बाबर की कब्र से कैसा अनुराग है कांग्रेस को?
बाबर की कब्र तो काबुल में, फिर कौन-कौन वहां सजदा करने गया, जिसका जिक्र योगी आदित्यनाथ ने किया?
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग भगवान राम को तो कैद करके रखते हैं, लेकिन बाबर की कब्र पर सजदा करते हैं. सवाल ये है कि आखिर बाबर की कब्र है कहां और कौन कौन नेता गया वहां?
बाबर की कब्र काबुल में, किसने किया वहां सजदा, जिसका जिक्र CM योगी ने किया
काबुल में मौजूद बाबर की कब्र. (Reuters)
यूपी के मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को रामलला के बहाने विपक्ष पर ऐसे बरसे जिसका जवाब देना मुश्किल होगा. योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दिया था कि प्रभु राम काल्पनिक हैं. सपा ने इसी अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं. इन लोगों ने राम मंदिर के विरोध में वकीलों की फौज खड़ी कर दी. ये बाबर की कब्र पर तो सजदा करते हैं लेकिन राम मंदिर के निमंत्रण को ठुकरा देते हैं.’ योगी आदित्यनाथ ने भले ही नाम नहीं लिया, लेकिन निशाना किसी से छिपा नहीं था. उन्होंने सीधे-सीधे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों पर हमला किया. अब सवाल उठता है कि बाबर की कब्र आखिर है कहां? और कौन-कौन वहां गया है?
बाबर की कब्र भारत में नहीं, अफगानिस्तान में है. जी हां, भारत के पहले मुगल शासक जहीरुद्दीन बाबर की कब्र हिंदुस्तान में नहीं, बल्कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में है. वहां एक खूबसूरत बगीचा है जिसे बाग-ए-बाबर कहा जाता है, जिसमें यह मकबरा बना हुआ है. अफगानिस्तान की सरकार ने इसे राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया है. हर साल हजारों की संख्या में देश दुनिया से लोग यहां पहुंचते हैं. इनमें से तमाम नेता भारत के भी हैं. योगी का निशाना उन्हीं नेताओं की ओर था, जो यहां जाकर सिर झुकाते रहे हैं.
कहां से उठा सवाल
कुछ दिनों पहले जेएनयू प्रोफेसर आनंद रंगनाथन ने सोशल मीडिया में इसे लेकर तंज कसा था. उन्होंने लिखा था, राम जन्मभूमि पर कभी न जाने वाले नेहरू, इंदिरा, राजीव और राहुल- सभी बाबर की कब्र के आगे झुके हैं. राम को काल्पनिक बताने वाले असली श्रद्धांजलि बाबर को देते हैं. तब भी उनके बयान पर खूब बवाल मचा था. लेकिन सवाल यही कि क्या सच में ये नेता बाबर की कब्र पर सजदा करने गए थे?
Rahul Gandhi stands in front of the tomb Babur in Kabul AFGHANISTAN
दावा किया जा रहा कि राहुल गांधी काबुल में बाबर की कब्र पर गए थे.
नटवर सिंह की किताब ने खोला पन्ना
कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने अपनी किताब ‘वन लाइफ इज नॉट इनफ’ में लिखा है कि नेहरू ही नहीं, इंदिरा, राजीव और राहुल गांधी तक, हर पीढ़ी अफगानिस्तान जाकर बाबर की कब्र पर सिर झुकाती रही है. उन्होंने यह भी बताया कि उस दौर में अफगानिस्तान की सरकार के आग्रह पर भारतीय प्रधानमंत्री वहां गए थे.
कब-कब कौन गया
देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू 1959 में अफगानिस्तान गए थे. वहां उन्होंने बाबर के मकबरे पर फूल चढ़ाए. फिर 1968 में उनकी बेटी इंदिरा गांधी ने वही किया. 1976 में राजीव गांधी पहुंचे और उन्होंने भी बाबर की कब्र पर श्रद्धांजलि दी. 2005 में राहुल गांधी भी तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ वहां गए और बाबर के मकबरे पर सिर झुकाया. यानी चार पीढ़ियों तक गांधी परिवार अफगानिस्तान जाकर उस शासक को नमन करता रहा जिसने भारत पर हमला कर के सत्ता पाई थी. इन घटनाओं को कई इतिहासकार ‘राजनयिक शिष्टाचार’ मानते हैं, लेकिन योगी आदित्यनाथ जैसे नेताओं के अनुसार यह सांस्कृतिक असंवेदनशीलता का प्रतीक है.
