पंजाब विस में पास हुआ अनादर पर देश का सबसे कठोर कानून,25 लाख रुपए अर्थदण्ड से आजीवन कारावास तक होगी सजा

पंजाब सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी रोकने के लिए सख्त विधेयक पास हो गया है। इसमें दोषियों के लिए उम्रकैद तक की सज़ा का प्रावधान रखा गया है।
चंडीगढ़ 06 मई 2026 । पंजाब विधानसभा के सत्र में बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए अहम विधेयक सदन में पास कर दिया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस बिल को विधानसभा में पेश किया। फिर इसे लेकर बहस भी शुरू हुई। मुख्यमंत्री ने शुरुआत में ही विपक्ष से अपील की कि वह वॉक आउट न करे और इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा में भाग ले। बिल पेश होने पर सदन में इस पर विचार-विमर्श शुरू हुआ।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में अनादर विधेयक पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि अब तक 80 से 90 प्रतिशत मामलों में आरोपितों को मानसिक रूप से बीमार बताकर मामला कमजोर किया जाता रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए विधेयक में इस पक्ष को ध्यान में रखते हुए प्रावधान है और ऐसे मामलों में आरोपित की मानसिक स्थिति की जांच करवाई जाएगी।
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि इस कानून में “आजीवन ” का मतलब सिर्फ कुछ साल की सजा नहीं, बल्कि दोषी के जीवन के अंतिम समय तक जेल में रहना होगा। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में कस्टोडियन की भी स्पष्ट परिभाषा दी जाएगी, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यह एक राज्य का विधेयक है, इसलिए इसे राष्ट्रपति के पास भेजने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही उन्होंने जोर दिया कि राज्यपाल से इस बिल को मंजूरी दिलवाना सरकार और विपक्ष दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है, और इसके लिए सभी दल एक साथ प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री मान ने सदन में यह भरोसा भी दिया कि यह बिल बार-बार विधानसभा में लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि उनकी पार्टी इस बिल का समर्थन करती है, लेकिन उनकी मांग है कि इस मामले की जांच कमेटी की रिपोर्ट पहले सदन में पेश की जाए। उन्होंने कहा कि कमेटी ने अलग-अलग वर्गों के लोगों से बातचीत की है,इसलिए उसकी पूरी रिपोर्ट सामने आनी चाहिए।

इस पर स्पीकर ने जवाब दिया कि कमेटी अपना काम कर रही है और वह अपनी रिपोर्ट जल्द ही सदन में पेश करेगी। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नकोदर कांड की जांच भी यही कमेटी करेगी।

सदन में उपस्थित सभापति कुलतार सिंह संधवां।

उद्देश्य: धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता की रक्षा करना
इस सत्र में सबसे महत्वपूर्ण विषय रहा श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अनादर से जुड़ा प्रस्तावित नया कानून। मंत्रिमंडल से पहले ही अनुमोदित इस विधेयक को अब विधानसभा में लाया गया है। नाम ‘जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक 2026′ है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता की रक्षा करना और अपमान जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना है।

संशोधन समय की जरूरत
सरकार का कहना है कि पिछले वर्षों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अनादर की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे समाज में गहरी नाराजगी और तनाव पैदा हुआ है। इन घटनाओं ने न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है बल्कि सामाजिक सद्भाव भी प्रभावित किया है। सरकार ने यह भी कहा कि मौजूदा कानूनों में ऐसे मामलों को सज़ा पर्याप्त कठोर नहीं है, इसलिए कठोर संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई।

कई कठोर दंडात्मक प्रावधान भी हैं शामिल
प्रस्तावित संशोधन में अनादर के मामलों में दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा अन्य कठोर दंडात्मक प्रावधान भी शामिल हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। सरकार का दावा है कि यह कानून समाज में शांति, भाईचारे और धार्मिक सम्मान को मजबूत करेगा।

मंत्रिमंडल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी भी समुदाय को निशाना बनाने को नहीं बल्कि धार्मिक पवित्रता और सामाजिक संतुलन बनाए रखने को उठाया गया है। विधेयक के अनुसार, जानबूझकर धार्मिक ग्रंथों की अवमानना करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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