लस्ट जिहाद यमुनानगर में शाहबाज को सात साल कैद, एक लाख रुपए अर्थदण्ड

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लव जिहाद देश को खतरा, नाबालिग हिंदू लड़की को निशाना बनाने वाले शाहबाज को यमुनानगर कोर्ट ने 7 साल को भेजा जेल
हरियाणा में यमुनानगर की एक अदालत ने एक व्यक्ति को सात साल की कठोर क़ैद की सज़ा सुनाई है, क्योंकि उसने एक नाबालिग हिंदू लड़की को मुस्लिम लड़के जुनैद के साथ संबंध बनाने को मजबूर किया था। अदालत ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला बताते हुए दोषी पर जुर्माना भी लगाया।

शशि मिश्र
गुरुग्राम 30 जुलाई 2025 : यमुनानगर की एक अदालत ने एक आदमी को सात साल की कठोर क़ैद की सज़ा सुनाई है। उस आदमी पर आरोप है कि उसने एक नाबालिग हिंदू लड़की को एक मुस्लिम लड़के जुनैद के साथ रिश्ता बनाने को मजबूर किया। अदालत ने इस मामले को ‘लव जिहाद’ का मामला बताया है। अदालत ने दोषी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट का कहना है कि ऐसे काम देश की एकता और अखंडता को ख़तरा हैं।
अदालत ने माना कि ‘लव जिहाद’ भारतीय न्याय संहिता (BNS) या Pocso एक्ट में कोई क़ानूनी शब्द नहीं है। लेकिन अदालत ने इसे मुस्लिम पुरुषों के गैर-मुस्लिम महिलाओं को प्यार का नाटक करके मुस्लिम में बदलने का एक अभियान बताया है। इसका मतलब है कि कुछ मुस्लिम मर्द प्यार का दिखावा करके हिन्दू लड़कियों को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करते हैं।

क्या है लव जिहाद का मामला
पिछले साल नवंबर में, 14 साल की एक लड़की के पिता ने सिटी यमुनानगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने शाहबाज और एक नाबालिग लड़के जुनैद का नाम लिया था। लड़की ने आरोप लगाया कि लड़का स्कूल जाते समय उसका पीछा करता था। शाहबाज उस पर लड़के से दोस्ती करने का दबाव डालता था और कहता था कि बाद में जुनैद से उसकी शादी करा प्रोटेक्शन भी देंगें. लडकी और जुनैद एक ही कक्षा में पढते थे. कक्षा में एक और लडकी जोया भी जुनैद से दोस्ती को दबाव बनाती थी.

पुलिस ने लिखा था मुकदमा
FIR में BNS की धारा 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र) और 351(2) (आपराधिक धमकी), और Pocso एक्ट की धारा 17 (उकसाना), 8 (यौन हमला) और 12 (बच्चे का यौन उत्पीड़न) लगाई गई थीं। बचाव पक्ष के वकील, एस.एस. नेहरा ने कहा कि आरोपित को झूठा फंसाया गया है। उनका कहना था कि शाहबाज ने कुछ नहीं किया है।

14 वर्षीय लड़की को परेशान के मामले में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज ने कड़ा रुख अपनाया. सरकारी वकील गुरुदेव टंडन ने बताया कि शाहबाज खान को मामले में पहले ही दोषी ठहराया जा चुका था. कोर्ट ने उसे तीन अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई. इसमें 4 साल, 2 साल और 1 साल की सजा शामिल है, जो एक के बाद एक भुगतनी होगी. कुल मिलाकर आरोपित को  7 साल जेल में बिताने होंगें.

मोबाइल कॉल कर परेशान करता था युवक: सरकारी वकील ने बताया कि थाना शहर के हमीदा इलाके में एक दिन लड़की को अज्ञात नंबर से फोन आया. फोन कॉल के बाद वह परेशान दिखी, जिसे देखकर उसके पिता ने कारण पूछा. लड़की ने बताया कि एक व्यक्ति पिछले कुछ दिनों से उसे फोन करके एक लड़के से दोस्ती करने के लिए दबाव बना रहा है. मामला गंभीर होने के कारण पिता ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

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नालाबिग पर दोस्ती का बना रहा था दबाव: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए. जांच में सामने आया कि शाहबाज खान उर्फ आशु  नाबालिग को परेशान कर रहा था. पुलिस ने उसे पकड़ लिया. इस मामले में जिस युवक से दोस्ती को दबाव बनाया जा रहा था, उसके खिलाफ भी अलग से मुकदमा चल रहा है.

दोषी का रहा है आपराधिक रिकॉर्ड: सरकारी वकील ने बताया कि शाहबाज खान के खिलाफ पहले भी ऐसा ही एक मामला दर्ज हुआ था, लेकिन गवाहों के पीछे हटने के कारण वह बच गया था. इस बार नाबालिग और उसके परिजनों ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयानों पर डटकर सामना किया. अन्य गवाहों ने भी अपने बयानों को कायम रखा, जिसके चलते कोर्ट ने मात्र 5 महीने 25 दिनों में यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया.

सात साल जेल में काटने होंगे
लेकिन, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रंजना अग्रवाल ने 17 जुलाई के अपने आदेश में कहा कि शाहबाज ने लालच और प्रलोभन से एक अंतरधार्मिक संबंध बनाने की कोशिश की। मतलब उसने लड़की को बहला-फुसलाकर दूसरे धर्म के लड़के से रिश्ता बनाने को मजबूर किया। अदालत ने उसे Pocso एक्ट की धारा 8 में चार साल, धारा 12 में दो साल और BNS की धारा 351(2) में एक साल की सज़ा सुनाई है। उस पर कुल 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सभी सज़ाएं एक के बाद एक चलेंगी। इसका मतलब है कि उसे कुल सात साल जेल में रहना होगा।

 

 

 

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