बचाव टीमें

Uttarkashi Cloudburst In dharali Soldiers became angels this is how they saved lives amid flood and debris Pho
Uttarkashi Flood: देवदूत बने सेना के जवान…बाढ़ और मलबे के बीच ऐसे बचाई कई जिंदगियां,
Uttarkashi Cloudburst: एसडीआरएफ की पोस्ट भटवाड़ी व गंगोत्री से रेस्क्यू टीमें उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई है। टीमें लगातार रेस्क्यू में जुटी हैं।

उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने के बाद खीरगंगा में आई बाढ़ में कई लोगों की जिंदगियां चली गई। वहीं, बाढ़ और मलबे के बीच फंसे लोगों के लिए सेना और एसडीआरएफ के जवान देवदूत बनकर सामने आए।

सूचना मिलते ही सबसे पहले बचाव व राहत कार्य के लिए सेना के जवानों ने मोर्चा संभाला। सेना के जवानों ने मलबे व क्षतिग्रस्त मकानों व होटलों में फंसे लोगों को निकाला। हर्षिल से लगभग चार किमी. पहले थराली गांव के ऊपरी तरफ बादल फटने से खीर गंगा में बाढ़ ने तबाही मचाई। हर्षिल में सेना का बेस कैंप है। सूचना मिलते ही सबसे पहले सेना के जवान मौके पर पहुंचे और बचाव व राहत कार्य में जुटे।

प्रदेश सरकार ने देहरादून, गंगोत्री से भी एसडीआरएफ की टीम को मौके पर रवाना किया है। लेकिन लगातार बारिश से उत्तरकाशी जिले में जगह-जगह सड़क मार्ग अवरुद्ध होने से बचाव दल फंसे रहे। रात नौ बजे जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य भी नैताला में सड़क बंद होने से फंसे रहे।

वहीं, आपदा में बचाव कार्यों के लिए सेना की आईबेक्स बिग्रेड पहुंची है। यह बिग्रेड पर्वतीय क्षेत्रों में बचाव अभियान चलाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित होती है।

आईबेक्स बिग्रेड भारतीय सेना की एक स्वतंत्र माउंटेन बिग्रेड है। इस ब्रिगेड के जवानों की ट्रेनिंग ऐसी होती है कि किसी भी तरह की आपदा, बर्फबारी का इन पर असर नहीं होता। बेहद विपरीत परिस्थितियों में ये जवान काम कर सकते हैं। इस साल माणा में हुए हिमस्खलन में इस ब्रिगेड ने 46 मजदूरों को बर्फीले तूफान से सकुशल बाहर निकाला था।

भारतीय सेना की आईबेक्स ब्रिगेड गढ़वाल हिमालय में एलओसी की करीब 250 किलोमीटर तक रक्षा करती है। इनकी तैनाती अमूमन 9,000 फीट, 12,000 फीट या फिर 15,000 फीट पर होती है।

आपदा के बाद जिला प्रशासन ने वीडियो के आधार पर 25-35 लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई है। साथ ही 25-30 होटल, दुकानें मलबे के सैलाब में बहने के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं हर्षिल हेलिपैड के आसपास के क्षेत्र में भी भारी तबाही हुई है।

जवानों ने सुरक्षित निकाले गए लोगों की जांच करवाई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया की राहत बचाव में लगी टीमों ने धराली गांव से 60 लोगों को सुरक्षित कोपांग आईटीबीपी कैंप और 50 को गंगोत्री पहुंचाया है। साथ ही घटना में चार लोगों की मौत, 30 लापता हैं। वहीं 30 होटलों और दुकानों को नुकसान हुआ है।

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