उत्तर प्रदेश में आस्था परिवर्तन को चल रहा लस्ट जिहाद, 5 केस

UP: पूजा-पाठ छोड़ इन युवाओं ने पढ़ी नमाज, अपनाए इस्लाम के तौर-तरीके, कई मामलों में एक जैसा पैटर्न-बढ़ाई चिंता”West UP Conversion Cases: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के आरोपों से जुड़े कई मामले हाल के महीनों में सामने आए हैं। कहीं घर वापसी, कहीं एटीएस की कार्रवाई हुई तो कहीं खौफनाक कदम तक उठा लिए। कई मामलों में पुलिस जांच जारी है। पढ़िए पूरी पड़ताल।

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वेस्ट यूपी में धर्मांतरण के मामले

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के कई मामले हाल के महीनों में सामने आए हैं। धर्मांतरण के आरोपों से जुड़े प्रकरण लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। सहारनपुर, शामली और मेरठ में सामने आए इन प्रकरणों में परिजनों ने प्रेम संबंधों के बहाने धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाए। कहीं पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की, कहीं घर वापसी हुई तो कहीं एटीएस की जांच के बाद गिरफ्तारियां भी हुईं।

इन घटनाओं ने एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या ये केस केवल किसी धर्म को अपनाने की अलग-अलग घटनाएं हैं या इसके पीछे कोई नेटवर्क काम कर रहा है। जांच एजेंसियों के सामने कई घटनाओं में बड़ा एक समान पैटर्न उभर रहा है। साथ ही ये सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि आखिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ये बार-बार क्यों सामने आ रहे हैं। इन मामलों ने यह भी चिंता बढ़ा दी है कि क्या प्यार और मोहब्बत वेस्ट यूपी के युवाओं को धर्मांतरण की राह पर ले जा रही है। हाल ही में सामने आई ऐसी ही कुछ घटनाओं पर आधारित पढ़ें ये रिपोर्ट-

आयुष मलिक और चांदनी।

सहारनपुर-गौरव शर्मा प्रकरण में एटीएस की जांच से हुए कई खुलासे
सहारनपुर के नवीनगर निवासी गौरव शर्मा के धर्मांतरण मामले में एटीएस की कार्रवाई के बाद जांच ने नया मोड़ लिया था। पुलिस के अनुसार, इस मामले में तीन आरोपियों राशिद, अजहर और सादिक को गिरफ्तार किया गया।

आरोप है कि इन लोगों ने गौरव का धर्म परिवर्तन कराने में भूमिका निभाई। एटीएस जांच में यह भी खुलासा हुआ था कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। जांच में सामने आया कि इन तीनों युवकों की मास्टरमाइंड बंगलूरु निवासी रेशमा है, जिसने गौरव को नमाज पढ़ने और इस्लाम धर्म के तौर-तरीके सिखाए थे।

रेशमा के इशारे पर ही तीनों आरोपी 18 से 21 साल की उम्र के युवकों या युवतियों का ब्रेनवॉश करते थे। इसके बाद उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करते थे।  जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या ऐसे अन्य युवक-युवतियों तक भी पहुंच बनाई गई थी।

दुष्यंत उर्फ फैज फाइल फोटो
मेरठ-दुष्यंत की मौत के बाद धर्मांतरण के आरोपों ने खींचा ध्यान
मेरठ की चित्रकूट कॉलोनी निवासी दुष्यंत चाैधरी की आत्महत्या ने भी पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा था।  दुष्यंत उर्फ फैज (25 वर्ष,  पुत्र स्वर्गीय संजीव चौधरी ) ने 2 फरवरी 2023 को सुबह चार बजे पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।परिजनों का आरोप था कि मुस्लिम युवती से प्रेम विवाह के बाद उस पर आस्था परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था। इसी मामले में पत्नी, साले और अन्य लोगों के खिलाफ आत्महत्या को उकसाने सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। परिजनों का आरोप था कि आस्था परिवर्तन कराने के दबाव में उसने यह कदम उठाया।

दुष्यंत उर्फ फैज फाइल फोटो

दुष्यंत की बहन की शादी थी। इस शादी में बहन की दोस्त फरहा भी पहुंची। दुष्यंत की फरहा से मुलाकात मोहब्बत में बदल गई। लेकिन दुष्यंत को शायद इस बात का अनुमान नहीं था कि ये मोहब्बत ही उसे मौत के रास्ते पर लेकर जा रही है। फरहा से मुलाकात के बाद से जैसे दुष्यंत की जिंदगी बदलने लगी। उसने यहां तक कि अपनी बहन और जीजा से भी रिश्ता खत्म कर लिया।

हिंदू त्योहार छोड़े, इस्लाम को मानने लगा था दुष्यंत
दुष्यंत के परिजनों को धक्का तब लगा जब उसने मुस्लिम  रीति-रिवाज अपना लिये। उनके मजहबी  त्योहार मनाने लगा और सिर पर टोपी पहनना शुरू कर दिया। फरहा से संपर्क के बाद वह गुमसुम रहने लगा था और रक्षाबंधन और भाईदूज जैसे त्योहार मनाना भी बंद कर दिया था। जो लोग उसे फरहा का साथ छोड़ने की बात करते थे तो वह उनसे नाराज हो जाता था।

परिजनों का कहना था कि दुष्यंत ने अपने पारिवारिक और धार्मिक व्यवहार में बदलाव कर लिया था। बाद में सामने आया कि प्रेम विवाह के बाद उस पर आस्था परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था, ऐसे में उसने ये कदम उठाया। हालांकि इस मामले में जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

आयुष मलिक

शामली-आयुष मलिक मामला बना राष्ट्रीय चर्चा का विषय
हाल ही में शामली निवासी आयुष मलिक का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना। स्वामी यशवीर महाराज ने चार जून को आयुष मलिक के आस्था परिवर्तन का विषय सार्वजनिक रूप से उठाया था। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। आरोप था कि चांदनी कुरैशी नामक युवती ने आयुष को अपने प्यार के जाल में फंसाकर आस्था परिवर्तन करा दिया था। छह जून को आयुष के पिता देवराज मलिक की लिखित शिकायत पर शहर कोतवाली में कई नामांकित और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी लिखी गई।

पुलिस अब तक तीन आरोपित पकड़ जेल भेज चुकी है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। वहीं आयुष के घर से एक चाकू, डायरी जिसमें लिखा था-‘आई एम ऑन ए मिशन’, एक मौलाना की फोटो व दो मोबाइल मिले हैं। पुलिस इन्हें कब्जा कर जांच पड़ताल में जुटी है, भागे मौलाना की तलाश जारी है।

बाद में आयुष ने सार्वजनिक रूप से अपने पुराने धर्म में वापस लौटने की घोषणा की और मौन व्रत धारण किया। वह पंद्रह दिन के मौन व्रत पर है। इस मामले में पुलिस अब तक कई आरोपित पकड़ चुकी है जबकि कुछ अन्य की तलाश जारी है।

आयुष को आशीर्वाद देतीं दादी और पूजा करता आयुष।

शामली-अब कार्तिक मामले ने बढ़ाई हलचल
आयुष मामले के बाद अब शामली के खेड़ाभाऊ गांव निवासी कार्तिक का मामला भी चर्चा में है। युवक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे प्रेम संबंधों के बहाने परिवार से अलग किया गया और आस्था परिवर्तन कराया गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

स्वामी यशवीर महाराज ने भी इस मामले को सार्वजनिक करते हुए आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

कार्तिक के धर्मांतरण की शिकायत करने पहुंची मां
जांच में कई बार सामने आए समान पैटर्न?
इन मामलों में कई समान आरोप सामने आए हैं जिनमें एक जैसी कड़ियां सामने आईं हैं। जैसे प्रेम संबंधों से संपर्क बनने के आरोप। परिवार से दूरी बढ़ने के दावे। निकाह को आस्था परिवर्तन का दबाव। परिजनों की पुलिस में शिकायत। प्रॉपर्टी को आस्था परिवर्तन के आरोप। कई बार पुलिस और एटीएस की जांच तक भी ये मामले पहुंचे। हालांकि हर मामले की परिस्थितियां अलग हैं और जांच एजेंसियां प्रत्येक प्रकरण की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही हैं। इसलिए किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्यों बना चर्चा का केंद्र?
सहारनपुर, शामली और मेरठ जैसे जिलों से लगातार ऐसे मामले सामने आने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आस्था परिवर्तन के आरोपों को लेकर सामाजिक और राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
कुछ मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की है, कुछ में एटीएस जांच कर रही है और कुछ मामलों में केवल शिकायतों के आधार पर जांच जारी है। हालांकि जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और कार्रवाई के बाद ही इन मामलों की पूरी तस्वीर साफ होगी, लेकिन इस तरह के बढ़ते मामले सवाल जरूर खड़े कर रहे

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