सुलेमान के फार्म हाउस से मिला 10 टन अमोनियम नाइट्रेट
Nagaur Explosive Seizure Nia And Ib Probe After 10 Tonne Ammonium Nitrate Recovered
नागौर में 10 टन विस्फोटक बरामद, NIA और IB ने जांच शुरू, आरोपी सुलेमान खान का BP बढ़ा
नागौर में गणतंत्र दिवस से पहले 9550 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद होने के बाद गृह मंत्रालय अलर्ट हुआ। NIA और IB ने जांच शुरू कर दी है। इसी बीच आरोपी सुलेमान खान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नागौर से 9,550 किलो विस्फोटक बरामद
NIA और IB ने शुरू की जांच
आरोपी सुलेमान खान गिरफ्तार
पहले भी विस्फोटक केस दर्ज
आरोपी सुलेमान खान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नागौर: राजस्थान के नागौर जिले में गणतंत्र दिवस समारोह से पहले भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री पकड़े जाने के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। करीब 10 टन अमोनियम नाइट्रेट की बरामदगी के बाद गृह मंत्रालय अलर्ट हो गया है। सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की टीमें नागौर पहुंचीं और मामले की जांच शुरू की।
हरसौर गांव पहुंची जांच एजेंसियां
इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी नागौर के हरसौर गांव स्थित उस खेत पर पहुंचे, जहां से विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। टीम ने मौके का गहन निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही गिरफ्तार आरोपित सुलेमान खान (58) के फार्म हाउस की भी बारीकी से तलाशी ली गई। जांच एजेंसियों को मिले शुरुआती इनपुट के आधार पर मामले में किसी बड़े नेटवर्क और षडयंत्र की आशंका जताई जा रही है।
187 बोरियों में मिला 9,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट
दरअसल, शनिवार को पुलिस ने हरसौर गांव के एक खेत से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। मौके से कुल 187 कट्टों में भरा हुआ 9,550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया गया। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में सुलेमान खान पकड़ा था ।
पूछताछ से पहले बिगड़ी आरोपित की तबीयत
इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूछताछ शुरू किए जाने से पहले ही आरोपित सुलेमान खान की तबीयत अचानक बिगड़ गई। थांवला थानाधिकारी अशोक कुमार झाझड़िया ने बताया कि तबीयत खराब होने पर आरोपित को पहले थांवला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे अजमेर रेफर कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में उसका ब्लड प्रेशर हाई होना सामने आया है।
31 दिसंबर को टोंक में पकड़ा गया था 150 किलो विस्फोटक
नागौर की इस कार्रवाई के पहले टोंक में एक कार से 150 किलो विस्फोटक (अमोनियम नाइट्रेट) मिला था। 31 दिसंबर को कार ले जा रहे 2 लोग पकड़े गये थे। बरौनी थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-52 स्थित चिरौंज गांव में कार पकड़ी गई थी। कार सवार लोगों ने यूरिया खाद के कट्टों में यह विस्फोटक छुपाया था। इसकी जांच भी एनआईए की टीम कर रही है।
NIA और गृह मंत्रालय की स्पेशल टीम ने की जांच
नागौर में अवैध विस्फोटक सामग्री मामले की जांच को NIA, गृह मंत्रालय की स्पेशल टीम और खुफिया विभाग की टीमें पहुंची हैं. सुलेमान के साथी बलवंत सिंह को हिरासत में लिया गया है.
राजस्थान के नागौर जिले में अवैध विस्फोटक सामग्री के मामले में जांच तेज हो गई है. इस सिलसिले में NIA, गृह मंत्रालय की स्पेशल टीम और खुफिया विभाग की टीमें नागौर पहुंची हैं. केंद्रीय एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जांच शुरू की । टीमें थांवला थाना क्षेत्र के हरसौर गांव पहुंचीं, जहां इस मामले के आरोपित सुलेमान खान का घर है. यहां केंद्रीय और स्थानीय एजेंसियों ने आरोपित से पूछताछ की. पूछताछ में मामले से जुड़े कई पहलुओं को खंगाला गया।
जांच में आरोपित सुलेमान का साथी बलवंत सिंह भी पकड़ या है.उससे भी लगातार पूछताछ हो रही है. सूत्रों के अनुसार सुलेमान खान और बलवंत सिंह ने मिलकर इसकी शुरुआत की थी.बताया जा रहा है कि बलवंत सिंह पहले नौकरी करता था और धीरे-धीरे चोरी छिपे इस गतिविधि में शामिल हुआ.
इलाके में अवैध खनन और विस्फोटक उपयोग की जांच तेज
सूत्रों के अनुसार बलवंत सिंह ने कुछ महीने पहले ही यह काम बंद कर दिया था.जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि इस पूरे इलाके में भारी अवैध खनन होता है,जिससे विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल की आशंका बनी रहती है.फिलहाल NIA,गृह मंत्रालय की स्पेशल टीम और खुफिया विभाग पूरे नेटवर्क और गतिविधियों की जांच कर रहे हैं.केंद्रीय एजेंसियां इस मामले से जुड़े सभी तथ्य जुटाने में लगी हुई हैं और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी.

