क्यों DSP गौतम अपनी महिला दोस्त को इतनी सुविधाएं प्रदान करते थे, खुले कई राज, सिलीगुड़ी में मिला आलिशान

किशनगंज के डीएसपी गौतम कुमार के आय से अधिक संपत्ति मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने सिलीगुड़ी में उनकी महिला मित्र के नाम पर खरीदे गए पांच करोड़ के बंगले की जांच की। चार दिनों से कैंप कर रही टीम को बंगले के अंदर मंदिर मिला।

डीएसपी गौतम के पांच करोड़ के बंगले की जांच।

सिलीगुड़ी में महिला मित्र के नाम पर संपत्ति।

नेपाल और अन्य बेनामी संपत्तियों की तलाश जारी।

किशनगंज। आय से अधिक संपत्ति मामले में फंसे किशनगंज के डीएसपी गौतम कुमार की कथित काली कमाई का सच धीरे-धीरे सामने आ रहा है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम ने बुधवार को डीएसपी के महिला मित्र के नाम से सिलीगुड़ी में खरीदे गए लगभग पांच करोड़ रुपये मूल्य के बंगले में जांच की। इस दौरान बंगले के अंदर एक मंदिर और मुख्य द्वार पर भगवान गणेश की तस्वीर भी देखने को मिली।

सिलीगुड़ी बंगला में हुई जांच
ईओयू की टीम सिलीगुड़ी में पिछले चार दिनों से कैंप कर रही थी। मंगलवार को ही बंगले की प्रारंभिक खोज पूरी की गई थी। इसके बाद न्यायालय से सर्च वारंट लेकर ईओयू के एसपी इंद्रप्रकाश के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम ने बंगाल पुलिस के सहयोग से विस्तृत जांच अभियान चलाया।

जांच के दौरान बंगले में विशेष सामग्री नहीं मिली। पलंग, कुर्सी, टेबल और पंखा के अलावा कोई उल्लेखनीय चीज हाथ नहीं लगी। हालांकि बंगले के अंदर एक मंदिर स्थापित था। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब सात महीने पहले डीएसपी गौतम अपने परिवार के साथ आकर गृह प्रवेश पूजा-अर्चना कर चुके थे।

तीन कट्ठा जमीन में बना आलीशान बंगला
सिलीगुड़ी के एनबी विश्वविद्यालय कैंपस के पास करीब तीन कट्ठा जमीन में स्थित बंगला पहले से ही तैयार था। इसे डीएसपी गौतम ने अपने मुस्लिम महिला मित्र के नाम पर खरीदा था। गौरतलब है कि बंगले के नाम पर दर्ज महिला मित्र भी इस केस में नामजद अभियुक्त है।

ईओयू के अधिकारी बताते हैं कि अन्य संपत्ति और बेनामी संपत्ति के संबंध में भी पता लगाया जा रहा है। जांच अनवरत जारी है। टीम अब नेपाल में भी महिला मित्र की संपत्ति का पता लगाने में जुटी हुई है।

नेपाल व अन्य संपत्ति की तलाश
जानकारी के अनुसार, डीएसपी गौतम ने नेपाल में भी महिला मित्र के नाम से संपत्ति अर्जित की है। इसके अलावा सिलीगुड़ी में चाय बागान और हिलकार्ट रोड स्थित फ्लैट की भी जांच की जा रही है।

ईओयू के अनुसार इन सभी संपत्तियों का पता लगाकर यह देखा जा रहा है कि डीएसपी ने इन्हें कैसे अर्जित किया। टीम ने इस संबंध में दस्तावेज़, बैंक स्टेटमेंट और अन्य वित्तीय जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है।

किशनगंज में भी चल रही जांच
ईओयू की एक टीम किशनगंज और आसपास के इलाके में भी जांच कर रही है। डीएसपी गौतम के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी पूरी तरह जुटा ली गई है। उनकी संपत्ति का आकलन करने के बाद ऐसे लोगों से पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने यह संपत्ति कहां से अर्जित की। इसके अलावा डीएसपी के मोबाइल और सिम के आधार पर तकनीकी जांच भी चल रही है। कुछ नंबरों को संदेहास्पद मानकर उन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आगे की कार्रवाई पर ध्यान
ईओयू का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। डीएसपी गौतम और उसके सहयोगियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और बेनामी संपत्ति के मामले में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस पूरे मामले में टीम ने तेज गति से कार्रवाई की है और सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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