भाजपा का लीज प्रस्ताव,कांग्रेस सरकार ने बेची जमीनें:विनोद चमोली
भाजपा नहीं, कांग्रेस सरकार में हुई जमीनों की असली लूट
बिल्डरों को औद्योगिक जमीन नीलाम करने वाली कांग्रेस करे आत्मनिरीक्षण:विनोद चमोली
धामी सरकार में खाली जमीनें रोजगार माध्यम बनाने पर हो रहा काम: चमोली
अपने शासन में भू-माफियाओं को संरक्षण देने वाली कांग्रेस को नहीं पच रहा प्रदेश का विकास : भाजपा
कांग्रेस समय बंटा स्वामित्व , धामी सरकार में जमीन रहेगी सरकार की
देहरादून 03 सितंबर 2026 । नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के प्रदेश की 7 हजार बीघा सरकारी भूमि पर बयानबाजी पर भाजपा ने कड़ा पलटवार किया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कहा कि कांग्रेस को प्रदेश के विकास और सरकारी भूमि से जुड़े तथ्यों पर राजनीति करने के बजाय पहले अपने शासनकाल का रिकॉर्ड देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास उत्तराखंड और जनहित के विषयों पर विरोधाभासी रहा है। जिस कांग्रेस ने उत्तराखंड राज्य निर्माण का विरोध किया, वही आज प्रदेश में तेजी से हो रहे ढांचागत और आर्थिक विकास को देखकर बौखलाहट में निराधार आरोप लगा रही है।
श्री विनोद चमोली ने कांग्रेस को दर्पण दिखाया कि अपने शासनकाल में बहुमूल्य भूमि की बंदरबांट करने वाले आज किस मुंह से सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस बताए कि आईटी पार्क देहरादून की जिस जमीन पर आईटी इंडस्ट्री के विकास को नियत आईटी इंडस्ट्रीज देहरादून की भूमि बिल्डरों को कौड़ियों के दाम किसने बेचा? सिटी पार्क लैंडयूज वाली जमीन का लैंड यूज बिना पैसा जमा कराए बदलकर राज्य को करोड़ों के राजस्व का नुकसान किसने पहुँचाया? वर्ष 2006 में सिडकुल से सुपरटेक और प्लेनेट इंफ्रा को कौड़ियों के भाव भूमि किसने दी और 2013 में देहरादून आईटी पार्क में जीटीएम बिल्डर को जमीन देकर सीएजी (CAG) ऑडिट आपत्तियों का कारण कौन बना?
भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि ‘बंदरबांट’ और ‘अपने करीबियों को लाभ पहुँचाने’ का जो आरोप नेता प्रतिपक्ष लगा रहे हैं, वह दरअसल कांग्रेस का अपना पुराना इतिहास और कार्यशैली रही है। कांग्रेस के समय स्वामित्व देकर जमीनों की बंदरबांट की गई, जबकि वर्तमान धामी सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट और पारदर्शी है। उत्तराखंड की जमीन किसी को बेची नहीं जा रही है, बल्कि भूमि का स्वामित्व पूरी तरह से राज्य सरकार के पास ही रहेगा। निर्धारित नियमों और पर्यावरणीय मानकों में केवल लीज (Lease) मॉडल से निवेश आकर्षित किया जा रहा है।
श्री चमोली ने कहा कि पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में यदि भूमि वर्षों तक अनुपयोगी पड़ी रहे तो उससे न रोजगार पैदा होता है और न ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलता है। यूआईआईडीबी (UIIDB) से खाली पड़ी सरकारी जमीनों का सुनियोजित उपयोग कर पर्यटन, वेलनेस, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश लाया जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के शासनकाल में उद्योगों और निजी आवासीय परियोजनाओं के लिए बड़ी मात्रा में भूमि उपलब्ध कराई गई, तब क्या वह विकास था? और आज जब धामी सरकार राज्य का स्वामित्व यथावत रख पर्यटन और वेलनेस क्षेत्र में रोजगार लाने को लीज नीति अपना रही है, तो कांग्रेस के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? प्रदेश की जागरूक जनता कांग्रेस के इस विकास विरोधी चेहरे को पूरी तरह पहचान चुकी है और उनके इस भ्रामक व नकारात्मक एजेंडे को कभी स्वीकार नहीं करेगी।


