अमेरिका से ट्रेड डील की घोषणा तब आनही जब तक…पीयूष गोयल
‘तब तक ऐलान नहीं होगा जब तक…’, ट्रेड डील पर US के सामने भारत ने रखी शर्त, पीयूष गोयल बोले- हितों से समझौता नहीं
भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील की अंतिम तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि अमेरिका से भारतीय उत्पादों के लिए प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर प्रेफरेंशियल टैरिफ रेट मिलने के बाद ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते की फाइनल डिटेल्स सार्वजनिक की जाएंगी.
पीयूष गोयल ने कहा है कि अमेरिका से भारतीय उत्पादों के लिए बेहतर टैरिफ रेट मिलने के बाद ही ट्रेड डील होगी.
नई दिल्ली,04 सितंबर 2026,भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की अंतिम डिटेल्स फिलहाल सार्वजनिक नहीं होंगी. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक, समझौते का फाइनल टेक्स्ट तभी सामने आएगा, जब अमेरिका भारतीय उत्पादों को उसके प्रतिद्वंद्वी देशों के मुकाबले बेहतर प्रेफरेंशियल टैरिफ रेट देने पर सहमत होगा. उन्होंने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर वाणिज्य मंत्रालय द्वारा आयोजित एक वर्कशॉप में यह बात कही. केंद्र सरकार का मानना है कि इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान को कीमत के मामले में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी.
पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड समझौते का टेक्स्ट अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है. उनके मुताबिक, भारत को जब तक अमेरिका से बेहतर प्रेफरेंशियल रेट नहीं मिलता, तब तक BTA की अंतिम डिटेल्स सामने नहीं आएंगी. भारत और अमेरिका ने फरवरी में समझौते के पहले चरण के फ्रेमवर्क को फाइनल करने का ऐलान किया था. हालांकि, इसके बाद अमेरिका के टैरिफ ढांचे में बदलाव हुआ और दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू हुई. अमेरिका ने 24 जुलाई से भारत समेत कई देशों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लागू किया था.
इन देशों से है भारतीय सामान को मुकाबला
अमेरिकी बाजार में भारत को श्रीलंका, बांग्लादेश, थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम जैसे देशों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिलती है. इंडोनेशिया और मलेशिया भी प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में शामिल हैं. सरकार की कोशिश है कि भारत को इन देशों की तुलना में बेहतर टैरिफ दर मिले. इससे भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में कम कीमत पर उपलब्ध हो सकेंगे और उनकी प्राइस कंपिटिटिवनेस बढ़ेगी. भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में अमेरिका को करीब 87 अरब डॉलर के सामान का निर्यात किया था.
संवेदनशील सेक्टर पर समझौता नहीं होगा
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि समझौते की डिटेल्स सार्वजनिक नहीं होने के कारण इसके बारे में गलत दावे किए जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते में भारत की किसी भी संवेदनशीलता से समझौता नहीं किया गया है. उनके मुताबिक, किसानों, मछुआरों, MSMEs, कामगारों, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और ऑटो सेक्टर के हितों को सुरक्षित रखा गया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऑटो सेक्टर के साथ चर्चा के बाद समझौते को संभव उच्चतम स्तर तक फाइनल किया गया है.
स्टेकहोल्डर्स से चर्चा के बाद होती है डील
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि किसी भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप देने से पहले सरकार सभी संबंधित पक्षों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करती है. उनके अनुसार, मौजूदा सरकार के दौरान हुए FTA, PTA और BTA को स्टेकहोल्डर्स का व्यापक समर्थन मिला है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ मौजूदा समझौता सिर्फ पहला चरण है. दोनों देशों के बीच आगे भी व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी रहेगी.
भारत का FTA नेटवर्क लगातार बढ़ रहा
पीयूष गोयल के मुताबिक, भारत के 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ऐसे आर्थिक समूहों से जुड़े हैं, जिनकी संयुक्त GDP करीब 60 ट्रिलियन डॉलर है. इन समझौतों के जरिए भारत को दुनिया के करीब दो-तिहाई व्यापार तक प्रेफरेंशियल मार्केट एक्सेस मिलने की उम्मीद है. भारत पहले ही ब्रिटेन, मॉरीशस, ओमान, UAE और ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते लागू कर चुका है. न्यूजीलैंड के साथ ट्रेड पैक्ट जल्द लागू होने की उम्मीद है. इसके बाद 27 देशों वाले यूरोपीय संघ (EU) के साथ समझौता भी भारत के बड़े व्यापारिक कदमों में शामिल होगा.
कनाडा, GCC और इजरायल के साथ बातचीत
भारत की अन्य ट्रेड डील्स पर भी बातचीत चल रही है. गोयल ने बताया कि कनाडा, मेक्सिको, चिली, मर्कोसुर, बोत्सवाना, इस्वातिनी, लेसोथो, नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल के साथ व्यापार समझौतों पर काम जारी है. इसके अलावा ब्रुनेई दारुस्सलाम, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते, वियतनाम, दक्षिण कोरिया और जापान के साथ मौजूदा व्यापार समझौतों की समीक्षा की जा रही है. सरकार का लक्ष्य ऐसे प्रेफरेंशियल रेट हासिल करना है, जिससे भारत को करीब 75% ग्लोबल ट्रेड तक अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर या कम टैरिफ दरों पर पहुंच मिल सके.
सितंबर के अंत में अमेरिका जाएंगे पीयूष गोयल
अब भारत-अमेरिका ट्रेड टॉक की अगली बड़ी तारीख सितंबर के अंत में हो सकती है. पीयूष गोयल महीने के आखिर में अमेरिका जाएंगे. 30 सितंबर से मिलवॉकी में दो दिवसीय G20 ट्रेड मिनिस्टीरियल बैठक शुरू होगी. अमेरिका इस समय G20 की अध्यक्षता कर रहा है. इस दौरान गोयल की अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमीसन ग्रीयर के साथ द्विपक्षीय बातचीत होने की उम्मीद है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक भारतीय उत्पादों को उसके प्रमुख प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर टैरिफ रेट देने पर अमेरिका जब सहमत होगा, तभी द्विपक्षीय व्यापार समझौते की अंतिम डिटेल्स सार्वजनिक होंगी.

