आलोचक बोले- 7.8% GDP ग्रोथ आंकड़ों की बाजीगरी, संजीव सान्याल बोले- पहले समझो

Sanjeev Sanyal Defends India 7.8 Per Cent Gdp Growth Reject Criticism Of Number Gimmick
India GDP: आलोचक बोले- 7.8% जीडीपी ग्रोथ आंकड़ों की बाजीगरी, संजीव सान्याल का जवाब- मुझे नहीं लगता
Sanjeev Sanyal on India GDP Growth: भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में जोरदार ग्रोथ दर्ज की है। यह 7.8 फीसदी रही है। इस धमाकेदार ग्रोथ पर आलोचकों ने सवाल भी उठाए हैं। उन्‍होंने इसे आंकड़ों की बाजीगरी बताया। जाने-माने अर्थशास्‍त्री संजीव सान्‍याल ने इसका जवाब दिया है। वह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य हैं।

नई दिल्‍ली 02 सितंबर 2026 : प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने भारत की 7.8% GDP ग्रोथ का बचाव किया है। उन्होंने इस आलोचना को खारिज कर दिया कि यह ‘आंकड़ों की बाजीगरी’ का नतीजा है।

उन्होंने कहा कि भारत की जीडीपी गणना का तरीका (मेथडोलॉजी) IMF और अन्य संस्थाओं की मांग के अनुसार अपडेट किया गया था। इंडिया टुडे टीवी से बात करते हुए सान्याल ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कोई भी गंभीर अर्थशास्त्री इस डेटा को देखकर यह कहेगा कि यह भरोसेमंद नहीं है।’

भारत की अर्थव्यवस्था 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8% बढ़ी। यह उम्मीदों और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 7% के अनुमान से बेहतर थी। एक साल पहले इसी तिमाही में दर्ज की गई 6.9% की दर से भी यह ग्रोथ रेट ज्‍यादा है।

क्‍यों बदला गया बेस ईयर?
सान्याल ने कहा कि भारत में मेथडोलॉजी की समस्या थी। बेस ईयर को पहले अपडेट नहीं किया गया था। इस बदलाव में देरी इसलिए हुई क्योंकि दशक की शुरुआत का समय कोरोना के वर्षों के साथ मेल खा रहा था। इसलिए सरकार ने 2024 तक इंतजार किया।

उन्होंने कहा, ‘पिछले साल तक हमें मेथडोलॉजी को लेकर समस्या थी। बेस ईयर अपडेट नहीं किया गया था। हर दशक में हम दशक की शुरुआत में बेस ईयर को अपडेट करते हैं। हम इस दशक में ऐसा नहीं कर सके। इसकी सबसे सीधी वजह यह थी कि वे कोविड के साल थे। इसलिए दशक की शुरुआत के साल सामान्य साल नहीं थे। इसलिए हमें 2024 तक इंतजार करना पड़ा ताकि हमें एक सामान्य साल मिल सके जिसे हम बेस ईयर के तौर पर इस्तेमाल कर सकें। अब जब हमें वह मिल गया तो हमने निश्चित रूप से बेस ईयर को अपडेट कर दिया।’

अर्थशास्त्री ने कहा कि इस बदलाव के असर के बारे में पहले ही बता दिया गया था। सान्याल ने कहा, ‘जब यह हुआ था तब मैंने सभी को चेतावनी दी थी- अब शिकायत न करें कि हमने बेस ईयर अपडेट कर दिया है – जिसकी आप शिकायत कर रहे थे – जिससे GDP ग्रोथ रेट अच्छी दिखेगी।’

टॉप अर्थशास्‍त्री ने समझाया कि जब आप बेस ईयर को अपडेट करते हैं तो आप बास्केट से पुराने और खत्म हो रहे सेक्टर को हटा देते हैं। उनकी जगह अपेक्षाकृत नए और तेजी से बढ़ने वाले सेक्टर को शामिल करते हैं – ‘और ठीक यही हुआ है।’

सान्याल ने कहा कि यह अपडेट उसी के अनुरूप था जो अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भारत से करने के लिए कह रही थीं।

उन्‍होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि किसी को कोई शिकायत होनी चाहिए। हमने ठीक वही किया जो IMF और अन्य संस्थाएं हमसे करने के लिए कह रही थीं। कोई भी गंभीर अर्थशास्त्री इस पर शिकायत नहीं करेगा। जीडीपी साफ तौर पर मजबूत दिख रही है। यह बात दूसरे क्षेत्रों में भी दिखाई दे रही है।’

इकोनॉमिक ग्रोथ साफ तौर पर मजबूत
सान्याल ने कहा कि अर्थव्यवस्था की मजबूती सरकार के GDP आंकड़ों के अलावा दूसरे डेटा में भी देखी जा सकती है। उन्होंने कारों की बिक्री के आंकड़ों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘वे (आंकड़े) सरकार के नहीं हैं। कॉर्पोरेट मुनाफा भी ठीक-ठाक है। वे सरकारी आंकड़े नहीं हैं।’

उन्होंने कहा कि उन इंडिकेटर्स के बिना भी 7.8% की ग्रोथ एक मजबूत तिमाही परफॉर्मेंस को दिखाती है।

वह बोले, ‘इसलिए मौजूदा हालात में और किसी भी हालात में 7.8% की जीडीपी ग्रोथ रेट बहुत मजबूत है। जैसा कि मैंने कहा, मुझे व्यक्तिगत रूप से उम्मीद है कि आने वाली कुछ तिमाहियों में इसमें थोड़ी कमी आएगी। लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि पूरे साल के लिए आपको जीडीपी ग्रोथ रेट का एक बहुत अच्छा आंकड़ा मिलेगा।’

आरबीआई को उम्मीद है कि 2026-27 के पूरे फाइनेंशियल ईयर में भारत की अर्थव्यवस्था 6.7% की दर से बढ़ेगी।

जीडीपी डेटा पर विपक्ष ने उठाए सवाल
जीडीपी के आंकड़े जारी होने के तुरंत बाद प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने ग्रोथ के आंकड़ों पर सवाल उठाए।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 7.8% के आंकड़े को बहुत ज्‍यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई तस्वीर बताया। उन्‍होंने कहा कि यह प्राइवेट इंवेस्‍टमेंट के कमजोर सेंटीमेंट को नहीं दिखाता है। उन्होंने कमजोर कंज्यूमर कॉन्फिडेंस, घर की जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों, बेरोजगारी और चीन के साथ लगातार बने हुए ट्रेड डेफिसिट (व्यापार घाटे) की ओर भी इशारा किया।

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