नेपाल बाढ: पहचान को मृतकों के चित्र जारी, मौतें पहुंची 616; 2500 लापता
Nepal Flash Flood: नेपाल ने मृतकों की जारी की तस्वीरें, 616 लोगों की मौत; 2500 लापता
नेपाल में फ्लैश फ्लड में सैकड़ों मौतें हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं. भारत समेत कई देश राहत कार्यों में नेपाल की मदद कर रहे हैं.
नेपाल में बुधवार की अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है. भोटे कोशी नदी में तेज बाढ ने लोगों, घरों, गाड़ियों और पुल-पावर प्रोजेक्ट जैसे जरूरी ढांचेड अपनी चपेट में ले लिये. इस बीच नेपाल ने विदेशी मदद लेने का प्रस्ताव मान लिया है. ताजा आंकड़ों के अनुसार अब तक 626 मौतें हो चुकी हैं, जबकि 2500 से ज्यादा लोग लापता है.
निचले इलाक़ों में रहने वाले लोगों का कहना है कि उन्हें चीनी अधिकारियों की तरफ़ से समय पर कोई आधिकारिक चेतावनी नहीं मिली. बीजिंग से पहले स्थानीय लोगों ने ख़तरे की सूचना दी. त्रिशूली नदी का जलस्तर क़रीब 30 मिनट में नौ मीटर तक बढ़ गया. यही आधा घंटा किसी के सुरक्षित जगह तक पहुँचने और बालकनी पर फँसकर दुनिया को अपनी आंखों के सामने मिटते देखने के बीच का फ़र्क़ है.”
”चीन ने बाद में समय पर चेतावनी देने में किसी नाकामी से इनकार किया और कहा कि बर्फ़ और चट्टानों का हिमस्खलन इतना अचानक हुआ कि नदी के गेज भी उसे मुश्किल से पकड़ पाए. फिर यह बताया जाना चाहिए कि 2025 में इसी नदी में आई बाढ़ के बाद जिस सीमा-पार पूर्व चेतावनी प्रणाली पर चर्चा हुई थी, वह इस बार बाढ़ आने तक भी समझौते के रूप में लागू क्यों नहीं हो पाई? ऊपर की तरफ से आने वाली ख़ामोशी कोई तकनीकी मामूली बात नहीं है. यह उन लोगों से छीने गए मिनट हैं, जिनके पास बचने के लिए कहीं जाने का समय नहीं था.”
बचाव कार्य में सेना, पुलिस और राहत एजेंसियां लगातार जुटी हैं, लेकिन सड़कें, पुल और संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने से अभियान मुश्किल हो रहा हैं. बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक और तीर्थयात्री भी अभी लापता हैं. हेलीकॉप्टरों से फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है. नेपाल सरकार के साथ भारत समेत कई देश राहत और बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं.
नेपाल में सुरंग में रेस्क्यू के लिए भारतीय एक्सपर्ट टीम शामिल
नेपाल में भयानक बाढ़ के बाद सुरंग में बचाव के लिए भारतीय एक्सपर्ट टीम शामिल हुई. नेपाल और भारत की मिली जुली कोशिश से लोगों की बचाने की कवायद जारी है.
मुंबई के अंधेरी इलाके से नेपाल घूमने गए डॉक्टर मिलिंद चितळे और उनकी पत्नी जानवी चितळे के लापता होने की जानकारी सामने आई है. दोनों मानसरोवर की यात्रा के लिए नेपाल गए थे. नेपाल में हुई दुर्घटना के बाद से डॉक्टर दंपती से परिवार का कोई संपर्क नहीं हो पाया है.
मुंबई के अंधेरी पूर्व के एमआईडीसी क्षेत्र के मालपा डोंगरी इलाके में डॉक्टर मिलिंद चितळे का क्लिनिक है.क्लिनिक 24 अगस्त से बंद है. क्लिनिक पर एक नोटिस भी लगाया गया है, जिसमें बताया गया था कि डॉक्टर 24 अगस्त से 6 सितंबर तक मानसरोवर की यात्रा पर रहेंगे.
हालांकि, नेपाल में हुई दुर्घटना के बाद से डॉक्टर दंपति से संपर्क नहीं होने के कारण परिवार के साथ-साथ उनके परिचितों में भी चिंता का माहौल है. परिवार के सदस्यों ने राज्य सरकार से डॉक्टर मिलिंद चितळे और उनकी पत्नी जानवी को जल्द से जल्द तलाश कर सुरक्षित भारत वापस लाने की अपील की है.
नेपाल सरकार ने जारी की मृतकों की तस्वीरें
नेपाल सरकार ने रसुवा भोटेकोशी आपदा से अज्ञात शवों की तस्वीरें जारी की हैं. कृपया उन्हें देखें और पीड़ितों की पहचान करने में मदद करें. अपनों की तलाश कर रहे लोगों तक भी इस जानकारी को पहुंचा सकते हैं।
नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया
नेपाल के फाइनेंस मिनिस्टर स्वर्णिम वागले ने देवीघाट में बाढ़ के असर का इंस्पेक्शन किया है. नेपाल में बाढ़ में कम से कम 500 लोगों की मौत हो गई है.
भारत से मदद के लिए नेपाल पहुंची टीम
नेपाल में आई बाढ़ के बाद लगातार बचाव और राहत कार्य जारी है. इस बीच भारत से 11 सदस्यों वाली भारतीय बचाव टीम नेपाल पहुंची है. अचानक आई बाढ़ में 500 से ज्यादा लोगों की मौत और लगभग 2000 लोगों के लापता होने के बाद, बचाव कार्यों में स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए शनिवार को 11 सदस्यों वाली भारतीय टीम नेपाल पहुंची है.
नेपाल में 616 मौतें
नेपाल में आई बाढ़ के बाद मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है.ताजा जानकारी के मुताबिक नेपाल में मृतकों की संख्या 616 हो चुकी हैं.जबकि 2301 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.नेपाल पुलिस और नेपाल सेना की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है.जहां राहत और बचाव का कार्य भी जारी है.
नेपाल बाढ़ में 586 शव बरामद
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है. काटमांडू की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक 586 शव निकाले जा चुके हैं. जबकि लापता लोगों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है. 2500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है. नेपाल में फंसे भारत के 320 नागरिकों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है. 150 से ज्यादा नागरिक सुरक्षित रूप से वापस पहुंच चुके हैं.
भारत से तीसरी फ्लाइट काठमांडू पहुंची
नेपाल में आई बाढ़ के बाद भारत से लगातार मदद भेजी जा रही है.दो फ्लाइट से पहले ही राहत सामग्री भेजी जा चुकी है.जबकि तीसरी फ्लाइट भी काठमांडू पहुंच गई है.विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी है.राहत का सामान और 11 लोगों की मेडिकल और टनल रेस्क्यू टीम अब जमीन पर है.भारत की तरफ से राहत सामग्री नेपाल भेजी गई है.
नेपाल में फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा, त्रिशूली नदी किनारे रहने वालों को हाई अलर्ट
नेपाल के रसुवा जिला पुलिस कार्यालय को चीनी अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार भोटे कोशी नदी में एक बार फिर जलस्तर बढ़ गया है. प्रशासन ने त्रिशूली नदी के किनारे मुग्लिंग तक रहने वाले लोगों से अगली सूचना तक सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता बरतने की अपील की है.
नेपाल बाढ़: दो प्रमुख पावर प्रोजेक्ट से 934 लोग लापता, रेस्क्यू अभियान जारी
नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में बाढ़ के बाद बिजली परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है. रसुवा के एक पावर प्रोजेक्ट से 730 लोग लापता बताए गए हैं, जबकि नुवाकोट की बिजली परियोजना से 204 लोगों का अब तक पता नहीं चल पाया है. बचाव और तलाश अभियान लगातार जारी है.
नेपाल-तिब्बत बाढ़ में 93 हजार लोग प्रभावित, हजारों घर तबाह
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ ने बड़े मानवीय संकट को जन्म दिया है. रेड क्रॉस के अनुसार इस आपदा से करीब 93 हजार लोग प्रभावित हुए हैं और हजारों घर या तो पूरी तरह नष्ट हो गए हैं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं. सड़कें, पुल, बिजली और मोबाइल नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित होने से कई इलाकों तक राहत टीमें अभी नहीं पहुंच सकी हैं. अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है.
नेपाल में लापता लोगों की संख्या 2,482 पहुंची
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है. नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने शुक्रवार को 1,924 लोगों के लापता होने की जानकारी दी. वहीं तिब्बत में 558 लोग पहले से लापता बताए गए थे. दोनों आंकड़ों को मिलाकर लापता लोगों की संख्या कम से कम 2,482 पहुंच गई है.
नेपाल बाढ़: महाराष्ट्र के 395 नागरिक फंसे, 325 से संपर्क हुआ
नेपाल में बाढ़ और खराब मौसम के बीच महाराष्ट्र के 395 नागरिकों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है. महाराष्ट्र सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार इनमें से 325 लोगों से संपर्क स्थापित कर लिया गया है और सभी सुरक्षित हैं. राज्य सरकार ने काठमांडू से इन नागरिकों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों की टीम लगातार शेष लोगों का पता लगाने में जुटी है और नेपाल प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर राहत एवं सहायता कार्य कर रही है।
नेपाल बाढ़ में अब तक 3,000 से ज्यादा लोगों को बचाया गया
नेपाल के रसुवा जिले की भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं. बाढ़ में कई लोग घायल हुए हैं. राहत एवं बचाव अभियान के तहत 3,042 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें 25 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. अभियान में 14,533 सुरक्षाकर्मी और हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं. सरकार ने प्रभावित जिलों के लिए राहत राशि जारी की है तथा करीब 90 टन खाद्य और जरूरी राहत सामग्री प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाई गई है.
नेपाल से 96 नागरिक सुरक्षित निकाले गए, दिल्ली पहुंचे तमिलनाडु के 21 लोग
नेपाल आपदा के बीच भारत सरकार राहत और संपर्क अभियान चला रही है. चीन से 96 भारतीय नागरिक नेपाल के रास्ते सुरक्षित निकाले जा चुके हैं. तमिलनाडु के 21 लोग दिल्ली पहुंच गए हैं, जबकि 320 भारतीय और 100 पीआईओ से अब भी संपर्क नहीं हो सका है.
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक यह आपदा ग्लेशियर धंसने के बाद आई भीषण मलबा और बाढ़ की लहर से हुई. उधर भारत में नेपाल से आने वाली नदियों से सात शव बरामद किए गए हैं, जिनकी पहचान की जा रही है.
नेपाल आपदा में 400 भारतीय अब भी लापता, NDRF भेजने को तैयार भारत
नेपाल में आई भीषण आपदा में 400 भारतीय लापता होने की आशंका है. भारत सरकार चीन और नेपाल के अधिकारियों के संपर्क में है. NDRF टीम भेजने की तैयारी है, जबकि 96 फंसे भारतीय नेपाल के रास्ते सुरक्षित स्वदेश लौटे हैं.

