‘ऑपरेशन सिंदूर’ हीरो रिटा.एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र राम मंदिर CEO,ट्रस्ट में 3 नये सदस्य
राम मंदिर के CEO बने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से है खास कनेक्शन
अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पहले सीईओ का ऐलान कर दिया है. रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को ट्रस्ट का CEO नियुक्त किया गया है. सीईओ के साथ-साथ ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को शामिल किया गया है, जिनमें मदन मोहन पांडेय, महेश भागचन्दका और निर्मला यादव शामिल हैं.
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में CEO के नाम का फैसला हुआ.
लखनऊ,02 सितंबर 2026,अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीएओ की घोषणा हो गई है. रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र राम मंदिर के ट्रस्ट CEO नियुक्त किए गए हैं. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र एक पूर्व फाइटर पायलट हैं जिन्होंने इंडियन एयर फोर्स में 39 साल से ज्यादा तक सेवा की.
जनवरी 2025 में, उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड की जिम्मेदारी संभाली, जो IAF के सबसे जरूरी ऑपरेशनल कमांड में से एक है. कुछ ही महीनों बाद, उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कमांड को लीड किया.
इसके अलावा ट्रस्ट में 3 नए सदस्यों को शामिल किया गया है. इनमें अयोध्या से मदन मोहन पांडेय, दिल्ली से महेश भागचन्दका और शिकोहाबाद से निर्मला यादव का नाम शामिल है.
देवरिया के विधायक शलभमणि त्रिपाठी ने जितेंद्र मिश्र को बधाई भी दे दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र मंदिर ट्रस्ट के नए CEO के रूप में पूर्व एयर चीफ मार्शल जितेंद्र मिश्र जी की नियुक्ति से पूरा देवरिया, पूर्वांचल और देश गौरवान्वित है.’
उन्होंने आगे लिखा, ‘आज राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट जैसी ऐतिहासिक और पवित्र जिम्मेदारी उनके सक्षम हाथों में सौंपा जाना हम सभी के लिए हर्ष और गौरव का विषय है. ये देवरिया और पूरे पूर्वांचल के लिए भी बेहद गर्व का पल है. जितेंद्र मिश्र को इस नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई, ढेरों शुभकामनाएं और मंगलकामनाएं.’
चंपत राय, अनिल मिश्रा के इस्तीफे और विमलेंद्र मोहन के निधन के बाद ट्रस्ट के तीन पद खाली थे. जिसके बाद तीन लोगों को ट्रस्टी बनाया गया है. ट्रस्टी बने महेश भागचंदका अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं. वहीं, मदन मोहन पांडेय हाईकोर्ट में मंदिर पक्ष के वकील थे. तीनों ही राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में ऑनलाइन जुड़े.
अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
राम मंदिर ट्रस्ट में CEO अपॉइंट करने पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, ‘जब नई चीजें होती हैं, तो क्या हम भूल जाते हैं कि पहले क्या हुआ था? हमें किसी से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन जिस तरह से डोनेशन की चोरी हुई, आपने आम एम्प्लॉई को जेल भेज दिया लेकिन बड़े नामों को छोड़ दिया. हमें उम्मीद है कि ‘राम धन’ की चोरी नहीं होगी. अयोध्या को वर्ल्ड-क्लास सिटी के तौर पर डेवलप किया जाना चाहिए था. उनके (BJP) मन में इतना लालच था कि गरीबों से उनकी जमीन ठगी जा रही है.’
बता दें कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले में आरोपों के बाद पूर्व महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था. इस विवाद के बाद ट्रस्ट की छवि और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सीईओ की नियुक्ति प्रक्रिया 6 जुलाई से शुरू की गई थी.
सीईओ पद के लिए कुल 5,585 आवेदन आए थे. जस्टिस (रिटायर्ड) प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग कमेटी ने 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया और 3 नामों का लिफाफा ट्रस्ट के अध्यक्ष को सौंपा था.
राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ के यें होंगें दायित्व
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि पेशेवर प्रशासन और पारदर्शिता को एक सीईओ बेहद जरूरी है.नए नियमों में सीईओ के अधिकार और शक्तियां तय होंगी. सीईओ ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगें और उनके पास सभी प्रशासनिक, वित्तीय और वैधानिक अधिकार होंगें.
वहीं, राम मंदिर ट्रस्ट ने नए महासचिव के रूप में स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज नियुक्त कर दिये गये हैं। इन दो नियुक्तियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ की जिम्मेदारी मंदिर की व्यवस्था को प्रोफेशनल बनाना है। अब तक मंदिर की व्यवस्था ट्रस्ट के महासचिव के स्तर पर चलती थी।
राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था ठीक करेंगें नए सीईओ (फाइल फोटो)
राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की व्यवस्था को लेकर पिछले दिनों सवाल खड़े हुए थे। राम मंदिर दान चोरी विषय गरमाने पर पूर्व महासचिव के करीबी पर ही सवाल उठा। बाद में, दान चोरी के आरोप में उनके ड्राइवर रामशंकर यादव टिन्नू को जेल हुई। राम मंदिर दान चोरी मामले में एसआईटी रिपोर्ट के बाद 8 जन गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक अलग एसआईटी की जांच चल रही है।
क्या करेंगे नए सीईओ?
राम मंदिर प्रबंधन ने व्यवस्था में बदलाव की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक सीईओ के तौर पर रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति कर दी गई है। एयर मार्शल को बड़े स्तर पर व्यवस्था संभालने का अनुभव है। सीईओ मुख्य रूप से ट्रस्ट के प्रशासन,संचालन और व्यवस्था को पेशेवर तरीके से चलाएंगे।
अब तक राम मंदिर में दान की गणना से लेकर अन्य व्यवस्थाओं का एक सही ढांचा तैयार नहीं हो सका है। नए सीईओ की जिम्मेदारी होगी कि वे मंदिर की तमाम व्यवस्थाओं को पटरी पर लाएं। हालांकि,सीईओ का मंदिर के धार्मिक अनुष्ठानों में हस्तक्षेप नहीं होगा ।
प्रशासनिक व्यवस्था बनाएंगे बेहतर
राम मंदिर परिसर के भीतर तंत्रों को बेहतर बनाना नए सीईओ की पहली बड़ी जिम्मेदारी होगी। दैनिक कार्यों को एक स्ट्रीमलाइन में लाना होगा। साथ ही, अलग-अलग विभागों और कर्मचारियों के बीच वे बेहतर समन्वय स्थापित करने का कार्य करेंगे। इसके अलावा वे मंदिर की ऑपरेशन व्यवस्था को भी मजबूत करेंगे। इसमें वे मंदिर में भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को लेकर व्यवस्था में बदलाव कर सकते हैं।
श्रद्धालुओं को लेकर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, पार्किंग, प्रवेश-निकास आदि की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाएग। इसके अलावा मंदिर की व्यवस्थाओं में संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल बैठाने में भी वे बड़ी भूमिका होगी। वे ट्रस्ट के प्रशासन को अधिक मजबूत और परदर्शी बनाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।


