाएगा। अगले शनिवार, यानी 13 जून को जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन करेंगे।

CJI को जंतर-मंतर पर आज शाम 5 बजे तक प्रदर्शन करने की अनुमति मिली थी, लेकिन दोपहर 3:30 बजे अभिजीत की तबीयत खराब होने पर यह समाप्त हो गया। इसके बाद वे सोनम वांगचुक के साथ धरनास्थल से रवाना हो गए।

अभिजीत सुबह ही अमेरिका से दिल्ली लौटे थे। वे एयरपोर्ट से सीधे जंतर-मंतर पहुंचे। अभिजीत अंबेडकर की ऑटो बायोग्राफी और संविधान की कॉपी लेकर पहुंचे थे।
प्रदर्शन खत्म कर अभिजीत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि वे अपने माता-पिता से मिलने घर जा रहे हैं।

अभिजीत 5 घंटे जंतर-मंतर पर रहे, 5 बार स्पीच दी

सुबह 7:30 बजे: अभिजीत दीपके सुबह अमेरिका से दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से वे डेढ़ घंटे बाद बाहर निकले।

सुबह 9:30 बजे: अभिजीत CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ जंतर-मंतर चले। हाथ में अंबेडकर की ऑटो बायोग्राफी थी।

सुबह 10 बजे: अभिजीत जंतर-मंतर पहुंचे। समर्थकों ने स्वागत किया। लोगों से बातचीत की।

सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तकः दीपके ने अपने समर्थकों में 5 बार छोटी-छोटी स्पीच दी। धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा दो के नारे लगे।

दोपहर 3:30 बजे : दीपके की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें गाड़ी में बैठा प्रदर्शन खत्म कर दिया गया। वे सोनम वांगचुक के साथ रवाना हो गए।

प्रदर्शन शामिल हुए सोनम वांगचुक

वांगचुक,CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दिपांकर भट्टाचार्य, CPI नेता एनी राजा और वामपंथी छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ता भी रहे।

अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं।

अभिजीत 2020 से 2022 तक आम आदमी पार्टी (AAP) के सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत AAP के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे। किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक विषयों पर अभिजीत X अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं।सोनम वांगचुक ने अभिजीत दीपके के साथ मंच पर पहुंचकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की थी।

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। उनके साथ CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका भी मौजूद थे। आशुतोष IIT कानपुर से पास आउट हैं। वे पिछले साल लंदन से भारत लौटे हैं।

1000+ पुलिसकर्मी, दिल्ली बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा

CJP से जुड़े पोस्ट्स को 7 दिनों में 2 करोड़ से ज्यादा लाइक्स मिले

शनिवार को सोशल मीडिया पर CJP से जुड़े जितने पोस्ट किए गए, उनमें पार्टी के बारे में किए गए निगेटिव पोस्ट्स की संख्या पॉजिटिव पोस्ट्स से लगभग 5-6 गुना ज्यादा रही।

सोशल मीडिया का एनालिसिस करने वाली वेबसाइट BRAND24 के मुताबिक, सिर्फ 4.6% लोगों ने पार्टी को लेकर पॉजिटिव पोस्ट किए, जबकि 25.7% लोगों ने निगेटिव पोस्ट किए। 69.7% लोगों ने न्यूट्रल पोस्ट किए।

महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत AAP से जुड़े रहे

30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं।CJP के प्रदर्शन के मद्देनजर इंदिरा गांधी एयरपोर्ट, मुख्य रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और दिल्ली के बॉर्डर पॉइंट्स पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। 1000 से ज्यादा पुलिस जवान पहले से तय पॉइंट्स पर तैनात किए गए थे। बाजारों और संवेदनशील इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी गई थी।

प्रदर्शन खत्म होने के बाद दिल्ली पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट और खबरों में दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है। लेकिन ऐसी कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।

मंत्री के इस्तीफे के लिए 5 दिन की समय सीमा

अभिजीत ने कहा- कॉकरोच जनता पार्टी अपनी मांग पर अड़ी है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। उन्होंने धमेंद्र को इस्तीफे के लिए 5 दिन का अल्टीमेटम दिया है।

उद्धव ठाकरे बोले- युवाओं को कॉकरोच कहना गलत

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, ‘कुछ ताकतें देश के युवाओं को नकारात्मक राजनीति की तरफ धकेलने की कोशिश कर रही हैं। विदेश में बैठे कुछ लोग यह मानकर चल रहे हैं कि वे भारत के युवाओं को दिशा दे सकते हैं।

ये व्यक्ति विरोध करने पहुंच गया।

शिवेसना (उद्धव) के चीफ उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘युवाओं को कॉकरोच कहकर उनका अपमान करना गलत है। अब यही युवा अपनी मांगों के लिए आवाज उठा रहे हैं और सरकार को उनकी बात सुननी होगी।’

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने CJP प्रदर्शन का वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा- ‘गुरूरमंद हुक्मरानों तक पहुंचे ये आवाज, अब नौजवानों ने भी कर दिया है इंकलाब।’

कॉकरोच जनता पार्टी के इस प्रदर्शन की सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा रही. लोग इस प्रदर्शन से निकले संदेश का विश्लेषण कर रहे हैं. वो ये सवाल भी पूछ रहे हैं कि आमतौर पर इस तरह के प्रदर्शन को लेकर सख़्त दिखने वाली मोदी सरकार ने इसकी इजाज़त इतनी आसानी से कैसे दे दी. इसके साथ ही प्रदर्शन के असर और इसके ‘ऑनलाइन मूवमेंट’ के भविष्य पर भी चर्चा हो रही है. वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक स्मिता गुप्ता ने इस बारे में  कहा, ”सरकार बांग्लादेश और नेपाल में ज़ेन जी के आंदोलन देख चुकी है. चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत के कॉकरोच वाले बयान और उसके बाद उस पर हुई तीखी प्रतिक्रिया के बाद सरकार को ये आंदोलन याद आ गए और उसने उसे थोड़ा स्पेस देने का मन बना लिया.” ”उसका एक उद्देश्य ये भी था कि इससे इसकी वॉटर टेस्टिंग भी हो जाएगी कि आख़िर इसमें कितना दम है. इसलिए दिल्ली पुलिस ने आसानी से प्रदर्शन की इजाज़त दे दी.” उन्होंने कहा, ”पेपर लीक का मुद्दा हर परिवार को छूने वाला विषय है. इसलिए लोगों में ग़ुस्सा भी है. सरकार इस ग़ुस्से को शांत होने देना चाहती थी.”

आख़िर इस तरह के ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म से शुरू करके प्रदर्शन का भविष्य क्या है? क्या ये भविष्य में कोई राजनीतिक ताक़त बन पाएगा?

 

स्मिता गुप्ता ने कहा, ”जब चुनाव होते हैं तो बेरोज़गारी का सबसे बड़ा विषय बताया जाता है. लेकिन यहां तो युवा देख रहे हैं कि रोज़गार मिलना तो दूर उनका परीक्षा में बैठना भी मुश्किल हो गया है. युवाओं में बेचैनी है. भविष्य अंधकार में है.”

उन्होंने कहा, ”ये प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब मोदी सरकार का हनीमून पीरियड ख़त्म हो रहा है. दुनिया भर में चल रहे युद्ध से भारत में ख़राब आर्थिक हालात से लोग तंग हो रहे हैं. हेल्थ जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर ख़र्च कम हो रहा है. इस असंतोष की वजह से ऐसे प्रदर्शनों की प्रासंगिकता बनी रहेगी.” सीजेपी क्या राजनीतिक ताक़त बनकर उभरेगी?

वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक शरद गुप्ता इस प्रदर्शन को व्यवस्था के प्रति लोगों के आक्रोश और असंतोष के प्रतीक के तौर पर देखते हैं. वो कहते हैं, ”अगर लोगों में असंतोष न होता तो वो चिलचिलाती गर्मी में जमा होकर शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा नहीं मांगते. ये सबकुछ उस दौर की याद दिला रहा था जब ‘निर्भया’ मामले में दिल्ली में लोग भारी ठंड में भी वॉटर कैनन की परवाह न करते हुए इंसाफ़ मांगने सड़कों पर उतर आए थे.”

उन्होंने कहा, ”ये सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन दिख रहा है लेकिन ये उस व्यवस्था का विरोध है जो किसी को ज़िम्मेदारी नहीं लेने देती. सत्ता पक्ष की ओर से ये कहा जाता है कि ये वो सरकार नहीं है जिसमें मंत्रियों के इस्तीफ़े होते हैं.”

शरद गुप्ता सरकार की ओर इस प्रदर्शन को आसानी से इजाज़त देने के सवाल पर शरद गुप्ता ने कहा, ”जयप्रकाश आंदोलन, वीपी सिंह के आंदोलन से लेकर अन्ना आंदोलन तक, जब भी सरकार ने ऐसे आंदोलन दबाने की कोशिश की ये और भड़के हैं. इसलिए सरकार ने प्रदर्शन की इजाज़त देकर इसकी हवा निकालने की रणनीति अपनाई.”

क्या कॉकरोच जनता पार्टी जैसे संगठन का कोई राजनीतिक भविष्य है. क्या ये कोई बड़ी राजनीतिक ताक़त बन पाएंगे?

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