गंगोत्री यमुनोत्री पहुंचे
उत्तराखंड चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 10.46 लाख पार, आस्था-भक्ति का दिख रहा भव्य समागम
उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026 में 10 लाख 46 हजार से ज्यादा श्रद्धालु कर चुके दर्शन, केदारनाथ में 4 लाख 42 हजार श्रद्धालु लगा चुके हाजिरी
Uttarakhand Chardham Yatra 2026
उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026
उत्तरकाशी/चमोली/रुद्रप्रयाग: विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 जोरों पर चल रही है. कहीं ‘जय मां गंगे’ तो कहीं ‘जय यमुने मैया’ के गूंज सुनाई दे रहे हैं. कहीं ‘बम-बम भोले’ तो कहीं ‘जय बदरी विशाल’ के जयकारे लग रहे हैं. जिससे चारों धाम में आस्था और भक्ति का जबरदस्त माहौल देखने को मिल रहा है. यही वजह है कि अभी तक 10 लाख 46 हजार से ज्यादा श्रद्धालु चारों धाम के दर्शन कर चुके हैं. आज यानी 10 मई की बात करें तो 68,579 श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन कर पुण्य कमाए.
यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या: यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुले थे. तब से लेकर अब तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. आज यानी 10 मई को 12,560 श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर पर हाजिरी लगाई. जिसमें 6,472 पुरुष, 5,774 महिला और 314 बच्चे शामिल रहे. इस तरह से अभी तक यमुनोत्री धाम में 1,68,851 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर आशीर्वाद ले चुके हैं.
गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या: गंगोत्री धाम के कपाट भी 19 अप्रैल को खुले थे. आज यानी 10 मई को 11,864 श्रद्धालुओं ने गंगोत्री धाम पहुंचकर मां गंगा के दर्शन किए. जिसमें 6,347 पुरुष, 5,318 महिला और 199 बच्चे शामिल रहे. ऐसे में अभी तक 1,66,938 श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचे चुके हैं. इस तरह से अब तक यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में 3,35,789 श्रद्धालु दर्शन कर पुण्य कमा चुके हैं.
केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या: केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खोल दिए गए थे. जब से कपाट खुले हैं, तब से लेकर अब तक भक्तों की जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है. आज यानी 10 मई को 22,068 श्रद्धालु बाबा केदार के दर पर पहुंचे. जिसमें 11,120 पुरुष, 10,805 महिला और 141 बच्चे भी शामिल रहे. इस तरह से अभी तक 4,42,946 श्रद्धालु हिमालय की गोद में बसे केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं.
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या: बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोले गए थे.आज यानी 10 मई को 22,087 श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ धाम पहुंचकर भू बैकुंठ भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए.जिसमें 13,206 पुरुष,7,877 महिला और 1,004 बच्चे शामिल रहे.इस तरह से अभी तक बदरीनाथ धाम में 2,67,670 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं.वहीं,अभी तक 10,46,405 श्रद्धालु चारों धाम में पहुंच चुके हैं.
चारधाम यात्रा में बढ़ती मौतें बनी चिंता, 18 दिन में 34 श्रद्धालुओं ने गंवाई जान, जानिये इसकी वजह
चारधाम यात्रा में अबतक सबसे ज्यादा मौतें केदारनाथ यात्रा मार्ग पर दर्ज की गई हैं. यहां 18 यात्रियों ने दम तोड़ा है.
DEATHS IN CHAR DHAM YATRA 2026
चारधाम यात्रा 2026
देहरादून (उत्तराखंड): चारधाम यात्रा इस समय आस्था के सबसे बड़े केंद्र के रूप में देशभर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही है. पहाड़ों में स्थित बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. इस आध्यात्मिक यात्रा के बीच लगातार सामने आ रही तीर्थयात्रियों की मौतों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की 9 मई 2026 को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद अबतक कुल 34 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है. सबसे ज्यादा मौतें केदारनाथ यात्रा मार्ग पर दर्ज की गई हैं. यहां 18 यात्रियों ने दम तोड़ा है.
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सबसे ज्यादा मौतें: चारधाम यात्रा के आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ दिखाई देता है कि सबसे अधिक भीड़ केदारनाथ धाम में उमड़ रही है. यही वजह है कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी सबसे ज्यादा इसी रूट पर सामने आ रही हैं. रिपोर्ट के अनुसार 22 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से अब तक केदारनाथ धाम में 4 लाख 1 हजार 748 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. इसी दौरान 18 तीर्थयात्रियों की मौत हुई है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मरने वाले ज्यादातर श्रद्धालु हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, सांस संबंधी दिक्कत और हाई एल्टीट्यूड सिकनेस जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे. डीजी हेल्थ डॉ सुनीता टम्टा का कहना है कि जितनी भी मौत हुई है सभी चढ़ाई पर चढ़ते हुए हुई हैं.
चारधाम यात्रा मौत के कारण
चारधाम यात्रा में क्यों हो रही मौतें? डीजी हेल्थ डॉ सुनीता टम्टा ने कहा केदारनाथ धाम की ऊंचाई पर है. यहां पहुंचने वाला पैदलमार्ग कठिन है. यह पैदल मार्ग कई बार पहले से बीमार लोगों के लिए जोखिम भरा साबित होता है. यात्रा के दौरान ऑक्सीजन की कमी लगातार चढ़ाई और मौसम में अचानक बदलाव शरीर पर गंभीर असर डालते हैं. यही कारण है कि प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से मेडिकल जांच करवाने की अपील कर रहा है. आज कल लोग कम समय में सभी धाम जाना चाहते हैं. यह उनके शरीर के लिए ठीक नहीं है.
चारों धामों में उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब: उत्तराखंड में इस वर्ष चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई थी. इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खोले गए. कपाट खुलते ही देशभर से श्रद्धालुओं का सैलाब उत्तराखंड पहुंचने लगा. धार्मिक उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल 18 दिनों में चारों धामों में 9 लाख 21 हजार 342 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं.
आंकड़ों के अनुसार बदरीनाथ धाम में अब तक 2 लाख 30 हजार 48 श्रद्धालु पहुंचे हैं. गंगोत्री धाम में 1 लाख 42 हजार 999 और यमुनोत्री धाम में 1 लाख 45 हजार 225 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. यात्रा मार्गों पर लगातार बढ़ती भीड़ प्रशासन के लिए भी चुनौती बनती जा रही है. होटल, पार्किंग, मेडिकल सहायता और ट्रैफिक प्रबंधन जैसे मुद्दों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है.
एडवाइजरी नजरअंदाज करना पड़ रहा भारी: चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत हेल्थ एडवाइजरी जारी की थी. इसमें साफ तौर पर कहा गया था कि जिन लोगों को हृदय रोग, शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, अस्थमा या अन्य गंभीर बीमारी है, वे डॉक्टर से फिटनेस प्रमाणपत्र लेने के बाद ही यात्रा करें. इसके बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु यात्रा पर पहुंच रहे हैं, जिनकी शारीरिक स्थिति ऊंचाई वाले इलाकों के अनुकूल नहीं है.
चारधाम की समुद्र तल से ऊंचाई
विभाग के अनुसार यात्रा रूट पर 47 डेडिकेटेड अस्पताल बनाए गए हैं. इसके अलावा 28 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और 400 से अधिक चिकित्सकों की तैनाती की गई है. कई स्थानों पर ऑक्सीजन सुविधा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं. बावजूद इसके लगातार हो रही मौतें इस बात का संकेत हैं कि श्रद्धालुओं को अपनी सेहत को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है.
आस्था के साथ स्वास्थ्य का संतुलन जरूरी: चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आस्था नहीं बल्कि शारीरिक क्षमता की भी परीक्षा मानी जाती है. कठिन पहाड़ी रास्ते, ठंडा मौसम और ऊंचाई वाले इलाकों का वातावरण कई बार सामान्य व्यक्ति के लिए भी चुनौती बन जाता है. ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले जरूरी मेडिकल जांच जरूर करानी चाहिए. साथ ही यात्रा के दौरान पर्याप्त आराम पानी और जरूरी दवाइयों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें. अस्वस्थ महसूस होने पर तुरंत नजदीकी मेडिकल कैंप में संपर्क करें.
CHAR DHAM YATRA 2026
क्या सावधानियां बरतें
डीजी हेल्थ ने की खास अपील:
हम लगातार लोगों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं. हम पहले ही चारधाम यात्रा को लेकर एडवाइजरी जारी कर चुके हैं. अभी तक डेढ़ लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है. अधिकतर लोग स्क्रीनिंग नहीं करवा रहे हैं. उन्हें लगता है कि अगर कुछ हुआ तो आगे नहीं जाने दिया जाएगा. हम लोगों को फोर्स भी नहीं कर सकते हैं. सभी हेल्थ चेकअप के बाद ही यात्रा करें.
– डॉ सुनीता टम्टा, डीजी हेल्थ –
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